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रविवार, 3 अगस्त 2014

मोदी का हस्तक्षेप न करने का वादा, 1 अरब डॉलर कर्ज की पेशकश




modi in nepal
प्रधानमंत्री बनने के बाद दूसरे पड़ोसी मुल्क नेपाल की यात्रा पर पहुंचे नरेंद्र मोदी ने रविवार को जहां नेपाल को आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप नहीं करने का वादा किया, वहीं भारत की ओर से 1 अरब डॉलर का कर्ज मंजूर किया। उन्होंने कहा कि नई दिल्ली हिमालय की गोद में बसे देश नेपाल के साथ नया रिश्ता कायम करने के लिए प्रतिबद्ध है। मोदी 17 वर्षो बाद नेपाल की यात्रा करने वाले पहले प्रधानमंत्री हैं।  मोदी ने नेपाली प्रधानमंत्री सुशील कोईराला के साथ रविवार अपराह्न् यहां मुलाकात की। दोनों नेताओं के बीच 30 मिनट की बैठक के बाद दोनों देशों के बीच प्रतिनिधिमंडल स्तर की बातचीत शुरू हुई।

कैबिनेट के एक सूत्र ने बताया कि मोदी-कोईराला की बैठक में द्विपक्षीय और क्षेत्रीय मुद्दों सहित कई सारे मुद्दों पर चर्चा हुई। मोदी ने रविवार को नेपाल को एक अरब डॉलर के आसान ऋण (लाइन ऑफ क्रेडिट) की पेशकश की। नेपाल के वित्त मंत्री राम सरण महाट ने संवाददाताओं से कहा कि इस राशि का उपयोग सड़क और पनबिजली परियोजना सहित ऐसी परियोजनाओं के लिए किया जाएगा, जिस पर दोनों देशों की सहमति हो। बैठक के बाद महाट ने कहा, "भारतीय प्रधानमंत्री ने इस आसान ऋण की पेशकश की, जिसे हमने खुशी-खुशी स्वीकार कर लिया।" दोनों देशों के अधिकारी बाद में एक बैठक में परियोजनाओं तथा ब्याज दर पर फैसला करेंगे।

अभी तक भारत ने नेपाल को 35 करोड़ डॉलर आसान ऋण दिया है, जिसकी शुरुआत 2006 में हुई है। इसका उपयोग मुख्यत: सड़क विस्तार और पारेषण लाइनें बिछाने तथा अन्य परियोजनाओं में हो रहा है। नेपाल ने एक बयान जारी कर कहा, "भारत सरकार ने एक अरब डॉलर का आसान ऋण देने और नेपाली छात्रों के लिए छात्रवृत्ति की संख्या बढ़ाने की घोषणा की। आसान ऋण का उपयोग अधोसंरचना विकास और ऊर्जा परियोजनाओं में होगा, जिसकी पहचान नेपाल सरकार करेगी।" नेपाली नेताओं के साथ द्विपक्षीय वार्ता के बाद में मोदी ने संसद को हिंदी में संबोधित करने से पहले नेपाली बोलकर लोगों का दिल जीत लिया। उन्हें नेपाली बोलते देख सांसदों ने मेजें थपकाकर खुशी जताई।

उन्होंने धर्म से लेकर राजनीति और कूटनीति से लेकर जड़ी-बूटी और सूचना तकनीक से लेकर बुनियादी ढांचा तक पर चर्चा की। उन्होंने कहा, "हमारा मानना है कि हम आपके काम में दखल नहीं दें बल्कि आप जो रास्ता अपनाने का फैसला लेंगे उसमें सहयोग करें।" इससे पहले मोदी का रविवार को काठमांडू पहुंचने पर शानदार स्वागत हुआ।  भारत के साथ गर्मजोशी से भरे संबंधों की तरफ इशारा करते हुए प्रधानमंत्री कोईराला ने प्रोटोकॉल तोड़ते हुए त्रिभुवन अंतर्राष्ट्रीय हवाईअड्डे पर मोदी की अगवानी की।

भारतीय वायुसेना के विमान से उतरने के बाद मोदी ने त्रिभुवन अंतर्राष्ट्रीय हवाईअड्डे पर कोईराला और अन्य नेपाली नेताओं से हाथ मिलाया। कोईराला ने उन्हें गुलदस्ता भेंट किया।  हवाईअड्डे पर उनका स्वागत उप प्रधानमंत्री द्वय बामदेव गौतम और प्रकाश मान सिंह, संसद अध्यक्ष सुबास चंद्र नेमबांग और विदेश मंत्री महेंद्र बहादुर पांडे सहित कई मंत्रियों ने भी किया।  इसके बाद सेना ने उन्हें 'गार्ड ऑफ ऑनर' दिया। दोनों ही देशों के राष्ट्रगान बजाए गए। 

मोदी इसके बाद हयात रिजेंसी होटल के लिए रवाना हुए। हवाईअड्डे से दो किलोमीटर के इस मार्ग के दोनों तरफ हजारों नेपाली जनता ने भारत व नेपाल के झंडे के साथ उनका अभिवादन किया। रास्ते में कई लोग मेहराब लिए खड़े थे।  काठमांडू में शिक्षण संस्थान सोमवार को बंद रहेंगे। सोमवार को मोदी स्वदेश रवाना होने से पहले पशुपतिनाथ के दर्शन करेंगे।  मोदी ने नेपाल पहुंचते ही अपना काम शुरू कर दिया। 

सबसे पहले उन्होंने 17 साल तक उनकी देखरेख में रहे नेपाली नागरिक जीत बहादुर सारु मागर को उसके परिवार वालों से मिलाया। हयात रिजेंसी होटल में उसके भाई और बहन मौजूद थे। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता सैयद अकबरुद्दीन ने ट्वीट किया, "परिवार एक हुआ। नरेंद्र मोदी की वजह से मागर और उनका परिवार एक हुआ।" मोदी ने नेपाल में भूस्खलन का शिकार हुए लोगों के प्रति संवेदना प्रकट की। 

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