बिहार के नालंदा जिले में शुक्रवार को अंतर्राष्ट्रीय नालंदा विश्वविद्यालय का विधिवत उद्घाटन विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने किया। राजगीर के अंतर्राष्ट्रीय कन्वेंशन सेंटर में आयोजित इस उद्घाटन समारोह में बिहार के मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी भी उपस्थित थे। इस मौके पर लोगों को संबोधित करते हुए सुषमा ने कहा कि यह उनके लिए अत्यंत गौरव का दिन है। उन्होंने कहा कि यह सिर्फ बिहार और भारत की ही नहीं, बल्कि विद्या को महत्व देने वाले दुनियाभर के लोगांे के लिए गौरव की बात है। पूर्वी एशिया के सारे देशों ने इस प्राचीन विश्वविद्यालय को दोबारा प्रारंभ करने की इच्छा जताई थी।
विदेश मंत्री ने बताया कि इस विश्वविद्यालय की पुर्नसरचना के लिए वर्ष 2006 में पूर्व राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम ने बात रखी थी, इसके बाद सिंगापुर सरकार ने भी इस विश्वविद्यालय के पुनरुद्धार के लिए प्रस्ताव दिया था। सुषमा ने विश्वविद्यलाय भवन के डिजाइन की तारीफ करते हुए कहा कि इसके लिए केंद्र सरकार ने 2,727 करोड़ रुपये दिए हैं। उन्होंने विश्वविद्यालय को केंद्र सरकार द्वारा हर संभव मदद दिए जाने का आश्वासन देते हुए कहा कि बिहार नालंदा के साथ विश्व के मानचित्र पर उभरे, यही उनकी कामना है। इस मौके पर कई देश के राजदूत भी उपस्थित थे। उद्घाटन से पहले विदेश मंत्री ने विश्वविद्यालय परिसर में पौधरोपण भी किया।
उल्लेखनीय है कि नालंदा अंतर्राष्ट्रीय विश्वविद्यालय में एक सितंबर से ही दो विषयों-हिस्टोरिकल स्टडीज और इकोलॉजी एंड इन्वायरमेंट स्टडीज की पढ़ाई शुरू हो गई है। फिलहाल यहां कुल सात विषयों की पढ़ाई होगी। इस विश्वविद्यालय में जापान और भूटान के एक-एक छात्र सहित कुल 15 छात्रों ने नामांकन कराया है। दोनों विषयों के लिए 20-20 छात्रों का चयन किया जाना है। इन छात्रों को पढ़ाने के लिए 10 अध्यापकों (फैकल्टी) की नियुक्ति हो चुकी है। पढ़ाई के लिए वर्तमान समय में अंतर्राष्ट्रीय कन्वेंशन सेंटर के ही दो कमरे लिए गए हैं।
गौरतलब है कि पांचवीं सदी में बने प्राचीन विश्वविद्यालय में करीब 10 हजार छात्र पढ़ते थे, जिनके लिए 1500 अध्यापक हुआ करते थे। छात्रों में अधिकांश एशियाई देशों-चीन, कोरिया, जापान से आने वाले बौद्ध भिक्षु होते थे। इतिहासकारों के मुताबिक, चीनी भिक्षु ह्वेनसांग ने भी सातवीं सदी में नालंदा में शिक्षा ग्रहण की थी। उन्होंने अपने ग्रंथों में नालंदा विश्वविद्यालय की भव्यता का जिक्र किया है।

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