अर्जेटीनी फुटबाल के पूर्व दिग्गज डिएगो माराडोना ने माना कि ड्रग्स की उनकी आदत ने एक खिलाड़ी के तौर पर उनके सामथ्र्य को प्रभावित किया। समाचार एजेंसी सिन्हुआ के अनुसार एक अर्जेटीनी टेलीविजन चैनल टिक स्पोर्ट्स से गुरुवार को साक्षात्कार में 53 वर्षीय माराडोना ने कहा कि उनकी जिंदगी सामान्य नहीं थी। इस कारण वह खुद को 25 वर्ष ज्यादा बूढा महसूस करते हैं।
माराडोना ने कहा, "मैं 53 साल का हूं लेकिन चूंकी मेरी जिंदगी सामान्य नहीं रही इसलिए अभी में 78 साल जैसा महसूस करता हूं। अपनी बीमारी के कारण मैंने अपने विरोधियों को बहुत फायदा पहुंचाया। अगर मैं ड्रग्स नहीं लेता तो आप कल्पना कर सकते हैं कि मैं किस स्तर का खिलाड़ी होता।"
माराडोना 1986 में अर्जेंटीना के विश्व विजेता बनने के समय टीम के कप्तान थे। उन्हें विश्व के सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ियों में गिना जाता है। माराडोना ने माना कि 2010 विश्व कप के बाद उन्हें अर्जेटीना के कोच पद से हटाए जाने की घटना आज भी आहत करती है। माराडोना ने कहा, "वह खराब पल था। मैं इसे जारी रखना चाहता था। मैं टीम को जीतते हुए देखना चाहता था।"
ब्राजील फीफा विश्व कप के फाइनल में में जर्मनी के हाथों अर्जेटीना को मिली 0-1 की हार पर भी माराडोना ने दुख जताया। माराडोना ने कहा, "हमारे पास जर्मनी के स्तर के खिलाड़ी नहीं थे। उनके पास भिन्नता थी। यह बराबरी का मैच नहीं था। अर्जेटीना के पास जीत को लेकर आत्मविश्वास की कमी रही।"

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