पाकिस्तानी सैनिकों द्वारा जम्मू जिले में अंतरराष्ट्रीय सीमा स्थित गांवों और भारतीय चौकियों को निशाना बनाकर की गई भारी गोलाबारी में पांच ग्रामीणों की मौत हो गई और 29 अन्य घायल हो गए। यह संघर्ष विराम उल्लंघन की अब तक की सबसे भीषण घटनाओं में से एक है। सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) के एक प्रवक्ता ने आज बताया कि पाकिस्तानी रेंजरों ने जम्मू जिले के अरनिया सेक्टर में अंतरराष्ट्रीय सीमा पर 10 सीमा चौकियों और रिहायशी इलाकों को निशाना बनाकर कल रात 10 बजे से बिना उकसावे के भारी गोलीबारी की और मोर्टार दागे। प्रवक्ता ने बताया कि पाकिस्तानी रेंजरों ने सीमावर्ती गांवों और चौकियों को निशाना बनाने के लिए छोटे, स्वचालित और मोर्टार बमों का इस्तेमाल किया। सीमा पर तैनात बीएसएफ के जवानों ने इसका मुंहतोड़ जवाब दिया। क्षेत्र में रूक-रूक कर गोलीबारी हो रही है।
आर एस पुरा तहसील के उप संभागीय पुलिस अधिकारी (एसडीपीओ) देवेन्द्र सिंह ने बताया कि गोलाबारी में पांच ग्रामीण मारे गए और 29 घायल हो गए। घायलों में से 25 को जम्मू के जीएमसी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। भारी गोलाबारी के बीच अपनी जान जोखिम में डालकर घायलों को अस्पताल पहुंचाने वाली पुलिस टीम का नेतृत्व कर रहे सिंह ने बताया कि गोलाबारी में बड़ी संख्या में मकान नष्ट हुए और मवेशी मारे गए हैं। उन्होंने कहा कि सीमा पर खतरे वाले क्षेत्रों में रह रहे लोगों को वहां से निकाला जाएगा।
बीएसएफ के प्रवक्ता ने बताया कि बल का कोई कर्मी हताहत नहीं हुआ है। जम्मू कश्मीर में भारत-पाक सीमा पर पिछले चार दिन में संघर्ष विराम का यह 11वां उल्लंघन है। पुंछ में नियंत्रण रेखा पर सात बार और जम्मू में अंतरराष्ट्रीय सीमा पर चार बार संघर्ष विराम का उल्लंघन हुआ है। तीन अक्टूबर को पाकिस्तानी सैनिकों और रेंजरों ने कश्मीर घाटी के गुलमर्ग सेक्टर और पुंछ तथा जम्मू सेक्टर में संघर्ष विराम का उल्लंघन किया था जिसमें एक लड़की मारी गई थी और छह अन्य लोग घायल हो गए थे।
जम्मू में अस्पताल भेजे गए घायलों के परिजनों के चेहरों पर भय साफ देखा जा सकता है। पिंडी गांव के करन सिंह ने कहा कि मोर्टार बमों की झड़ी और उनके फटने की आवाज से हमें लग रहा था कि हम किसी भी समय मारे जा सकते हैं। रानो देवी ने कहा कि पाकिस्तान हमें बार-बार निशाना बनाता रहता है। सरकार को तत्काल कुछ न कुछ करना चाहिए। हम मरने के लिए सीमा पर नहीं रह सकते।
कल पाकिस्तानी सैनिकों ने नियंत्रण रेखा पर, पुंछ जिले में स्थित बालनोई सब सेक्टर में अग्रिम भारतीय चौकियों पर सुबह करीब आठ बजे बिना उकसावे के भारी गोलाबारी की थी। चार अक्टूबर को पाकिस्तानी सैनिकों ने जम्मू कश्मीर के पुंछ जिले में नियंत्रण रेखा से लगते इलाकों में भीषण गोलाबारी की थी, जिसका भारतीय सेना ने करारा जवाब दिया था। पाकिस्तानी सैनिकों ने एक और दो अक्टूबर को पुंछ जिले में नियंत्रण रेखा पर दो बार संघर्ष विराम का उल्लंघन किया था, जिसमें तीन महिलाओं सहित छह लोग घायल हो गए थे। सेना के अनुसार, जम्मू कश्मीर में विधानसभा चुनाव नजदीक होने के मद्देनजर पाकिस्तान आधारित आतंकी नेतृत्व भारी गोलीबारी की आड़ में बड़ी संख्या में आतंकवादियों को घुसाना चाहता है, ताकि राज्य में आतंकी गतिविधियों को अंजाम दिया जा सके।
