20 सितम्बर को वारासिवनी में फसल बीमा राशि का प्रमाण पत्र वितरण समारोह
- कृषि मंत्री करेंगें बीमा राशि का वितरण, 7201 किसानों को मिली 61.11 लाख रु. की बीमा राशि
अब तक किसानों के मन में यह भ्रांति रही है कि फसलों का बीमा कराने के बाद उसका कोई लाभ नहीं मिलता है। किसानों की इसी भ्रांति को खत्म करने एवं उन्हें फसल बीमा कराने के प्रति जागरूक करने के मकसद से आगामी 20 सितम्बर को वारासिवनी में किसानों के लिए फसल बीमा राशि के प्रमाण पत्र वितरण का कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है। इस कार्यक्रम में म.प्र. शासन के किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री श्री गौरीशंकर बिसेन द्वारा किसानों को बीमा राशि का वितरण किया जायेगा। वर्ष 2013 में जिले के जिन किसानों ने खरीफ फसलों का बीमा कराया था, उन्हें फसल के नुकसान के अनुसार बीमा कंपनी द्वारा बीमा राशि मंजूर की गई है। जिले के 7 हजार 201 किसानों को 61 लाख 11 हजार रु. की बीमा राशि प्राप्त हुई है। यह राशि सहकारी बैंक एवं राष्ट्रीयकृत बैंक के खाता धारक किसानों के खाते में जमा करा दी गई है। वारासिवनी में 2200 किसानों को समारोह पूर्वक बीमा राशि का वितरण प्रमाण पत्र प्रदान किया जायेगा। इनमें से अधिकांश किसान सहकारी बैंक के खाताधारक है। बीमा राशि प्रमाण पत्र वितरण कार्यक्रम में किसानों को लाने एवं वापस ले जाने के लिए संबंधित सहकारी बैंक द्वारा वाहन की व्यवस्था की गई है। वारासिवनी के क्लब ग्राउंड में यह कार्यक्रम 20 सितम्बर को दोपहर 12 बजे से प्रारंभ होगा। इस अवसर पर किसानों को कृषि से संबंधित कृषि, पशुपालन, मत्स्योद्योग, रेशम, उद्यान विभाग द्वारा संचालित योजनाओं की जानकारी देने के लिए स्टाल भी लगाये जायेंगें।
कृषि महोत्सव की तैयारी के लिए कृषि मंत्री ने ली अधिकारियों की बैठक
- 25 सितम्बर से 20 अक्टूबर तक गांव-गांव भ्रमण करेगा क्रृषि क्रांति रथ
किसानों को कृषि संबंधी योजनाओं एवं कार्यकमों की नवीनतम जानकारी देने एवं किसानों की समस्याओं को सुनने व समझने के लिए आगामी 25 सितम्बर से 20 अक्टूबर 2014 तक जिले में भी कृषि महोत्सव मनाया जायेगा। इस महोत्सव के अंतर्गत कृषि क्रांति रथ जिले के गांव-गांव में भ्रमण करेगा। जिले में कृषि महोत्सव के आयोजन की तैयारियों की समीक्षा के लिए आज म.प्र. शासन के किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री श्री गौरीशंकर बिसेन ने अधिकारियों की बैठक लेकर उन्हें आवश्यक दिशा निर्देश दिये। बैठक में जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती कुंती धुर्वे, कलेक्टर श्री व्ही. किरण गोपाल, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री तरूण राठी, सहायक कलेक्टर श्री सोमेश मिश्रा एवं अन्य विभागों के अधिकारी मौजूद थे। कृषि मंत्री श्री बिसेन ने बैठक में अधिकारियों से कहा कि कृषि महोत्सव केवल कृषि विभाग का कार्यक्रम नहीं है। इसमें कृषि से जुड़े विभागों के अलावा ग्रामीण विकास विभाग एवं राजस्व विभाग का भी सहयोग रहेगा। 