संवेदनशील मीडिया बहुकर्मियों के साथ जल जीवन और संरक्षण पर राष्ट्रीय सेमीनार - Live Aaryaavart (लाईव आर्यावर्त)

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सोमवार, 6 अक्टूबर 2014

संवेदनशील मीडिया बहुकर्मियों के साथ जल जीवन और संरक्षण पर राष्ट्रीय सेमीनार


  • मीडिया चौपाल का दिल्ली में होगा आगाज़
  • देश भर के संजीदा सरोकारी मीडियाकर्मी और सामाजिक सरोकारी करेंगे परिचर्चा 
  • आई आई एम् सी बनेगा जल जीवन और संरक्षण परिचर्चा का केंद 

media chaupal
‘नद्द: रक्षति रक्षित:’ (नदी संरक्षण) विषय पर केंद्रित ‘मीडिया चौपाल’ में वेब मीडिया संचालकों, ब्लॉग लेखकों और पत्रकारों के जुटान का आयोजन भोपाल की स्पंदन नामक संस्था और मध्यप्रदेश विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद् की साझा अगुवाई में किया जा रहा है। आयोजन को पं. माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय, राष्ट्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी संचार परिषद्, विज्ञान प्रसार, इंडियन साइंस राइटर्स एसोसिएशन, राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन, विज्ञान भारती, इंडिया वाटर पोर्टल, जम्मू कश्मीर अध्ययन संस्थान और भारतीय जनसंचार संस्थान आदि मदद कर रही है।

देश के 150 से अधिक मीडियाकर्मी नदियों की हालत और उसमें सुधार की गुंजाइश तलाशने के लिए राजधानी दिल्ली में जुटेंगे। मीडिया शिक्षा के लिए मशहूर भारतीय जनसंचार संस्थान (आईआईएमसी) में 11-12 अक्टूबर को ‘मीडिया चौपाल’ नाम से इसका आयोजन किया जा रहा है।

स्पंदन के संयोजक अनिल सौमित्र ने इस बारे में बताया कि बीते तीन साल से इन कोशिशों के जरिए हम समाज को जागरूक करने वाले मीडियाकर्मियों के बीच किसी खास मसले पर चर्चा करते हैं। चर्चा से सामने आए फैसलों और उपायों को प्रशासन और सरकार के साथ ही समाज के संबंधित जगहों पर पहुंचाते हैं। उन्होंने बताया कि ‘विकास की बात विज्ञान के साथ : नये मीडिया की भूमिका’ और ‘जन-जन के लिए विज्ञान और जन-जन के लिए मीडिया’ जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर पिछले दो सालों में मीडिया चौपाल का सफल आयोजन भोपाल में हो चुका है। तीसरी मीडिया चौपाल दिल्ली में भारतीय जनसंचार संस्थान के परिसर में जमेगी।

उन्होंने कहा कि भारत की लगभग सभी नदियों और उससे जुड़े इंसान समेत सभी जीवों के सामने जब संकट खड़ा हो, तब संचार के नए माध्यम ‘सोशल मीडिया’ की पहुंच, प्रयोग और प्रभाव का नदी संरक्षण के लिए उपयोग करने पर चर्चा करना बहुत जरूरी और अहम पहल है।

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