उधमपुर आधारित रक्षा प्रवक्ता कर्नल एसडी गोस्वामी ने कहा था कि वे राज्य में विधानसभा चुनाव में खलल डालना चाहते हैं क्योंकि वे जानते हैं कि बड़ी संख्या में उनके कैडरों का पहले ही सफाया हो चुका है। इसलिए उनकी संख्या बढ़ाने के लिए वे राज्य में अपने अधिक से अधिक लोगों को घुसाने की कोशिश कर रहे हैं। यही वजह है कि संघर्ष विराम उल्लंघन की घटनाएं बढ़ी हैं। इससे पहले, पाकिस्तानी सैनिकों की ओर से संघर्ष विराम उल्लंघन की भीषण घटना 26 अगस्त की रात को हुई थी। पाकिस्तानी सैनिकों की ओर से 45 दिन से की जा रही भीषण गोलीबारी और गोलाबारी से सीमा पर उत्पन्न तनाव को कम करने के प्रयास के तहत 29 अगस्त को जम्मू जिले के आरएस पुरा सेक्टर में ऑक्टराय बीओपी में दोनों देशों के बीच सेक्टर कमांडर (डीआईजी-ब्रिगेडियर) स्तर की महत्वपूर्ण फ्लैग मीटिंग हुई थी। बीएसएफ के सैनिकों ने 28 अगस्त को अंतरराष्ट्रीय सीमा पर सांबा सेक्टर की बल्लार्ड चौकी में रेंजरों के साथ कमांडेंट स्तर की फ्लैग मीटिंग की थी।
जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने बिना उकसावे के पाकिस्तान की ओर से की गई गोलाबारी और गोलीबारी से प्रभावित हुए जम्मू के सीमावर्ती गांव अरनिया का दौरा करेंगे जिसमें पांच लोग मारे गए और कई अन्य घायल हुए। हजरतबल दरगाह में ईद की नमाज पढ़ने के बाद उमर शहर के सरकारी अस्पताल गए और वहां उन्होंने रक्तदान किया। इसके बाद विभिन्न अस्पतालों में भर्ती सीमापार से गोलाबारी में घायलों के देखने के लिये जम्मू गये। आधिकारिक सूत्रों ने कहा कि मुख्यमंत्री अरनिया गांव का दौरा करेंगे। यह वही इलाका है, जो पिछली रात से बिना किसी उकसावे के पाकिस्तान की ओर से की जा रही गोलीबारी में सबसे ज्यादा प्रभावित हुआ है।
बीएसएफ के महानिदेशक डी के पाठक भी इलाके की सुरक्षा स्थिति का जायजा लेने के लिए दिल्ली से जम्मू के लिए रवाना हो गए हैं। जम्मू जिले में अंतरराष्ट्रीय सीमा पर स्थित गांवों एवं चौकियों पर पाकिस्तानी सैनिकों की ओर से की जा रही गोलाबारी एवं गोलीबारी में पांच ग्रामीण मारे गए हैं और 29 लोग घायल हो गए हैं। यह पाकिस्तान की ओर से अब तक के सबसे गंभीर संघर्षविराम उल्लंघनों में से एक है। रक्षा मंत्री अरुण जेटली ने पाकिस्तान की ओर से संघर्ष विराम के उल्लंघन की निंदा करते हुए आज कहा कि भारतीय सशस्त्र सेनाएं पूरी तरह से तैयार है और सीमापार से ऐसे प्रत्येक उकसावे का जवाब दे रही हैं। जेटली ने कहा कि पाकिस्तान को यह समक्षना चाहिए कि जिस तरह का माहौल वह दोनों देशों के बीच पैदा कर रहा है, उससे संबंधों को सामान्य बनने में निश्चित तौर पर मदद नहीं मिलने जा रही है। संघर्ष विराम के लगातार उल्लंघन पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए रक्षा मंत्री ने कहा कि पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय सीमा और नियंत्रण रेखा (एलओसी) पर तनाव पैदा करने का प्रयास कर रहा है। उन्होंने कहा कि इसके परिणामस्वरुप संघर्ष विराम का लगातार उल्लंघन हो रहा है। इसके कारण निर्दोष नागरिकों की जान जा रही है।
जेटली ने कहा कि पाकिस्तान को समक्षना चाहिए कि दोनों देशों के बीच वह जिस तरह का माहौल पैदा कर रहा है, उससे संबंधों को सामान्य बनाने में निश्चित तौर पर कोई मदद नहीं मिलने नहीं जा रही है। सकारात्मक माहौल बनाने की जवाबदेही पाकिस्तान पर है जो ऐसा करने में पूरी तरह से विफल रहा है। रक्षा मंत्री ने कहा कि लोग इस बात से आश्वस्त रहें कि हमारी सशस्त्र सेनाएं और अर्धसैनिक बल पूरी तरह से तैयार है और पाकिस्तान की ओर से प्रत्येक उकसावे का जवाब दे रही हैं।