25 सितम्बर से प्रारंभ होकर 20 अक्टूबर तक चलने वाले इस महोत्सव के अंतर्गत जिला स्तर एवं विकासखंड स्तर पर कृषि सम्मेलन का आयोजन किया जाना है। कृषि क्रांति रथ इस अवधि में जिले के गांव-गांव में भमण करेगा और किसानों को योजनाओं की जानकारी देगा। यह रथ एक दिन में तीन गांव का भ्रमण करेगा और दिन के अंतिम गांव में रात्री विश्राम करेगा। रात्री विश्राग वाले ग्राम में किसान संगोष्ठी का आयोजन किया जायेगा एवं रात्री में सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आयोजित किये जायेंगें। कृषि मंत्री श्री बिसेन ने बैठक में कहा कि कृषि महोत्सव कार्यक्रम सभी विभागों का कार्यक्रम है और किसानों की भलाई के लिए चलाया जाने वाला कार्यक्रम है। इस महोत्सव के दौरान उद्यान विभाग द्वारा किसानों को उद्यानिकी फसलों के पौधों का वितरण किया जायेगा। ग्रामीण विकास विभाग द्वारा निर्मल भारत अभियान के अंतर्गत शौचालय निर्माण कार्य कराया जायेगा। मत्स्योद्य विभाग द्वारा मछुआरों को क्रेडिट कार्ड एवं अनुदान राशि का वितरण किया जायेगा। पशु चिकित्सा सेवा विभाग द्वारा ग्राम स्तर पर पशुओं के उपचार के लिए शिविर लगाये जायेंगें। महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा आंगनवाड़ी केन्द्रों में बच्चों का टीकाकरण अभियान चलाया जायेगा और राजस्व विभाग द्वारा अभियान चलाकर किसानों के नामांतरण एवं सीमांकन के प्ररकणों का निराकरण भी किया जायेगा। उप संचालक कृषि श्री जे.एस. गुर्जर ने बैठक में बताया कि जिले में कृषि महोत्सव के लिए सभी तैयारियां पूर्ण कर ली गई है। किसान क्रांति रथ के भ्रमण का रूट चार्ट तैयार कर लिया गया है। इस महोत्सव के दौरान कृषि विभाग के मैदानी अमले द्वारा गांवों में स्थित कृषि आदान सामग्री की दुकानों का निरीक्षण किया जायेगा तथा उनसे उर्वरक एवं कीटनाशक दवाओं के नमूने जांच के लिए एकत्र किये जायेंगें। इस दौरान गांवों के दूकान संचालकों को गुणवत्ता युक्त कृषि आदान सामग्री विक्रय के लिए मार्गदर्शन दिया जायेगा।
जल एवं स्वच्छता मिशन की बैठक में निर्मल भारत अभियान की हुई समीक्षा
कलेक्टर श्री व्ही. किरण गोपाल की अध्यक्षता में आज जिला जल एवं स्वच्छता मिशन की बैठक का आयोजन किया गया था। इस बैठक में निर्मल भारत अभियान के अंतर्गत शौचालय निर्माण एवं ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल व्यवस्था पर चर्चा की गई। बैठक में जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती कुंती धुर्वे, जनपद पंचायत लांजी, बालाघाट, कटंगी, खैरलांजी के अध्यक्ष, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री तरूण राठी, सहायक कलेक्टर श्री सोमेश मिश्रा, निर्मल भारत अभियान के नोडल अधिकारी श्री धनंजय मिश्रा एवं अन्य विभागों के अधिकारी मौजूद थे। बैठक में बताया गया कि जिले में 25 सितम्बर से 19 नवम्बर तक म.प्र. स्वच्छता अभियान चलाया जायेगा। इस अभियान के अंतर्गत जिले के ग्रामीण एवं शहरी स्कूलों में 25 सितम्बर को स्वच्छता मित्र प्रतिज्ञा का आयोजन किया जायेगा। 25 सितम्बर को ही विशेष ग्राम सभा का आयोजन किया जायेगा। 29 सितम्बर को मलाजखंड में बैहर, बिरसा व परसवाड़ा विकासखंड के तथा 10 अक्टूबर को नूतनकला निकेतन बालाघाट में बालाघाट, वारासिवनी, किरनापुर, लांजी, लालबर्रा, कटंगी, खैरलाजी के सरपंचों का प्रशिक्षण आयोजित किया जायेगा। 