नरकटियागंज (बिहार) की खबर (02 अगस्त) - Live Aaryaavart (लाईव आर्यावर्त)

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शनिवार, 2 अगस्त 2014

नरकटियागंज (बिहार) की खबर (02 अगस्त)



अधिकारी, कर्मी और बिचैलिये लगा रहे सरकारी राजस्व को चूना

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नरकटियागंज(पच) जिला के निबंधन कार्यालयों में सरकारी राजस्व को चूना लगाने में अधिकारी व कर्मियों को बिचैलियों का पूर्ण सहयोग प्राप्त है। उल्लेखनीय है कि बिचैलियों और अधिकारियों की मिली भगत का खुलासा करने के उद्देश्य से एक संवाददाता ने अवर निबंधन कार्यालय शिकारपुर की कुछ तस्वीरे लेनें की कोशिश की तो उसके साथ धक्का-मुक्की और दुव्र्यवहार किया गया। घटना के संबंध में शिकारपुर थाना काण्ड संख्या 145/14 दर्ज है। पत्रकार के साथ हुई घटना के दो-तीन दिन पहले रात्री में हुई हंगामा को लेकर शिकारपुर थानाध्यक्ष आनन्द कुमार सशस्त्रबल के साथ पहुँचे और रात्री में निबंधन कार्य को देख आश्चर्य व्यक्त करते देखे गये, उन्होंने बताया कि वहाँ आये दिन ऐसा होता रहता है। कार्यालय खुला होता है अधिकारी अपने आवास पर होती है और उनके पति कार्यालय का काम संपादित करते है। इस संबंध में कार्यालय कर्मी रामानन्द दास ने जिला अवर निबंधन पदधिकारी को पत्र लिखा तो उनके साथ तीन कर्मियों का वेतन तक रोक दिया गया, काफी पत्राचार के बाद वेतन निर्गत किया गया। अलबŸाा एक कनीय लिपिक के साथ निबंधन कार्यालय में मारपीट की गयी। इस संबंध में शिकारपुर थाना में उभयपक्षीय मामला दर्ज हैं। कार्यालय कर्मियों का कहना है कि अवर निबंधक के पति द्वारा कार्यालय के कार्यो में हस्तक्षेप गैरकानूनी है। इतना ही नहीं अवर निबंधन कार्यालय में अधिकारी व उनके पति द्वारा कार्यालय में बिचैलियों से काम लिया जा रहा है। जिससे कार्यालय के हालात् एक करेला दूजा नीम चढा वाली हो गये है। कार्यालय में सरकारी राजस्व को चूना लगाने का खेल कतिपय कर्मियों और अधिकारी की मिली भगत से जारी है। उल्लेखनीय है कि शिकारपुर अवर निबंधन कार्यालय शिकारपुर में दिनांक 23 जुलाई 2014 को गौनाहा अंचल व थाना क्षेत्र के मौजा मंझरिया वीरेश्वर प्रसाद शुक्ल दस्तावेज संख्या 7680 टोकन संख्या 7965 थाना नम्बर 55 खाता 82 खेसरा 222 की जमीन जिसका रकबा 13 कट्ठा 9 धूर है, ने महम्मद यासिन मियाँ को बेंचा। केवल इस निबंधन में 7 लाख 31 हजार रूपये की सरकारी राजस्व की क्षति हुई है। ज्ञात हो कि (एमभीआर) न्युनतम मार्गदर्शक पंजी में उक्त जमीन की मूल्य 20 लाख 90 हजार है जबकि उसे दस्तावेज में 13 लाख 59 हजार दर्शाया गया है। गौरतलब है कि सरकारी खेसरा पंजी में उक्त भूमि आवासीय दर्शाया गया है जबकि उसका निबंधन चन्द रूपयों की लालच में सिंचींत दिखा कर कार्यालय के जाँचकर्मी ने हजारों रूपये का वारान्यारा किया है। कार्यालय के सूत्रों के अनुसार उस समय कार्यालय में अवर निबंधक के पति मौजूद रहकर कार्यालयकर्मियों से उक्त कार्य को अंजाम दिलाया। उसी दिन लौरिया अंचल की कुन्ती देवी ने अपनी जमीन शंकर साह को बेंचा एमभीआर के अनुसार उस जमीन की कीमत 5 लाख होनी चाहिए किन्तु उसे दस्तावेज संख्या 1081 टोकन नम्बर 7955 में एम भी आर के विरूद्ध महज डेढ लाख दर्शा कर सरकारी राजस्व साढे तीन लाख की चपत लगायी गयी है। ये मामले सिर्फ एक दिन के है, ऐसे न जाने कितने मामले अवर निबंधन कार्यालयों में प्रतिदिन होते होंगे, यह तो जाँचोपरान्त ही सामने आएँगे।

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