सीमा पर तनाव के हालात के बीच ईद के मौके पर पंजाब में वाघा सीमा पर भारत और पाकिस्तान के सैनिकों के बीच आज मिठाई नहीं बांटी गयी, जो परंपरागत तरीके से हर साल बांटी जाती है। आधिकारिक सूत्रों ने कहा कि सीमा सुरक्षा बल और पाकिस्तान रेंजर्स के सेक्टर कमांडरों के बीच कल देर शाम को हुई फ्लैग वार्ता में दूसरे पक्ष ने आज आयोजित होने वाले समारोह के लिए कोई समय तय करने से इनकार कर दिया। सूत्रों ने कहा कि पाकिस्तानी पक्ष ने आज ईद पर मिठाइयों के आदान-प्रदान से इनकार कर दिया। उन्होंने कोई वजह नहीं बताई, लेकिन समझा जाता है कि दूसरी तरफ से बिना उकसावे के गोलीबारी की घटनाओं के मददेनजर जम्मू कश्मीर सीमा पर फैला तनाव एक वजह हो सकती है। इसलिए बीएसएफ ने आज वाघा सीमा पर कोई गतिविधि नहीं की और गेट बंद रहे।
दोनों पक्षों के बीच सीमा पर मिठाइयों का आदान-प्रदान एक पुरानी परंपरा है, जिसका मकसद सदभावना बनाये रखना है। दिवाली और दोनों देशों के स्वतंत्रता दिवस पर भी यह परंपरा निभाई जाती है। हालांकि सूत्रों के मुताबिक रोजाना होने वाली इवनिंग र्रिटीट होने की संभावना है। जम्मू जिले में अंतरराष्ट्रीय सीमा पर आज पाकिस्तानी जवानों की ओर से मोर्टार दागे जाने और गोलीबारी में पांच ग्रामीणों की मृत्यु हो गयी और 29 लोग घायल हो गये। जम्मू-कश्मीर में सीमा पार से भारी गोलीबारी और गोलाबारी के कारण पांच ग्रामीणों की मौत एवं 29 लोगों के घायल हो जाने के बाद भारत ने आज पाकिस्तान से संघर्ष विराम उल्लंघन की घटनाएं रोकने के लिए कहा। गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि पाकिस्तान को अब संघर्ष विराम उल्लंघन की घटनाएं रोकनी चाहिए और इस वास्तविकता को समझना चाहिए कि भारत में समय बदल चुका है। उन्होंने कहा कि केंद्र स्थिति पर नजर बनाए हुए है और जम्मू-कश्मीर सरकार पाकिस्तानी गोलीबारी से प्रभावित हुए सीमावर्ती इलाकों के निवासियों को राहत पहुंचाने के लिए कदम उठा रही है।
कांग्रेस और भाजपा दोनों ने कहा कि पाकिस्तान द्वारा संघर्ष विराम का उल्लंघन एक गंभीर मुद्दा है और उसे ऐसी हरकतों से बचना चाहिए। भाजपा के नेता मुख्तार अब्बास नकवी ने कहा, पाकिस्तान जो भी कर रहा है, वह निश्चित रूप से एक गंभीर मुद्दा है। हम पाकिस्तान को यह बताना चाहते हैं कि ऐसी गतिविधियों में शामिल होना उनके अपने लिए अच्छा नहीं है। पाकिस्तान की गतिविधियों की निंदा करते हुए पूर्व विदेश मंत्री सलमान खुर्शीद ने कहा कि यह बेहद निंदनीय बात है कि इस तरह की घटनाएं ईद के मौके पर हुई हैं। इससे ज्यादा बुरा और कुछ नहीं हो सकता।
कल रात से जम्मू जिले में अंतरराष्ट्रीय सीमा पर गांवों और सीमा चौकियों को निशाना बनाकर पाकिस्तान की ओर से की गई भारी गोलाबारी और गोलीबारी में पांच ग्रामीण मारे गए और 29 लोग घायल हो गए हैं। पाकिस्तान की ओर से यह संघर्ष विराम उल्लंघन की सर्वाधिक भयावह घटना है। पिछले चार दिनों में जम्मू-कश्मीर में स्थित भारत-पाक सीमा पर किया गया यह 11वां संघर्ष विराम उल्लंघन है। तीन अक्टूबर को पाकिस्तानी सैनिकों और रेंजरों ने कश्मीर घाटी के गुलमर्ग सेक्टर और पुंछ एवं जम्मू सेक्टरों में संघर्ष विराम का उल्लंघन किया था, जिसमें एक लड़की मारी गई थी और छह लोग घायल हो गए थे।
जम्मू कश्मीर के तंगधार सेक्टर में नियंत्रण रेखा पर सेना ने घुसपैठ की एक कोशिश को नाकाम करते हुए तीन आतंकवादियों को मार गिराया। सेना के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि उत्तरी कश्मीर में पांच अक्टूबर और छह अक्टूबर की मध्य रात्रि तंगधार पटटी में नियंत्रण रेखा पर भारतीय क्षेत्र में प्रवेश कर रहे आतंकवादियों का एक समूह नजर आया। भारतीय सैनिकों ने उन्हें ललकारा। इसके बाद गोलीबारी हुई और तीन आतंकवादी मारे गए। घुसपैठ की कोशिश नाकाम कर दी गई। उन्होंने बताया कि घटनास्थल से तीन एके राइफलें बरामद की गई हैं।

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