भारत-चीन संबंधों को नया आयाम देने और निवेश की संभावनाएं तलाशने के लिए चीन के राष्ट्रपति शी चिनफिंग आज से तीन दिनों के भारत दौरे पर अहमदाबाद एयरपोर्ट पहुंचे। यहां गुजरात की मुख्यमंत्री आनंदी बेन पटेल और राज्यपाल ओपी कोहली ने उनका स्वागत किया। इस अवसर पर शी को गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। शी के साथ उनकी पत्नी भी आई हैं।
चीनी राष्ट्रपति एयरपोर्ट से सीधा होटल हयात पहुंचे जहां पीएम मोदी ने उनका स्वागत किया। यहां दोनों नेताओं के बीच अनौपचारिक बातचीत हुई और फिर गुजरात सरकार और चीनी प्रांतों के बीच तीन समझौते पर हस्ताक्षर हुए। पहला समझौता ग्वांगडोंग प्रांत से, दूसरा ग्वांगझाओ प्रांत से ट्रेनिंग समझौता और तीसरा चीन डेवलपमेंट बैंक और जीआईडीसी के बीच इंडस्ट्रीयल पार्क के लिए समझौते पर हस्ताक्षर हुए।
यहां से शी मोदी के साथ साबरमती गांधी आश्रम गए। जहां सूत की माला से उनका स्वागत किया गया। यहां उन्होंने महात्मा गांधी के जीवन से जुड़ी चीजों का अवलोकन किया। वहां खुद प्रधानमंत्री मोदी ने शी को आश्रम से जुड़ी चीजों के बारे में बताया। शी ने यहां सूत काटे। उन्हें महात्मा गांधी से जुड़े कुछ तोहफे भी दिए गए। आश्रम के अवलोकन के बाद शी ने विजिटर बुक पर हस्ताक्षर किए। मोदी चिनफिंग को आश्रम का दौरा कराते रहे और इसकी खूबियां बताते रहे। इस दौरान चिनफिंग थोड़ी देर के लिए गांधी जी के चरखे के पास भी बैठे। आश्रम का दौरा करने के बाद चिनफिंग ने साबरमती आश्रम की स्मारिका किताब में स्मरण भी लिखा। इस दौरान साबरमती आश्रम में पारंपरिक नृत्य और संगीत चलता रहा। दौरा करने के बाद मोदी ने चिनफिंग को उपहार भी भेंट किए। इसके बाद चिनफिंग अपनी पत्नी के साथ साबरमती रिवरफ्रंट पर पहुंचे। यहां मोदी ने शी और उनकी पत्नी को घुमाया। इस दौरान कई जगहों पर गुजराती नृत्य व गायन के साथ चीनी राष्ट्रपति का स्वागत किया गया। यहां पूरे गुजरात की संस्कृति को दर्शाते हुए सजावट की गई है।
मोदी चीन के राष्ट्रपति शी चिनफिंग के भारत दौरे से बेहद उत्साहित है। उनका कहना है कि रिश्तों की मजबूती के लिए भारत-चीन को एक-दूसरे की चिंताओं को समझना होगा। बराबरी के आधार उनका समाधान खोजना होगा। द्विपक्षीय हितों का ख्याल रखना होगा। चिनफिंग का स्वागत करने अहमदाबाद पहुंचे पीएम ने उम्मीद जताई कि चीनी राष्ट्रपति के भारत दौरे से दोनों देशों की दोस्ती में नए युग की शुरुआत होगी। चिनफिंग ने मोदी की जमकर तारीफ करते हुए उन्हें नई सोच का नेता बताया।
चिनफिंग संभवत: पहले ऐसे राष्ट्राध्यक्ष होंगे, जिन्होंने अपने दौरे की शुरुआत गुजरात से की है। अहमदाबाद के बाद 18 सितंबर को नई दिल्ली में भी मोदी और शी के बीच शिखर वार्ता होगी। चीन के राष्ट्रपति भारी भरकम प्रतिनिधिमंडल के साथ भारत आ रहे हैं। इसमें वहां के वाणिज्य मंत्री के अलावा चीनी कम्युनिस्ट पार्टी की पोलित ब्यूरो के दो प्रमुख सदस्य भी शामिल हैं। अपने दौरे में राष्ट्रपति शी भारत में बड़े पैमाने पर निवेश की घोषणा कर सकते हैं।
उधर चीन के राष्ट्रपति शी चिनफिंग के भारत दौरे का विरोध शुरू हो गया है। तिब्बत में चीन की दमनकारी नीतियों के खिलाफ और तिब्बत की आजादी की मांग को लेकर दिल्ली में रह रहे तिब्बती शरणार्थियों ने शी चिनफिंग के भारत दौरे का जमकर विरोध किया। तिब्बतियों ने मजनूं के टीले पर विरोध प्रदर्शन किया। इसके अलावा हिंदू सेना ने भी जंतर-मंतर पर चीनी राष्ट्रपति के दौरे का विरोध किया। हिंदू सेना भारतीय क्षेत्र में चीनी सेना के घुसपैठ के विरोध में यह प्रदर्शन कर रही है।
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