असंगठित क्षेत्र कामगार संगठन व राजस्थान बाल अधिकार संरक्षण साझा अभियान के संयुक्त प्रयास से जयपुर से छुड़ाए गए 140 बाल श्रमिक जल्द ही अपने परिजनों से मिल सकेंगे। संगठन ने इन बाल श्रमिकों को मुक्त कराने में कोई कसर नहीं छोड़ी। बाल श्रमिकों को राजस्थान के जयपुर से 20 अगस्त से 2 अक्तूबर के बीच एक सघन अभियान के तहत मुक्त कराया गया। संगठन के इस अभियान में जयपुर की मानव तस्करी इकाई, जिला टास्क फोर्स और चाइल्ड लाइन ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। गुरुवार की सुबह सभी मुक्त कराए गए बच्चे बाड़मेर-गुवाहटी एक्सप्रेस से पटना पहुंचेंगे।
मुक्त कराए गए सभी बच्चे बिहार सरकार के श्रम विभाग के तीन पदाधिकारी व राजस्थान पुलिस की चार सदस्यीय टीम के साथ पटना पहुंचेंगे। बच्चे सकुषल और सुरक्षित गंतव्य स्थान तक पहुंचे इसके लिए अभियान से जुड़े दो सदस्य भी पदाधिकारियों और पुलिस के साथ होंगे। गौरतलब है कि मुक्त कराए सभी बच्चों में से सबसे अधिक 78 बच्चे गया जिले के हैं। अन्य बच्चे नालंदा, नवादा, मधुबनी, जहानाबाद, समस्तीपुर, दरभंगा, वैषाली व अन्य जिले के हैं। विभिन्न जिलों के इन बच्चों को बिहार सरकार के पदाधिकारी सकुषल व सुरक्षित उनके घर तक छोड़ेंगे। मुक्ति के बाद सभी बच्चों को जयुपर प्रषासन की ओर से बंधुआ श्रम कानून के तहत बंधुआ श्रम अवमुक्ति प्रमाण पत्र जारी किया गया है। बच्चों को जयपुर से पटना तक सफर के दौरान खाने-पीने व नाष्ते की कमी महसूस नहीं हो इसका पूर्ण इंतजाम एक्षनएड एसोसिएषन की राजस्थान इकाई ने किया। जयपुर जिला प्रषासन, बाल कल्याण समिति के अध्यक्ष व सभी सदस्य, उपनिदेषक डीसीपीयू सहित विभिन्न संस्थाओं के प्रतिनिधि रेलवे स्टेषन पर मुक्त कराए बच्चों को विदा करने के लिए उपस्थित थे।

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