उत्तराखंड की विस्तृत खबर (20 सितम्बर) - Live Aaryaavart (लाईव आर्यावर्त)

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रविवार, 21 सितंबर 2014

उत्तराखंड की विस्तृत खबर (20 सितम्बर)

मोदी के प्रधान मंत्री बनने से उत्तराखंड की कई योजनाओं को लगे पंख 
  • केंद्रीय मंत्री मंडल में कोई नहीं फिर भी राज्य की नहीं हुई अनदेखी 

देहरादून (राजेन्द्र जोशी ) । केंद्र की मोदी सरकार ने भले ही उत्तराखंड को केंद्रीय मंत्रिमंडल में कोई स्थान न दिया हो लेकिन उन्होंने राज्य की अनदेखी भी नहीं की है,यह केंद्र सरकार का राज्य सरकार से साथ लगाव पहली बार दिखाई दिया है, वरना केंद्र व राज्य में अलग -अलग सरकारों के होने के कारण टकराव की स्थिति बनी रहती थी। इतना ही नहीं मोदी के प्रधानमंत्री बनने के बाद देश का संघीय ढांचा भी मजबूत नजर आ रहा है यह प्रधानमंत्री ‘‘जनधन‘‘ योजना से साफ हुआ है। इससे पहले देश के प्रधानमंत्री औपचारिकता के किये किसी योजना का दिल्ली में शुभारम्भ करते रहे थे लेकिन आजादी के बाद यह पहला अवसर है जब प्रधानमंत्री की ‘‘जनधन‘‘ योजना को पूरे देश के सभी प्रान्तों के मुख्यमंत्रियों ने एक साथ लागू की। उत्तराखंड राज्य में मोदी के प्रधानमंत्री बनने के बाद दशकों से केंद्र में लटकी योजनाओं को हरी झंडी मिली है। राज्य से पांच सांसदों में से किसी को भी केंद्रीय मंत्रिमंडल में स्थान न मिलना अलग बात है लेकिन राज्य के साथ मोदी सरकार ने अन्याय नहीं किया है, यह मोदी सरकार के अब तक किये गए निर्णय भी प्रदर्शित करते हैं। सबसे पहले बात करते हैं उत्तराखंड व हिमाचल प्रदेशों के बीच बनने वाले किसाऊ जल विद्युत परियोजना की।  मोदी सरकार से पूर्व हिमाचल इस परियोजना पर अपना 50 फीसदी हक मांगता रहा था और पिछली केंद्र सरकार इस झगडे को सुलझाने में नाकाम रही थी जबकि तत्कालीन समय में केंद्र व राज्य दोनों जगह कांग्रेस की सरकारें थी, लेकिन मोदी के प्रधामंत्री बनते ही हिमाचल के तेवरों में शिथिलता आई है और हिमाचल -उत्तराखंड के बीच इस योजना पर केंद्र सरकार के हस्तक्षेप के बाद सहमति बनी है हिमाचल को अब इस योजना पर 25 फीसदी हक मिलेगा जबकि उत्तराखंड को भी 75 फीसदी। इतना ही नहीं इस जल विद्युत परियोजन के बनने से राज्य के छह अन्य बिजलीघरों को अतिरिक्त जल भी मिल पायेगा, जिससे राज्य में विद्युत उत्पादन भी स्वतः ही बढ़ जायेगा. जबकि इस परियोजन पर जहां हिमाचल व उत्तराखंड को मात्र दस फीसदी धन खर्च करना पड़ेगा वहीं केंद्र इस योजना पर 90 फीसदी धन खर्च करेगा। इतना ही नही मोदी सरकार के अस्तित्व में आने के बाद वर्षों के बंद पड़ी लोहारी नागपाला जल विद्युत परियोजना पर भी पंख लगे हैं इस योजना पर एनटीपीसी हजारो करोड़ खर्च कर चुका था वहीं इस पर राज्य का 300 करोड़ खर्च हो चुका था और प्रोंफेसर जी डी अग्रवाल के अनशन के चलते पूर्व मुख्यमंत्री खंडूरी के शासन काल के दौरान गतिमान इस परियोजना का काम ठप्प हो गया था और राज्य के हजारों रोजगार पर लगे लोग बेरोजगार हो गए थे। इस योजना के बंद होने में असली पेंच था उत्तरकाशी के गंगोत्री तक के इलाके का इको-सेंसिटिव जोन में शामिल किया जाना। मोदी सरकार के केंद्र में आने के बाद पर्यावरण मंत्री प्रकाश जावडेकर के उत्तराखंड दौरे ने इस परियोजना के खुलने की उम्मीद पूरी कर दी है। केंद्रीय मंत्री द्वारा पूर्व केंद्रीय सरकार के इको -सेंसिटिव जोन के इलाके को घटाने की बात से। इस योजना के खुलने के आसार बने हैं। उनके अनुसार इको-सेंसिटिव जोन केवल भैरों घाटी से लेकर गंगोत्री व गोमुख तक ही रखा जायेगा। इतना ही नहीं पूर्व में जहाँ  इस जल विद्युत परियोजना का एनटीपीसी एक मात्र मालिक था अब इस परियोजना में उत्तराखंड भी शामिल हो गया है और यह दोनों की साझा परियोजना होगी। वहीं वर्षों से बिजली उत्पादन की रह देख रही लखवाड़ व्यासी जल विद्युत परियोजना को भी योजना आयोग से अंतिम स्वीकृति भी मोदी के खाते में जाती है हालाँकि इस परिजोजना के लिए उत्तराखंड के मुख्यमंत्री हरीश रावत भी काफी जोर लगा रहे थे लेकिन केंद्र में कांग्रेस सरकार होने के बावजूद वे इसमें पूर्णतः सफल नहीं हो पाए थे .मोदी की सरकार आने के बाद उनकी इस परियोजना को पंख लगे हैं, और राज्य सरकार ने अब इस पर कार्य भी चालू कर दिया है। वहीं केंद्र सरकार की मदद से भारत व नेपाल के बीच बनने वाले पंचेश्वर बाँध जल विद्युत परियोजना को भी प्रधानमंत्री मोदी की नेपाल यात्रा के दौरान अंतिम रूप दे दिया गया था अब इस परियोजना में उत्तराखंड को भी शामिल किया जा रहा है ऐसा सूत्रों का कहना है क्योंकि भारत व नेपाल देशों के बीच बनने वाली इस परियोजना के लिए 22 सितम्बर को दिल्ली में एक उच्च स्तरीय बैठक होने जा रही है जिसमे उत्तराखंड राज्य को भी न्योता भेजा गया है इससे यह उम्मीद जगी है कि उत्तराखंड की जमीन पर बनने वाली इस परियोजना पर भारत सरकार इस राज्य को भी सहयोगी बनाना चाहती है. इतना ही नही मोदी के प्रधानमंत्री बनने के बाद उत्तराखंड जैसे पिछडे़ राज्य में आगामी कुछ समय बाद ‘‘डिजिटल इंडिया‘‘ का सपना भी पूरा होने जा रहा है.वर्तमान में राज्य के न्याय पंचायत स्तर तक ओएफसी केबलिंग का कार्य जोरों पर है इसके बाद राज्य की लगभग सभी न्याय पंचायतें ब्रॉड बैंड से जुड़ जायेंगी और इसका सबसे बड़ा फायदा ग्रामीण इलाकों में स्थित बैंकों को होगा जो सीधे केंद्र से जुड़ जायेंगे और ग्रामीण इलाकों को विकास कार्यों में मिलने वाले पैसे की बन्दर बाँट पर भी अंकुश लगेगा. इससे पूर्व यह पैसा कई चेनलों से होता हुआ गांवों तक कुछ ही पहुँच पाता था.अब यह सीधे न्याय पंचायतों के खातों में पहुंचेगा। जिससे ग्रामीण भारत के विकास का सपना पूरा हो पायेगा। 

