जम्मू एवं कश्मीर में बाढ़ की चपेट में अब तक 280 लोगों की मौत हो चुकी है। यह जानकारी एक अधिकारी ने दी। इस प्राकृतिक आपदा में जम्मू क्षेत्र में 203 लोगों और कश्मीर घाटी में 77 लोगों की मौत हुई है। घाटी में निजी संपत्तियों, व्यावसायिक व आधारभूत संरचनाओं को काफी नुकसान पहुंचा है। मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने शुक्रवार शाम कहा, "हमारे पास वास्तविक आंकड़ा जानने का अभी कोई माध्यम मौजूद नहीं है।"
उमर ने कहा कि सिर्फ निजी और सार्वजनिक संपत्ति को ही नुकसान नहीं पहुंचा बल्कि फसलों की भी काफी क्षति हुई है। किसानों को भारी नुकसान झेलना पड़ा है। उमर ने कहा, "मैं अपने प्रभाव और शक्ति का इस्तेमाल करते हुए केंद्र सरकार को समझाउंगा ताकि किसानों को किसान क्रेडिट कार्ड योजना के तहत ऋण मिल सके।"
मुख्यमंत्री ने कहा कि कोई नहीं बता सकता कि राज्य को इस संकट से उबारने में कितना समय लगेगा। राज्य सरकार ने कहा कि सचिवालय में कामकाज 22 सितंबर से शुरू हो जाएगा।

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