रविवार को हुदहुद का आंध, ओड़िशा तटों पर पहुंचने के आसार - Live Aaryaavart (लाईव आर्यावर्त)

Breaking

प्रबिसि नगर कीजै सब काजा । हृदय राखि कौशलपुर राजा।। -- मंगल भवन अमंगल हारी। द्रवहु सुदसरथ अजिर बिहारी ।। -- सब नर करहिं परस्पर प्रीति । चलहिं स्वधर्म निरत श्रुतिनीति ।। -- तेहि अवसर सुनि शिव धनु भंगा । आयउ भृगुकुल कमल पतंगा।। -- राजिव नयन धरैधनु सायक । भगत विपत्ति भंजनु सुखदायक।। -- अनुचित बहुत कहेउं अग्याता । छमहु क्षमा मंदिर दोउ भ्राता।। -- हरि अनन्त हरि कथा अनन्ता। कहहि सुनहि बहुविधि सब संता। -- साधक नाम जपहिं लय लाएं। होहिं सिद्ध अनिमादिक पाएं।। -- अतिथि पूज्य प्रियतम पुरारि के । कामद धन दारिद्र दवारिके।।

शनिवार, 11 अक्टूबर 2014

रविवार को हुदहुद का आंध, ओड़िशा तटों पर पहुंचने के आसार

हुदहुद चक्रवात के रविवार को आंध्र प्रदेश और ओड़िशा तटों पर पहुंचने की उम्मीद के बीच, राज्यों के अधिकारियों ने शनिवार को हजारों लोगों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया। एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि चक्रवात के कल दोपहर तक विशाखापट्टनम पहुंचे की संभावना है। उन्होंने बताया कि आंध्र प्रदेश के पांच तटवर्ती जिलों से 1.11 लाख लोगों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया गया है।

अधिकारियों ने बताया कि सरकार ने 5,14,725 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने का प्रबंध किया है। सेना एवं नौसेना ने अपने कर्मियों को राहत एवं बचाव अभियानों के लिए तैयार रहने को कहा है। राज्य आपदा प्रबंधन आयुक्त ए आर सुकुमार को प्राप्त रिपोर्टों के अनुसार श्रीकाकुलम जिले में 35 हजार लोगों, विजयनगरम में 6000 लोगों, विशाखापट्टनम में 15 हजार लोगों, पूर्वी गोदावरी जिले में 50 हजार लोगों और पश्चिमी गोदावरी जिल में पांच हजार लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचा गया है।

मुख्यमंत्री एन चन्द्रबाबू नायडू ने शीर्ष अधिकारियों के साथ स्थिति की समीक्षा की है तथा इसरो से हुदहुद के मार्ग की उपग्रह तस्वीरें भेजने का अनुरोध किया है। प्रदेश के पांच जिलों में 64 मंडलों के कुल 436 गांवों के समक्ष चक्रवात का खतरा है। सरकार ने इन जिलों में बचाये गये लोगों के लिए 370 राहत शिविरों की पहचान की है।

ओड़िशा में राज्य सरकार ने शनिवार को चक्रवात की दृष्टि से संवेदनशील इलाकों से लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाना शुरू कर दिया। इसी बीच इन मार्गों की दो उड़ानों एव 39 ट्रेनों को रद्द कर दिया गया है। विशेष राहत आयुक्त पीके महापात्र ने बताया कि आठ जिलों कोरापुट, मलकानगिरी, नवरंगपुर, रायगढ़ा, गजपति, गंजाम, कालाहांडी एवं कंधमाल के जिलाधीश लोगों को संवेदनशील स्थानों से सुरक्षित स्थानों पर पहुंचा रहे हैं।

विशेष राहत आयुक्त कार्यालय के अनुसार कुछ इलाकों विशेषकर दक्षिणी क्षेत्रों में बारिश की खबर है लेकिन अभी तक किसी बड़े नुकसान की सूचना नहीं मिली है। दिल्ली में भारतीय मौसम विभाग के बुलेटिन में कहा गया कि बेहद भीषण चक्रवात में तब्दील हो चुके हुदहुद के विशाखापट्टनम एवं गोपालपुर के समीप पहुंचने के साथ ही अगले 48 घंटों में आंध्र प्रदेश एवं ओड़िशा में भारी से बहुत भारी वर्षा होने की आशंका है।
  
विभाग ने कहा कि यह चक्रवात पिछले छह घंटे में पश्चिम से उत्तर पश्चिम की ओर बढ़ रहा है और इसका केन्द्र विशाखपट्टनम से 260 किलोमीटर दक्षिण और ओड़िशा के गोपालपुर से 350 दक्षिण दक्षिणपूर्व है। इसमें कहा गया कि यह चक्रवात उत्तर पश्चिम की ओर बढ़ेगा और 12 अक्तूबर को अपराह्न में विशाखपट्टनम के पास आंध्र प्रदेश के तट से गुजरेगा।

विभाग ने कहा कि इस चक्रवात के कारण आंध्र प्रदेश के पूर्वी एवं पश्चिमी गोदावरी जिले, विशापट्टनम, विजयनगरम एवं श्रीकाकुलम जिलों तथा ओड़िशा के कोरापुट, मलकानगिरी, नवरंगपुर, रायगढ़ा, गजपति, गंजाम, कालाहांडी, कंधमाल एवं फूलबनी में अगले 48 घंटों में भारी से बहुत भारी वर्षा हो सकती है।

कोई टिप्पणी नहीं: