कमजोर मुद्रा मुद्रण क्षमता पर राष्ट्रपति ने जताई चिंता - Live Aaryaavart (लाईव आर्यावर्त)

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रविवार, 24 अगस्त 2014

कमजोर मुद्रा मुद्रण क्षमता पर राष्ट्रपति ने जताई चिंता


pranab mukherjee
मुद्रा छापने के लिए कागज और स्याही उत्पादन करने में भारत की अक्षमता पर चिंता जताते हुए राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने रविवार को कहा कि सामग्री का आयात ही जाली भारतीय मुद्रा छापने के तरीके को बढ़ावा देता है। 

पश्चिम बंगाल के हावड़ा जिले के शिबपुर में स्थित इंस्टीच्यूट ऑफ इंजीनियरिंग साइंस एंड टेक्नोलॉजी (आईआईईएसटी) में एक कार्यक्रम का उद्घाटन करते हुए राष्ट्रपति ने हैरानी जताई कि आखिर दूसरे देशों का उपग्रह अंतरिक्ष में भेजने वाला भारत क्यों मुद्रा के मुद्रण में पीछे है।

उन्होंने कहा, "मुझे हैरत है कि कैसे एक देश जो तकनीकी रूप से इतना उन्नत है कि उसकी उपग्रह प्रणाली दूसरे देशों के उपग्रह का प्रक्षेपण कर सकती है वह जाली मुद्रा छापकर अर्थव्यवस्था को तबाह करने वाले शरारती तत्वों के लिए चारागाह बना हुआ है।"

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