नागरिक सरकार सह-भागिता कार्यक्रम का आयोजन

देहरादून, 20 सितम्बर,(निस)। प्रदेश के आवास एवं शहरी विकास मंत्री प्रीतम सिंह पंवार ने विधान भवन स्थित सभागार में नागरिक सरकार सह-भागिता कार्यक्रम की कार्यशाला की अध्यक्षता करते हुए कहा कि सहभागिता कार्यक्रम से तात्पर्य एक ऐसी महत्वकांक्षी अभिनव कार्यक्रम से है जिसमें नागरिक स्वयं अपनी आवश्यकताओं का निर्धारण कर सरकार के साथ उसके कार्यान्वयन में भागीदार बनेंगे ताकि पारदर्शी जिम्मेदार व जवाब देह गुड गवर्नेंस स्थापित हो सके। वर्कशाप में उन्होंने जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों से कहा कि उत्तराखण्ड में नगरीय सर्वभागिता कार्य क्रम प्रारम्भ करने जा रहे हैं। यह कार्यक्रम दिल्ली सरकार द्वारा संचालित भागीदारी कार्यक्रम है, जो हमें अच्छा लगा है। जो सामुदायिक सहभागिता तथा बौटम अप एप्रोज माॅडल पर आधारित है। वर्कशाप में आप सभी ने जन सामान्य से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों पर निति एवं नागरिकों को उनके वास क्षेत्र के अनुरक्षण एवं सुरक्षा से सम्बन्धित मुख्यतः लघु एवं सूक्ष्म प्रकृति के कार्य वर्कशाप में दिखाया है। दिल्ली सरकार द्वारा नागरिक सरकार सहभागिता(भागीदारी) कार्यक्रम चलाया जा रहा है। वर्कशाप के माध्यम से विद्धान प्रतिभागियों के सुझाव आमंत्रित किये जा रहे हैं। रेजी डेन्शल सोसाइटीज के इस कार्यक्रम में बड़ा योगदान है तभी यह कार्यक्रम सफल होगा। इस अवसर पर अरबन डेवल्पमैन्ट के अधिकारियों ने उत्तराखण्ड नगरीय सर्वभागिता कार्यक्रम के साथ दिल्ली सरकार द्वारा संचालित भागीदारी नाम से शुरू किया गया कार्यक्रम का डेमोनेस्ट्रेशन दिखाया गया, जिसमें राज्य स्तर पर कार्यान्वयन नगर निगम स्तर पर कार्यान्वयन, कार्यान्वयन रणनिति जिसमें वार्ड में मौजूद पंजीकृत नागरिक सघों का सूचीबद्धीकरण, सर्वभागिता निधि से आच्छादित कार्य तथा निर्धारित सामुदायिक अंशदान के बारे में विस्तार से समीक्षा एवं अनुश्रवण हेतु राज्य स्तर पर मुख्यमंत्री तथा नगर निगम स्तर पर मेयर की अध्यक्षता मे कमेटियां गठित की जायेगी। इस अवसर पर मेयर देहरादून विनोद चमोली, मेयर काशीपुर उषा चैधरी, मेयर हल्द्वानी जोगेन्द्र राॅंतेला, मेयर हरिद्वार मनोज गर्ग, मेयर रूड़की यशपाल राणा, महेश भण्डारी अध्यक्ष दून रेजिडेन्सियल वेल्फेयर सोसाइटी, सचिव शहरी विकास डी0एस0गब्र्याल, मुख्य नगर अधिकारी नगर निगम देहरादून हरक सिंह रावत, मुख्य नगर अधिकारी काशीपुर डा0ए0के0श्रीवास्तव  मुख्य नगर अधिकारी रूड़की नितीन एस बाधवा सहित पार्षद देहरादून मौजूद थे।    

