नरकटियागंज (बिहार) की खबर (24 सितम्बर) - Live Aaryaavart (लाईव आर्यावर्त)

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बुधवार, 24 सितंबर 2014

नरकटियागंज (बिहार) की खबर (24 सितम्बर)

नगर परिषद् के सफाई कर्मियों को पाँच माह से मजदूरी नहीं

नरकटियागंज(पच) स्थानीय नगर परिषद् के सफाई कर्मियां को पारिश्रमीक विगत 5 माह से लम्बित है। इस बाबत सफाई कर्मियों ने बताया कि नगर परिषद् के पास कोष की कमी नहीं यदि कार्यपालक और नप मुख्य पार्षद की नियत साफ हो तो भला सफाईकर्मियांे की मजदूरी भला इतने दिनों से क्यों लम्बित रहती भला? सफाईकर्मियों की मजदूरी नहीं मिलने से उनके परिजनों के समक्ष दाने के लाले पड़ने लगे हंै। दूकानदारों ने अब उधार देना बन्द कर देने की धमकी भी दी है, जिसके कारण परिवार के समक्ष भूखमरी के हालात् उत्पन्न होने वाले हैैं। नगर के 25 पार्षद यदि चाह दें तो नगर परिषद् के सफाई कर्मचारियों की मजदूरी का भुगतान अवश्य हो जाएगा। अलबत्ता किसी ने सफाई करने वाले स्थायी, दैनिक मजदूर और अस्थायी कर्मचारी को उनका वेतन ससमय मिल गया होता। सफाई कर्मी कन्हैया बताते है कि नगर परिषद् के खजाने में कोई कमी नहीं है किन्तु नगर परिषद् के कर्णधारों की कमी के कारण शहर कभी स्वच्छ नहीं दिखता। 

नरकटियागंज में नशेड़ी-गँजेड़ी और जुआडि़यों के आगे पुलिस ने डाले हथियार

नरकटियागंज(पच) शिकारपुर थाना क्षेत्र के नरकटियागंज मुख्य बाजार में पुलिस के कथित संरक्षण में जुआ के अड्डे संचालित है। इतना ही नहीं चैक-चैराहा गाँजा की गंध से गुलजार मिलते है। हालाकि कुछ बातों की जानकारी थानाध्यक्ष शिकारपुर आनन्द कुमार सिंह को संभव है कि नही हो, अलबत्ता गाँजा की विक्री व नशेडि़यों की जानकारी तो उन्हे दी गयी है। उन्होंने आश्वासन दिया था कि खास जगहों पर जिसकी जानकारी उन्हें दी गयी थी वहाँ नशेड़-गँजेड़ी नहीं दिखेंगे। बावजूद इसके उन जगहों पर गँजेड़ी-नशेडि़यों के जमावड़े को नहीं रोका जा सका। प्रबुद्धजन मानते है कि पुलिस किसी प्रभावशाली व्यक्ति के प्रभाव में आकर उन तत्वों पर कार्रवाई नहीं कर रही है। जिन्हे रोकना समाजहित में आवश्यक है। यदि ऐसा नहीं तो पुलिस को इसके लिए बंधी-बंधाई एकमुश्त रकम मिलती होगी। यह भी संभव है कि थानाध्यक्ष के करीब रहने वाले लोगों द्वारा उनके नाम पर वसूली कर नशेड़ी, गँजेड़ी और जुआड़ी अपना कारोबार बेखौफ चला रहे है। जिससे युवा पीढ़ी के अलावे किशोरवय के बच्चे भी अपने भविष्य को चैपट करने में लगे है। नशा की चपेट में तो चैक-चैराहों के कमजोर परिवार के किशोरियों को भी आते लोग देख रहे है। इधर पुलिस का ऐसा खौफ जनसामान्य पर है कि वे किसी को कुछ बोलने की हिम्मत नहीं करते। मानों शिकारपुर थानाक्षेत्र में द्रौपदी का चिरहरण हो रहा है और प्रबुद्धजन पाण्डव की भाँति मौन है।

