हिरोशिमा पर परमाणु बम हमले की 69वीं बरसी - Live Aaryaavart (लाईव आर्यावर्त)

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बुधवार, 6 अगस्त 2014

हिरोशिमा पर परमाणु बम हमले की 69वीं बरसी


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जापान के शहर हिरोशिमा में वर्ष 1945 में द्वितीय विश्वयुद्ध के दौरान अमेरिका की ओर से गिराए गए परमाणु बम की 69वीं बरसी मनाई गई। इस अवसर पर शांति की अपील की गई और मानवीय संबंधों के सम्मान पर जोर दिया गया। साथ ही परमाणु हथिरयारों को 'बुरी शक्ति' करार दिया गया। समाचार एजेंसी सिन्हुआ के अनुसार, घटना की 69वीं बरसी पर बुधवार को हिरोशिमा के पीस मेमोरियल पार्क में एक कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें जापान के प्रधानमंत्री शिंजो अबे, जापान में अमेरिका के राजदूत कैरोलाइन केनेडी, हिरोशिमा के मेयर काजुमी मात्सुई सहित कई शांति कार्यकर्ता मौजूद थे। कार्यक्रम में 69 साल पुरानी उस भयावह घटना में बच निकलने वाले और उसके पीड़ितों के वंशजों को संबोधित करते हुए अधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं ने कहा कि परमाणु हथियार एक ऐसी बुराई है, जो मातापिता से उनके बच्चों और उनके भविष्य के सपने छीन लेता है। 

मेयर ने कहा, "इस बुराई को समाप्त करने के लिए हमें राष्ट्रीयता, जाति, धर्म और मतभेदों से ऊपर उठकर मानवीय संबंधों को महत्व देना चाहिए और एक ऐसे विश्व का निर्माण करना चाहिए, जहां आगे बढ़ने की अनुमति हो।" अबे ने कहा, "युद्ध के दौरान परमाणु हमले का शिकार होने और उसकी भयावहता का अनुभव करने वाले एकमात्र देश होने के नाते यह जापान की जिम्मेदारी है कि वह विश्व को परमाणु हथियार से मुक्त करने का काम करे और आने वाली पीढ़ियों तथा विश्व को इसकी क्रूरता से अवगत कराए।"

द्वितीय विश्वयुद्ध में जापान को आत्मसमर्पण कराने के लिए अमेरिकी सेना ने छह अगस्त 1945 को हिरोशिमा पर परमाणु बम गिराया था, जिसमें 1,40,000 लोगों की मौत हो गई थी।  इसके तीन दिन बाद नौ अगस्त को नागासाकी पर ऐसा ही हमला किया था, जिसके बाद जापान ने संयुक्त सेना के सामने 15 अगस्त को समर्पण कर दिया था, जिसके साथ ही विश्वयुद्ध समाप्त हो गया था। 

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