झंडी दिखाकर रैली को किया रवाना 

देहरादून, 20 सितम्बर,(निस)। मुख्यमंत्री आवास राज्य बीजापुर अतिथि गृह में आयोजित एक कार्यक्रम में ‘खोज ले हिमालय’ दिल्ली-गंगोत्री-नेलाॅग वैली एक्सीपीडिशन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया। मुख्यमंत्री के प्रतिनिधि के रूप में प्रदेश के नगर विकास मंत्री प्रीतम सिंह पंवार एवं संसदीय सचिव विजयपाल सजवाण ने इस रैली को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। यह अभियान होटल एसोसियेशन उत्तरकाशी, उत्तराखण्ड पर्यटन विभाग, पांचवी गढ़वाल राइफल तथा 12वीं आई.टी.बी.पी. बटालियन एवं नगरपालिका उत्तरकाशी के संयुक्त तत्वाधान मंे आयोजित किया गया है। इस अवसर पर नगर विकास मंत्री प्रीतम पंवार ने कहा कि इस प्रकार के अभियान से राज्य में पर्यटन गतिविधियांे को बढ़ावा मिलेगा। विगत वर्ष की आपदा से राज्य के पर्यटन व्यवसाय पर काफी बुरा असर पड़ा है। ऐसे आयोजनों से स्थानीय होटल इंडस्ट्री को भी प्रोत्साहन मिलेगा, साथ ही देश-विदेश में सुरक्षित उत्तराखण्ड का संदेश भी जायेगा। संसदीय सचिव विजयपाल सजवाण ने भी ऐसे आयोजनों को प्रदेश के पर्यटन को बढ़ावा देने के साथ ही चारधाम यात्रा के प्रति लोगों में उत्साह बढ़ाने वाला बताया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री के विशेष कार्यधिकारी नन्दन सिंह घुघतियाल, आनन्द बहुगुणा, समन्वयक जनसंपर्क जसवीर रावत आदि उपस्थित थे।

सभी विधानसभा क्षेत्रों के विकास कार्यों की हो समीक्षाः भट्ट  
  • दल विशेष के विधायकों के विस क्षेत्रों के विकास कार्यों की ही समीक्षा पर ऐतराज जताया  
  • नेता प्रतिपक्ष ने मुख्यमंत्री को लिखा पत्र, कहा भाजपा विधायकों के क्षेत्रों की हो रही उपेक्षा 

देहरादून, 20 सितम्बर,(निस)। नेता प्रतिपक्ष उत्तराखण्ड विधानसभा अजय भट्ट ने मुख्यमंत्री द्वारा केवल एक दल विशेष के विधायकों एवं जनप्रतिनिधियों के क्षेत्रों के ही विकास कार्यों की समीक्षा करने पर ऐतराज जताया है। उन्होंने कहा कि यह बाकि क्षेत्रों के साथ घोर अन्याय है, सीएम को सभी विधानसभा क्षेत्रों के विकास कार्यों की समीक्षा करनी चाहिए। उन्होंने इस संबंध में मुख्यमंत्री को एक पत्र भी लिखा है। नेता प्रतिपक्ष का कहना है कि मुख्यमंत्री द्वारा सिर्फ कांग्रेस पार्टी के विधायकों के विधानसभा क्षेत्रों के विकास कार्यों की ही समीक्षा की जा रही है, भाजपा विधायकों के क्षेत्रों की नहीं। उनका कहना है कि पूरे प्रदेश के मुख्यमंत्री होने के नाते प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र की जनता उनके लिए बराबर है। श्री भट्ट ने आरोप लगाया कि भाजपा विधायकों के क्षेत्रों में विकास कार्य बिल्कुल नहीं हो रहे हैं क्योंकि जब कांग्रेस पार्टी के विधायक ही विकास कार्य नहीं होने की बात सार्वजनिक रूप से कह चूके हैं तो भाजपा के विधायकों के क्षेत्रों की क्या हालात होगी इसका अन्दाजा स्वयं लगाया जा सकता है। उनका कहना है कि भाजपा विधायकों के क्षेत्रों जनता का यह दोष है कि उन्होंने भाजपा के विधायकों को जीताकर भेजा है, जिससे वहां के विकास कार्यों की तो कोई समीक्षा की जा रही है और नहीं उन क्षेत्रों में कोई विकास कार्य हो रहे हैं। क्योंकि भाजपा के विधायकों के क्षेत्रों में भी पुल, पुलिया निर्माण, हस्पताल खुलवाने, स्वास्थ्य उपकेन्द्र खुलवाने, विद्यालयों में अध्यापकों व चिकित्सालयों में चिकित्सकों की नियुक्ति, आपदा में ध्वस्त मार्गों व मोटर मार्गों के निर्माण कार्य, विद्यालयों के उच्चीकरण जैसे विकास कार्य होने हैं। श्री भट्ट ने मुख्यमंत्री को लिखे पत्र में कहा है कि शीघ्र एक तिथि सुनिश्चित कर भाजपा के विधायकों को भी मिलने का समय देकर भाजपा के विधायकों की विधानसभा क्षेत्रों की विकास कार्यों से सम्बन्धित समस्याओं को भी सुना जाना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि इस सम्बन्ध में मैंने पूर्व भी अनुरोध किया है। श्री भट्ट ने कहा कि इस तरह से एक दल विशेष के विधायकों एवं जनप्रतिनिधियों के क्षेत्रों की ही विकास कार्यों की समीक्षा करना बाकि क्षेत्रों के साथ घोर अन्याय है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस विधायक ही अपनी सरकार की पोल खोल रहे हैं क्योंकि हमारी बातों को सरकार द्वारा गम्भीरता से नहीं लिया जाता है। श्री भट्ट ने कहा कि कांग्रेस पार्टी के जो भी विधायक सरकार की वास्तविकता की पोल खोलते हैं तो तुरन्त उन्हें डैमेज कन्ट्रोल करने की कवायद प्रारम्भ कर दी जाती हैं और उन्हें तमाम सुख-सुविधायें देकर प्रदेश की जनता की आवाज को दबाने का प्रयास किया जाता है। 

तीन वर्षों के दौरान 1,40,000 से अधिक लोग हुये लाभान्वित
  • राज्य में ‘खुशियों की सवारी’ योजना ने तीन वर्ष पूर्ण किए 
  • 108 सेवा के मुख्यालय पर स्वास्थ्य मंत्री ने काटा केक  

देहरादून, 20 सितम्बर,(निस)। जननी शिशु सुरक्षा कार्यक्रम के अन्तर्गत राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन एवं उत्तराखण्ड सरकार के सहयोग से ई.एम.आर.आई. द्वारा संचालित खुशियों की सवारी योजना ने राज्य में सफलतापूर्वक तीन वर्ष पूर्ण कर लिये हंै। खुशियों की सवारी के तीन वर्ष पूर्ण होने पर 108 सेवा के कार्यालय में कर्मियों द्वारा केक काटा गया, इस कार्यक्रम में स्वास्थ्य मंत्री सुरेंद्र सिंह नेगी भी शामिल हुए। खुशियांे की सवारी योजना के माध्यम से राज्य में सरकारी अस्पतालों में प्रसव के उपरान्त माता एवं उसके नवजात शिशु को सुरक्षित एवं निःशुल्क घर तक पहुंचानेे की व्यवस्था की जाती है। इसके अतिरिक्त इस सेवा द्वारा राष्ट्रीय स्कूल स्वास्थ्य कार्यक्रम के अन्तर्गत आवश्यकतानुसार विद्यार्थियों को लाभ प्रदान किया जाता है। उत्तराखण्ड राज्य में इस सेवा का शुभारम्भ 19 सितम्बर 2011 को किया गया था। प्रारम्भ में इस योजना को किराये के वाहनों द्वारा संचालित किया जा रहा था, जिसके संचालन में अनेक प्रकार की कठिनाइयां हो रही थी। इस बात को ध्यान में रखते हुये उत्तराखण्ड सरकार द्वारा 30 मार्च 2013 को खुशियांे की सवारी योजना में 90 नये एम्बुलेंस वाहनांे को शामिल किया गया। वर्तमान में इसके अन्तर्गत सम्पूर्ण राज्य में कुल 111 वाहन संचालित किये जा रहे हैं। राज्य में खुशियों की सवारी योजना के सफलतापूर्वक तीन वर्ष पूर्ण होने पर स्वास्थ्य मंत्री सुरेंद्र सिंह नेगी ने स्वास्थ्य विभाग और 108 सेवा कर्मियों को बधाई और शुभकामनाएं दी। खुशियों की सवारी योजना के संचालन का उत्तरदायित्व राज्य मंे गत छह वर्षों से अधिक की अवधि से 108 आपातकालीन सेवा का संचालन कर रही संस्था जीवीके ई.एम.आर.आई. को सौंपा गया है। मंत्री ने कहा कि 30 मार्च 2013 को उत्तराखण्ड सरकार द्वारा इस योजना को और अधिक कारगर बनाने के लिये 90 नये छोटे एम्बुलेंस वाहनों को खुशियों की सवारी योजना के साथ जोड़ा गया, जिसके परिणामस्वरुप राज्य के 250 से 300 युवाओं को रोजगार भी प्राप्त हुआ तथा सेवाओं को सुचारु रुप से चलाने में सहायता भी मिली, इसके अतिरिक्त इस सेवा को और विस्तृत रुप देते हुए राष्ट्रीय स्कूल स्वास्थ्य कार्यक्रम के साथ भी जोडा गया। इस मौके पर महानिदेशक चिकित्सा, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण डा. जीएस जोशी ने भी खुशियों की सवारी योजना के सफल संचालन के लिए जीवीके ई.एम.आर.आई. की टीम को बधाई दी तथा कहा कि हमारा सदैव प्रयास रहेगा कि हम राज्य के नागरिकों को अपनी बेहतर स्वास्थ्य सेवाएंे प्रदान कर सकें। इस अवसर पर ई.एम.आर.आई. उत्तराखण्ड के स्टेट हैड मनीष टिंकू ने इस सेवा क¢ सफल संचालन के लिए अपने सभी सहयोगियों, राज्य की जनता, उत्तराखण्ड सरकार, स्वास्थ्य विभाग, प्रषासन, मीडिया एवं अन्य सभी नागरिकों का हार्दिक धन्यवाद देते हुये कहा कि ई.एम.आर.आई. की टीम उत्तराखण्ड राज्य के नागरिकों को सदैव अपनी मेहनत, लगन एवं निःस्वार्थ भावना से सेवाएंे प्रदान करती रहेगी। उन्होनें बताया कि खुशियों की सवारी योजना के माध्यम से जहां आज राज्य में संस्थागत प्रसव को बढ़ाने में सहायता मिली है वहीं स्कूल स्वास्थ्य कार्यक्रम के अंतर्गत स्कूल जाने वाले विद्यार्थियों को भी गम्भीर बीमारी होने पर इलाज के लिए यातायात सुविधा निःशुल्क रूप से प्रदान की जा रही है। अभी तक करीब 9500 से अधिक विद्यार्थियोें को इस सेवा का लाभ प्रदान किया जा चुका है। चंदरनगर स्थित ई.एम.आर.आई. 108 सेवा के मुख्यालय पर आयोजित इस कार्यक्रम में निदेशक चिकित्सा शिक्षा डा. आर. पी. भटट, चिकित्साधिकारी देहरादून डा. केके अग्रवाल के साथ दून ब्लड बैक इंचार्ज डा. नौटियाल, नीलकंठ जुगरान, अनिल थपलियाल, डा. रिमांत गुप्ता, प्रियंका ध्यानी, सुधीर बिज्लवाण, मोहन राणा, अमित शर्मा, राजेन्द्र, मनीष एवं अन्य सभी स्टाॅफ उपस्थित रहा। 

डकैती-मर्डर के खुलासे के लिए जांच टीम का गठन

देहरादून, 20 सितम्बर,(निस)। रायपुर के नकरौंदा में हुई डकैती व मर्डर का खुलासा करने के लिए दून पुलिस ने अब दो अनुभवी इन्सपेक्टरों के नेतृत्व में एक नई जांच टीम का गठन किया है। मालूम हो कि पिछले दिनों रायपुर के नकरौंदा में कृषि अधिकारी सुरेन्द्र थपलियाल के घर सशस्त्र बदमाशों ने उनके इकलौते पुत्र अकिंत की हत्या कर डकैती की वारदात को अंजाम दिया था। वारदात के बाद उसका खुलासा न होने पर गुस्साए लोगों ने दो बार नेशनल हाइवे जाम कर पुलिस की जांच पर सवाल उठाये थे और पुलिस को इस घटना का खुलासा करने के लिए समय सीमा दी थी। इसे देखते हुए बीते रोज दून के पुलिस कप्तान अजय रौतेला ने रायपुर थानाध्यक्ष को लााइन हाजिरकर दिया और शनिवार को इस वारदात के खुलासे के लिए दो अनुभवी अधिकारी निरीक्षक महेन्द्र सिंह नेगी व कुलदीप असवाल को नयी जांच टीम का प्रभारी बनाया है। जिनसे पुलिस कप्तान समय-समय पर मामले की जांच की प्रगति रिपोर्ट ले रहे है।

दुष्कर्म का आरोपी चाचा गया जेल

देहरादून, 20 सितम्बर,(निस)। युवती से दुष्कर्म के आरोपी चाचा को पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।
रानीपोखरी क्षेत्रांर्तगत नागाघेर निवासी एक युवती ने अपने रिश्ते के चाचा नागाघेर निवासी अंनतराज पुत्र स्व. सतंराज के खिलाफ रानीपोखरी थाने में बीते रोज दुष्कर्म का मुकदमा दर्ज करवाया था। पीडि़ता ने पुलिस को बताया कि उसके चाचा अंनत राज 2013 दिसम्बर से जनवरी तक कई बार दुष्कर्म किया है और किसी को भी बताने पर जान से मारने की धमकी दी है। पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर शनिवार की सुबह दुष्कर्म के आरोपी अंनत राज को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।

रसोई गैस पहुंचते ही झूम उठी जनता, रतनपुर-स्वीली-जवाड़ी मार्ग पर पहली बार गया ट्रक

home gas supply in rudra prayag
रुद्रप्रयाग / देहरादून, 20 सितम्बर,(निस) । रतनपुर-स्वीली-जवाड़ी मोटरमार्ग से सटे पश्चिम भरदार क्षेत्र के गांवों में पहली बार घरेलू रसोई गैस का ट्रक पहुंचने पर ग्रामीण झूम उठे। अब ग्रामीणों को रसोई गैस के लिए जिला मुख्यालय के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। इस मौके पर जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों ने जिला पंचायत सदस्य श्रीमती आशा डिमरी का फूल-मालाओं से स्वागत किया और इसी तरह क्षेत्र के विकास के लिए निरंतर प्रयास करने का अनुनय किया। ग्राम पंचायत दरमोला में रिबन काटकर रसोई गैस वितरण का शुभारंभ क्षेत्र की जिला पंचायत सदस्य श्रीमती आशा डिमरी ने किया। उन्होंने इसका श्रेय जिलाधिकारी डाॅ राघव लंगर, इंडियन आॅयल, मंदाकिनी गैस सर्विस के साथ स्थानीय जनता को दिया। उन्होंने कहा कि सभी लोगों के सहयोग से रसोई गैस का सपना साकार हुआ है। जनता ने चुनाव के दौरान रसोई गैस की समस्या को प्रमुखता से रखा था। हमारा जनता से किया गया वायदा पूरा हो गया है। अब रसोई गैस का ट्रक हर माह क्षेत्र में पहुंचेगा। इसका फायदा रतनपुर और मेदनपुर के ग्रामीणों को भी मिलेगा। उन्होंने कहा कि जवाड़ी के समीप सड़क बाधित होने से रसोई गैस रौठिया तक नहीं पहुंचाई जा सकी। सड़क को जल्द खुलवाने के लिए लोनिवि के अधिकारियों को कह दिया गया है। अगले माह रौठिया तक रसोई गैस का ट्रक पहुंचाया जाएगा। डिमरी ने कहा कि क्षेत्र की अन्य समस्याओं के निराकरण के लिए भी नियोजित तरीके से काम होगा। रसोई गैस के बाद रतनपुर-स्वीली-जवाड़ी मोटरमार्ग को बाइपास-जवाड़ी इंटर काॅलेज मोटरमार्ग से जोड़ने के लिए प्रयास किया जा रहा है। छह माह के भीतर इस पर काम शुरु हो जाएगा। क्षेत्र के गांवों में पेयजल संकट दूर करने के लिए उन्होंने जनता से एक साल का समय मांगा। उन्होंने कहा कि भरदार क्षेत्र के लिए लस्तर गाढ़ से स्वीकृत पेयजल योजना पर तेजी से काम कराने के लिए अधिकारियों पर दबाव बनाया जा रहा है। उन्होंने जनता से कहा कि अगले पांच सालों तक वे प्राण-प्रण से जनता के लिए संघर्ष करेंगी। इसके लिए जनता का सहयोग जरूरी है। उनकी एक-एक समस्या को दूर करना उनका मकसद है। ग्राम प्रधान स्वीली की प्रधान रीना रावत, दरमोला की प्रधान किरन रावत, क्षेत्र पंचायत सदस्य दरमोला गुड्डी देवी, ग्राम प्रधान जवाड़ी कुंवर लाल, प्रधान रोठिया शूरवीर सिंह, क्षेत्र पंचायत सदस्य जवाड़ी उमा देवी ने पहली बार गांव में रसोई गैस वितरण होने पर जिला पंचायत सदस्य आशा डिमरी, जिलाधिकारी डाॅ राघव लंगर और मंदाकिनी गैस सर्विस का धन्यवाद ज्ञापित किया। उन्होंने कहा कि ग्रामीणों का रसोई गैस के लिए रुद्रप्रयाग जाना पड़ता था। ऐसे में एक सिलेंडर करीब छह-सात रुपए में पड़ता था। समय पर गैस मिलने की भी गारंटी नहीं थी। अब हमें घर में ही रसोई गैस मिल रही है। इससे पूर्व रसोई गैस के लिए बड़ी संख्या में दरमोला, डुंगरी, स्वीली, जवाड़ी से ग्रामीण पहुंचे। इस मौके पर मंदाकिनी गैस सर्विस के सहायक प्रबंधक अकबर सिंह पटवाल, विक्रम सिंह रावत, उप प्रधान स्वीली ममता देवी डिमरी, सामाजिक कार्यकर्ता देवी प्रसाद नौटियाल, सामाजिक कार्यकर्ता लक्ष्मी प्रसाद डिमरी, विक्रम सिंह कंडवाल, प्रदीप नौटियाल, रविन्द्र पंवार, लखपत सिंह, कर्ण सिंह, दिनेश रावत, देव सिंह पंवार समेत बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद थे। 

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