02 अक्टबूर को गांधी जयंती के अवसर पर विशेष ग्राम सभा में हेंडवाश यूनिट का प्रस्ताव पारित किया जायेगा। 15 अक्टूबर को शालाओं में विश्व हाथ धुलाई दिवस का आयोजन किया जायेगा। बैठक में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री तरूण राठी ने बताया कि व्यक्तिगत शौचालय निर्माण के लिए जिले में अब तक 21 करोड़ 74 लाख रु. प्रदाय की जा चुकी है। वर्ष 2012-13 से अगस्त 2014 तक बी.पी. के 12 हजार 951 तथा ए.पी.एल. के 15 हजार 121 परिवारों के यहां पर पक्के शौचालय बनाये जा चुके है। वर्ष 2014-15 में खुले में शौच से मुक्त 100 ग्राम बनाने का लक्ष्य रखा गया है। इसमें प्रत्येक विकासखड से 10-10 ग्राम शामिल किये गये है। बैहर विकासखंड में भंडेरी, मोहबट्टा, मोवाला, करेली, खोलवा, कदला, पांडूतला, जत्ता, बम्हनी, बिरवा, बालाघाट विकासखंड में रोशना, हरदोली, केशलेवाड़ा, पाद्रीगंज, देवरी, समनापुर, बटुवा, चरेगावं, ओरम्हा, कुम्हारी, बिरसा विकासखंड में झामूल, केंडाटोला, मंडई, निक्कुम, रमगढ़ी, सुरवाही, छपला, रघोली, हर्राभाट, सलघट, कटंगी विकासखंड में गोरेघाट, पौनिया, अगासी, वरूड, हरदोली, जमुनिया, कन्हड़गांव, बोलडोंगरी, कामठी, चिकमारा, खैरलांजी विकासखंड में गुडरूघाट, भेंडारा, टेकाडीघाट, अमई, कटोरी, सालेटेका, आरंभा, भौरगढ़, खुरसीपार, नवेगांव-3, किरनापुर विकासखंड में बड़गांव, हिर्री, कोस्ते, पाला, नक्शी, धड़ी, लवेरी, सिवनीखुर्द, सेवती, मुंडेसरा, लालबर्रा विकासखंड में बघोली, बकोड़ा, बल्हारपुर, कंजई, नेवरगांव-ला., बोरी, बिरसोला, नेवरगांव-वा., पाथरी, ददिया, लांजी विकासखंड में बम्हनवाड़ा, देवलगांव, कलपाथरी, साडरा, पालडोंगरी, कोचेवाही, रिसेवाड़ा, उमरी, ककोड़ी, दुल्हापुर तथा परसवाड़ा विकासखंड में खरपड़िया, भीकेवाड़ा, कुमादेही, उकवा, मोहगावं-पा., लिंगा, उड़दना, सहेजना, मोहनपुर व चालिसबोड़ी को खुले में शौच से मुक्त गांव बनाने का लक्ष्य रखा गया है। बैठक में बताया गया कि शौचालय निर्माण के लिए परिवार को 4600 रु. का प्रोत्साहन राशि प्रदान की जायेगी। शौचालय के लिए मनरेगा के अंतर्गत पूर्व में 4400 रु. का प्रावधान था, जो 0 अप्रैल 2014 से बढ़कर 5400 रु. हो गया है। शौचालय बनाने के लिए हितग्राही को 900 रु. का अंशदान करना होगा। शौचालय बनाने के बाद परिवार का मुखिया चाहेगा तो 4600 रु. की प्रोत्साहन राशि उसके बैंक खाते में जमा कराई जा सकती है। बैठक में लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के कार्यपालन यंत्री श्री वैद्य ने ग्रामीणों को बताया कि यदि ग्रामीण नल-जल योजना की कुल लागत की मात्र 3 प्रतिशत राशि जमा करा दें तो उनके ग्राम में नल-जल योजना मंजूर कर दी जायेगी। ग्रामीणों द्वारा जमा की गई राशि बाद में वापस कर दी जायेगी। नल-जल योजना का बिजली बिल भी प्रदेश सरकार देगी।
आई.टी.आई. में प्रवेश के लिए 19 सितम्बर को जमा करना होगा आवेदन
