महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव के लिए शिवसेना की ओर से आई 119 सीटों की ताजा पेशकश को ठुकराते हुए भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने कहा है कि इस 'भगवा गठजोड़' को बचाने के लिए वह पिछले 25 वर्षो से त्याग करती चली आ रही है, इस पर शिवसेना को गौर करना चाहिए। अपने रुख में नरमी लाते हुए प्रदेश भाजपा ने कहा है कि इस मुद्दे पर कोई अंतिम फैसला करने से पहले शिवसेना के पास नया तालमेल फार्मूला भेजने का फैसला लिया गया है। भाजपा के वरिष्ठ नेता सुधीर मुनगंतिवार ने संवाददाताओं से कहा कि पार्टी कोर कमेटी की बैठक में ध्वनिमत से सेना के साथ गठबंधन जारी रखने की इच्छा व्यक्त की गई है।
मुनगंतिवार ने कहा, "गठबंधन बचाने के लिए हम पहले से ही बड़ा दिल रखते आए हैं। जब शिवसेना ने शरद पवार को प्रधानमंत्री के रूप में पेश करने की इच्छा जाहिर की थी। तब हमने कोई आपत्ति नहीं की। इसी तरह जब उसने राष्ट्रपति के चुनाव में प्रतिभा पाटिल और प्रणब मुखर्जी का समर्थन करने का फैसला लिया था तो हमने अपनी साझेदारी और राज्य की जनता के हित में इसमें दखल नहीं दी थी।"
विधानसभा में विपक्ष के नेता एकनाथ खड़से ने आगे कहा कि पिछले कुछ वर्षो से भाजपा ने लोकसभा में अपने कब्जे की कम से कम छह सीटें और राज्यसभा में एक सीट शिवसेना को दी, लेकिन बदले में उसे विधानसभा में एक भी सीट नहीं मिली। खड़से ने कहा, "इस बार हम उन सीटों के बारे में बात कर रहे हैं जो न तो शिवसेना के पास रही न ही भाजपा के पास है। भाजपा राह बनाने का प्रयास कर रही है और इसमें विफलता का लाभ कांग्रेस-राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी को मिलेगा।"

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