एकरा के द्वारा महिलाओं को दी जा रही कम्प्युटर व इण्टरनेट की तालिम

नरकटियागंज(पच) पश्चिम चम्पारण जिला के विभिन्न प्रखण्ड के गाँवों में पहुँचकर महिलाओं और पढने वाली लड़कियों के बीच कम्प्युटर और इण्टरनेट की जानकारी देने की पहल एकरा नामक संस्था ने किया हैै। गूगल और डीईएफ के सहयोग से पश्चिम चम्पारण में एसोसियशन फाॅर कम्यूनिटी रिसर्च एण्ड एक्शन (एकरा) के तहत समाज की प्रत्येक महिला को आॅन लाइन लाने की पहल की गयी हैं। इसके लिए गाँव-गाँव पहुँचकर ग्रामीण महिलाओं और लड़कियों को तकनिकी तौर पर सशक्त बनाने की मुहिम चलाई जा रही हैं। इसके लिए प्रत्येक महिला सदस्य व लड़कियों को कम्प्युटर की शिक्षा दी जा रही हैं। 22 सितम्बर को नरकटियागंज अनुमण्डल के गौनाहा प्रखण्ड के राज्य संपोषित उच्च विद्यालय बेलसण्डी में पढ़ने वाली छात्राओं व ग्रामीण महिलाओं को कम्प्युटर व इण्टरनेट की शिक्षा दी गयी। 23 सितम्बर 2014 को नन्दकेश्वर सिंह उच्च विद्यालय अमोलवा गौनाहा में दी गयी। उसके बाद 24 सितम्बर 2014 को उत्क्रमित कन्या विद्यालय गौनाहा में (एकरा) एसोसियशन फाॅर कम्यूनिटी रिसर्च एण्ड एक्शन नामक संस्था के बैनर तले हेल्ंिपग वुमन गो आॅनलाइन प्रोग्राम के तहत कम्प्युटर की जानकारी दी गयी। ट्रेनर और मास्टर ट्रेनर क्रमशः मोफिज़ूर रहमान और जावेद आलम ने बताया कि ग्रामीण क्षेत्र की महिलाएँ व लड़कियांे मंे कम्प्युटर की जानकारी लेने के प्रति जो समर्थन व समर्पण दिखता है, उससे स्पष्ट है कि जिला की महिलाएँ भविष्य में कम्प्युटर की विशेष जानकारी लेने वे अव्वल मुकाम हासिल करेंगी। एकरा नामक संस्था के सचिव महम्मद सईद सिद्दिकी ने बताया कि यह कार्यक्रम पूरे जिला में खूब तेज गति नहीं पकड़ता, एकरा की मुहिम कामयाब नहीं होगी। उनका कार्यक्रम पूरे जिला के सभी प्रखण्ड में चलाया जाएगा। जिसके तहत पंचायत, गाँव, स्कूल व काॅलेज के अलावे अन्य महिलाओं को कम्प्युटर और इण्टरनेट की जानकारी दी जाएगी ताकि महिलाएँ देश व दुनिया से जुड़कर अत्याधुनिक जानकारी हासिल कर सकें। हिन्दुस्तान में कहा जाता है कि तरक्की का रास्ता महिलाओं की तालिम से होकर गुजरता है।

एल आई सी ने लगाया ’जीवन शगुन’ विक्री अभियान के लिए कैम्प

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नरकटियागंज(पच) वरीय मण्डल प्रबंधक भारतीय जीवन बीमा निगम के निर्देश पर जीवन शगुन और बीमा रक्षक पाॅलिसी की बेहतरीन (विपणन्) मार्केटिंग को लेकर जगह-जगह प्रचार कैम्प लगाये जा रहे है। जीवन शगुन के बारे में नरकटियागंज सैटेलाईट कार्यालय के प्रबंधक रमेश कुमार सिन्हा ने बताया कि जीवन शगुन विशेषकर बच्चों व किशोरांेे के लिए एक लाभकारी योजना हैै। वैसे यह योजना अन्य आयुवर्ग के लोगों के लिए भी है। उसके अलावे जीवन रक्षक पाॅलिसी जो कमजोर आयवर्ग के लिए हैं। दो लाख की बीमा राशि के लिए 20 वर्ष की पाॅलिसी लेने पर 30 वर्ष के युवा व्यक्ति को 7058 रूपये वार्षिक देने होंगे। स्थानीय चीनी मिल मुख्य दरवाजा पर सैटेलाईट कार्यालय के प्रबंधक ने अस्थायी कैम्प लगाया। जिसमें बीमा के विभिन्न पाॅलिसी और मुख्यतः जीवन शगुन को केन्द्र में रख कर प्रचार किया गया। अधिकारियों और बीमा अभिकर्ताओं ने साथ देकर कार्यक्रम को सफल बनाने का प्रयास किया। विभिन्न पाॅलिसियों के के संबंध में लोगों ने विसतृत जानकारी हासिल की। जीवन शगुन पाॅलिसी जो एक सितम्बर से 30 नवम्बर तक के लिए है ज्यादा से ज्यादा बीमा कराने की अपील लोगों से की गयी। इस दौरान प्रबंधक रमेश कुमार सिन्हा, सहायक प्रशासनिक अधिकारी अरूण कुमार, अभिकर्ता महेश तिवारी, विश्वनाथ साह, अवधेश कुमार शर्मा और विनय उपाध्याय मुख्य रूप से उपस्थित रहे।


प्रधान शिक्षिका के विरूद्ध कार्रवाई नहीं करने पर अधिकारियों के विरूद्ध पटना उच्च न्यायालय में जाने की धमकी

नरकटियागंज(पच) नरकटियागंज प्रखण्ड के प्रखण्ड शिक्षा पदाधिकारी की उदासीनता व लापरवाही के कारण राजकीय प्राथमिक विद्यालय गदियानी टोला में अनियमितता चरम पर रहता है। उस क्षेत्र के अधिवक्ता लिपिक जहीर अहमद की शिकायत पर उच्चाधिकारी के निर्देश को ठेंगा दिखाने वाले बीईओ जगता नन्द राम ने आश्वासन के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं किया। शिकायत पर एक जाँच के दौरान उस विद्यालय में 8 मई 2014 को विद्यालय में नामांकित 536 बच्चों के विरूद्ध मात्र 145 बच्चे मौजूद पाए गये और छात्रोपस्थिति पंजी का अवलोकन करने पर 423 बच्चों को विद्यालय प्रशासन ने उपस्थित बताया था। विद्यालय की शिक्षिकाएँ अनुपस्थित थी परन्तु उनकी उपस्थिति पंजी में मौजूद पाई गयीं। विद्यालय की प्रधान शिक्षिका की जगह उनके पति कार्य सम्पादन करते है। जिससे ग्रामीणों में आक्रोश रहता है अलबत्ता प्रखण्ड शिक्षा पदाधिकारी के मेल में रहने से काई कुछ नहीं बिगाड़ सकता हैं। जहीर अहमद द्वारा सूचना के अधिकार अधिनियम 2005 के तहत मांगे गये सूचना के बावजूद कोई जानकारी उपलब्ध नहीं कराई गयी। जिला शिक्षा पदाधिकारी के यहाँ अपील करने पर प्रधान शिक्षिका वहाँ डी ई ओ के आदेश का पालन भी नहीं कर सकी। जिला शिक्षा पदाधिकारी के पत्रांक 2897 दिनांक 9 सितम्बर 2013 और 3147 दिनांक  30 सितम्बर 2013 के अनुसार प्रधान शिक्षिका को हिदायत दी गयी कि जहीर अहमद द्वारा मांगी गयी सूचना के संबंध में आवश्यक कागजात मुहैया कराये जाए लेकिन कोई फर्क नहीं पड़ा। इधर जहीर अहमद ने अधिकारियों से गदियानी टोला की प्रधान शिक्षिका के विरूद्ध सक्षम प्राधिकार से जाँच नहीं कराने व उनके विरूद्ध कार्रवाई नहीं किये जाने की सूरत में सभी सम्बन्धित अधिकारियों के विरूद्ध पटना उच्च न्यायालय में याचिका दायर करने की धमकी दी गयी है। इससे सम्बन्धित सभी पत्र उच्चाधिकारियों और प्रदेश के मुख्यमंत्री को प्रेषित किया गया है।

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