शासकीय आई.टी.आई. में रिक्त स्थानों पर प्रवेश की नयी प्रक्रिया के तहत कोई भी आवेदक जो प्रवेश का इच्छुक है वह संबंधित संस्था में 19 सितम्बर 2014 को आवेदन फार्म भरकर जमा कर सकता है। आई.टी.आई. बालाघाट के प्राचार्य श्री जी.एस. छौंकर ने बताया कि जिन आवेदकों ने पूर्व में रजिस्ट्रेशन करा लिया है उन्हें च्वाईश फिलिंग के लिए 50 रु. की राशि संबंधित संस्था में आवेदन के साथ जमा कराना होगा। जिन आवेदकों ने पूर्व में रजिस्ट्रेशन नहीं किया है उन्हें रजिस्ट्रेशन तथा च्वाईश फिलिंग दोनों के लिए 100 रु. की राशि आवेदन पत्र के साथ संबंधित संस्था में जमा कराना होगा। आवेदन पत्र का फार्मेट वेवसाईट www.mponline या mpdt.nic.in पर प्रदर्शित किया जायेगा। एम.पी. आनलाईन के द्वारा 23 सितम्बर 2014 को चयन सूची प्रदर्शित की जायेगी एवं 24 सितम्बर को संस्था में प्रवेश की कार्यवाही होगी।
श्रम कल्याण योजनाओं के लिए 46 लाख रु. आबंटित
म.प्र. भवन तथा अन्य संनिर्माण कर्मकार मंडल द्वारा संचालित योजनाओं के अंतर्गत पात्रता रखने वाले श्रमिकों को प्रसूति, विवाह, अनुग्रह व अन्य सहायता राशि के वितरण के लिए श्रम पदाधिकारी द्वारा 46 लाख रु. की राशि जनपद पंचायतो को आबंटित की गई है। श्रम पदाधिकारी श्री डी.एस. चौहान ने बताया कि जनपद पंचायत लालबर्रा को 13 लाख रु., जनपद पंचायत बैहर को 5 लाख रु., जनपद पंचायत वारासिवनी को 12 लाख रु., जनपद पंचायत किरनापुर को 5 लाख रु. तथा जनपद पंचायत कटंगी को 11 लाख रु. की राशि आबंटित की गई है। यह राशि पात्रता रखने वाले श्रमिकों को प्रदान की जाना है।
बैहर एस.डी.एम. ने गढ़ी क्षेत्र के ग्रामों का किया भ्रमण
बैहर के एस.डी.एम. श्री रोहित सिंह ने 17 सितम्बर को गढ़ी क्षेत्र के ग्रामों का भ्रमण किया और वहां पर शासकीय योजनाओं के क्रियान्वयन का जायजा लिया। एस.डी.एम. श्री सिंह ने ग्राम पंचायत हट्टा के ग्रामीणों से चर्चा की। इस दौरान ग्रामीणों द्वारा उल्टानाला पर पुलिया निर्माण कराये जाने की मांग की गई। जिस पर ग्रामीण यांत्रिकी सेवा विभाग के अनुविभागीय अधिकारी बैहर को कार्यवाही करने के निर्देश दिये गये है। आंगनबाडी केन्द्र हट्टा के निरीक्षण दौरान वहां पर अव्यवस्था पायी गई। जिस पर श्री सिंह ने नाराजगी व्यक्त की और आंगनवाड़ी कार्र्यकत्ता को केन्द्र का संचालन व्यवस्थित तरीके से करने के निर्देश दिये गये।एस.डी.एम. श्री सिंह ने ग्राम डूडवा की प्राथमिक एवं माध्यमिक शाला का निरीक्षण किया गया। उन्होंने प्राथमिक शाला एवं किचन शेड में पानी रिसने की शिकायत मिलने पर उसकी मरम्मत कराने के निर्देश दिये । कच्चे मकान में विद्यालय चल रहा है जिसे गिराने की मांग की गई। प्राथमिक शाला परसामऊ का निरीक्षण किये जाने पर पता चला कि बच्चों को मेन्यू के अनुसार मध्यान्ह भोजन नहीं दिया जा रहा है। इस पर भोजन बनाने वाले समूह को चेतावनी दी गई। एस.डी.एम. श्री सिंह द्वारा ग्राम सिजोरा एवं परसामऊ की शासकीय उचित मूल्य दुकान का भी निरीक्षण किया गया। इस दौरान सिजौरा एवं परसामऊ के ग्रामीणों द्वारा शिकायत की गई कि दुकान निर्धारित दिवस में नहीं खुलती तथा खाद्यान्न एवं अन्य सामग्री उपलब्ध नहीं रहती। ग्रामीणों की इस शिकायत पर सहायक आपूर्ति अधिकारी को आवश्यक कार्यवाही करने के निर्देश दिये गये।
कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें