पटना। बिहार में पैक्स के सहयोग कार्यरत गैर सरकारी संस्थाओं के सामाजिक कार्यकर्ता को कानून संबंधीजानकारी दी जारी है। दिल्ली बेस मल्टिपल एक्शन रिसर्च ग्रुप के द्वारा कानूनी संबंधी जानकारी दी जा रही है। चुनिंदा गैर सरकारी संस्थाओं को पैक्स के द्वारा सहयोग दिया जा रहा है। इनको खास मुद्दे पर कार्य करना है। इसके अलावे घरेलू हिंसा और भेदभाव पर भी कार्य करना है। इन मुद्दों पर सामाजिक कार्यकर्ताओं को समझ विकसित करने के उद्देश्य से पांच दिवसीय कानूनी संबंधी जानकारी दी जा रही है। आज प्रथम दिन कानून क्या है? इसके ऊपर जोरदार चर्चा की गयी। रोल प्ले, वीडियो, गीत, प्रेजेंटेशन और टाॅक के माध्यम से समझाने का प्रयास किया गया। सामाजिक कार्यकर्ताओं ने खुद की अपेक्षाएं भी रखे। समझा जाता है कि पांच दिनों के अंदर समाधान करने का प्रयास किया जाएगा। संविधान के अंतर्गत हमारे मौलिक अधिकार पर व्यापक चर्चा की गयी।
पटना। बेहतर ढंग से रिपोर्ट प्रेषित करने से कार्य में निखार आना स्वभाविक है। यह विचार नव नियुक्त परियोजना प्रबंधक का है। जो जिला समन्वयकों को संबोधित कर रहे थे। 7 जुलाई,2014 से प्रगति ग्रामीण विकास समिति से जुड़े हैं। इनके अधीन आठ जिले है। गया,जहानाबाद,नालंदा,बांका,अररिया,कटिहार , दरभंगा और भोजपुर। पैक्स से सहयोग लेकर भूमि अधिकार और स्वास्थ्य के ऊपर में कार्य किया जाता है। इसके अलावे मनरेगा,आरटीआई, घरेलू हिंसा, एससी/एसटी एक्ट और भेदभाव। परियोजना प्रबंधक ने विभिन्न प्रकार के फाॅमेंट बनाए हैं। जो कार्य को एकरूपता प्रदान करेंगा। हमलोग बहुत कार्य किए हैं। सभी कार्य को एकीकरण करने में पिछड़ गए हैं। वक्त की मांग है कि रिपोर्ट अघतन हो। किसी के द्वारा मांग करने पर तुरंत उपलब्ध करा सके। इस अवसर पर दरभंगा जिले के जिला समन्वयक बीके सिंह ने कहा कि आवासीय भूमिहीनों और वासभूमि के पर्चा देने वाले आवेदनों का फोलाअप करते हैं। इस संदर्भ में जन प्रतिनिधि और सरकारी पदाधिकारियों से वार्ता भी करते हैं। यह तय किया गया कि बिना कार्ययोजना के रिपोर्ट ग्रहण न किया जाए।
पटना। भूमि एवं राजस्व विभाग के प्रधान सचिव व्यास जी की अध्यक्षता में कोर टीम बनायी गयी है। इस कोर टीम में प्रगति ग्रामीण विकास समिति के सचिव प्रदीप प्रियदर्शी भी हैं। इनके नेतृत्व में कोर टीम के सदस्य गया और भोजपुर जिले का भ्रमण किए। ग्रासरूट पर दस्तावेज दुरूस्त करने पर बल दिए। आजीविका सहायता केन्द्र को सक्रिय बनाने का आह्वान किया। इस केन्द्र को पारदर्शी बनाएं। विभिन्न तरह की सूचनाओं को पोस्टर पेपर पर लिखकर दीवार पर टांगे। जो भी आवेदन सरकारी कार्यालय में प्रेषित किया गया है। उसे व्यवस्थित करें। कोर टीम के सदस्य प्रदीप प्रियदर्शी ने कहा कि गया,बक्सर, भोजपुर,खगडि़या,सीवान आदि का चयन किया गया है। प्रगति ग्रामीण विकास समिति, प्रयास ग्रामीण विकास समिति,देशकाल सोसायटी और कदम के सदस्य दौरा कर रहे हैं। प्रदीप प्रियदर्शी 20 जुलाई को गया और 24 जुलाई को भोजपुर गए थे। काफी समस्या है। सभी समस्याओं को निपटाने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि भोजपुर में 2011 में रैयती जमीन का पर्चा बना और 2012 में लाभुकों को दिया गया। बलीगांव में रहने वालों को लठैतों ने लाठी के बल पर खदेड़ दिए। अभी लोग इधर-उधर भटक रहे हैं। प्रगति ग्रामीण विकास समिति के 8 जिला समन्वयकों का आह्वान किए। आपके पास 15 प्रखंड हैं। अगर आप एक प्रखंड के 3 सौ आवासीय भूमिहीनों को आवासीय भूमि और 3 सौ वासगीत भूमि पर रहने वालों को वासगीत पर्चा दिला देंगे। तो आपलोग बहुत बड़ा कार्य कर देंगे। यह गरीबों के हितकारक कार्य होगा।
आलोक कुमार
बिहार

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