हुदहुद’ चक्रवात से आंध्र प्रदेश और ओडिशा के तटीय जिलों में भारी बारिश और करीब 200 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चली हवाओं के चलते रविवार को छह लोगों की मौत हो गई जबकि विशाखापत्तनम में तबाही का मंजर है जिसे इस प्रचंड तूफान ने सबसे ज्यादा प्रभावित किया है।
चार लाख से कुछ अधिक लोगों..आंध्र प्रदेश के चार जिलों में ढाई लाख और ओड़िशा में 1,56,000 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है तथा हजारों लोगों को अभी सुरक्षित स्थानों और विशेष आश्रय स्थलों पर ले जाया जा रहा है।
भारतीय मौसम विभाग ने रविवार रात बताया कि हुदहुद चक्रवात की प्रचंडता शाम तक कम हो गई और इसकी रफ्तार 100 से 110 किलोमीटर प्रति घंटा तक सीमित हो गई। यह बहुत प्रचंड चक्रवाती तूफान से प्रचंड तूफान में तब्दील हो गया। प्रचंड हवाओं ने विशाखापत्तनम, श्रीकाकुलम और विजयनगरम जिलों को प्रभावित किया है। दोपहर से कुछ ही देर पहले चक्रवात के पहुंचने से वहां बिजली और संचार लाइनें ठप पड़ गयीं और सड़क एवं रेल संपर्क टूट गया जिससे जनजीवन पटरी से उतर गया।
दिल्ली में एक आधिकारिक बयान में बताया गया है कि शुरुआती आकलन के मुताबिक चक्रवात से छह लोगों की मौत हुई है। आंध्र प्रदेश और ओडिशा में तीन-तीन लोगों की मौत हुई है। प्रभावित जिलो में संचार सेवाएं और बिजली आपूर्ति बुरी तरह से प्रभावित हुई हैं।
पेड़ उखड़ गए और झुग्गी झोपड़ियों की छतें तथा होर्डिंग उड़ गई। क्षेत्र में परिवहन सेवाएं ठहर गई। दर्जनों ट्रेनों को या तो रद्द कर दिया गया या उनके मार्ग में परिवर्तन कर दिया गया। क्षेत्र में विमानों की उड़ानें भी प्रभावित हुईं। सड़कें सुनसान नजर आई क्योंकि दहशत के चलते लोग घरों से बाहर नहीं निकले।
रेलवे ने विशाखापत्तनम मार्ग पर 50 ट्रेनें रद्द कर दी और 50 ट्रेनों के मार्ग में परिवर्तन कर दिया। आंध्र प्रदेश के राजस्व (आपदा प्रबंधन) विभाग के मुताबिक चक्रवात से विशाखापत्तनम में रेल लाइनें बुरी तरह से क्षतिग्रस्त हुई हैं। इसके अलावा वहां हवाईअड्डे को भी नुकसान पहुंचा है।
राजस्व विभाग ने बताया कि ‘हुदहुद’ से कुल 2,48,004 लोग प्रभावित हुए हैं। इससे 70 मकानों को भी नुकसान पहुंचा और 34 पशु मारे गए हैं। आंध्र प्रदेश में बारिश से जुड़ी घटनाओं में तीन लोगों की मौत हो गई जबकि ओड़िशा में एक व्यक्ति की मौत हुई है।
राज्य के मुख्य सचिव आईवीआर कृष्ण राव ने बताया, ‘हुदहुद से तीन लोगों की मौत होने की खबर है। विशाखापत्तनम में दो लोगों के उपर पेड़ गिर गये जबकि श्रीकाकुलम में एक परिसर की दीवार ढहने से एक व्यक्ति की मौत हो गयी है।’ ओडिशा के विशेष राहत आयुक्त पीके महापात्र ने बताया कि चक्रवात के चलते एक बच्ची सहित तीन लोगों की मौत हो गयी है। गजपति जिला सर्वाधिक प्रभावित है। महापात्र ने बताया कि किसी बड़े प्रतिष्ठान को नुकसान पहुंचने की कोई खबर नहीं है। केंद्रीय मंत्री एवं विजयनगरम से सांसद अशोक गजपति राजू ने बताया, ‘प्रभाव (चक्रवात का) जबरदस्त है।’
दिल्ली में मौसम विभाग के निदेशक लक्ष्मण सिंह राठौड़ ने बताया कि चक्रवात आंध्र प्रदेश के तटों पर 170 से 180 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से आया और यह 195 किलोमीटर प्रतिघंटा तक पहुंच गया। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आंध प्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू से बात की और राहत एवं बचाव उपायों पर चर्चा की तथा हर संभव मदद का वादा किया जैसा कि एनडीआरएफ की टीमों को राहत एवं बचाव कार्य में लगाया गया है।
मौसम विभाग ने बताया कि हुदहुद के विशाखापत्तनम के 60 किलोमीटर उत्तर पश्चिम बढ़ने पर इसकी प्रबलता शाम तक कम हो गई। नायडू ने बताया, ‘स्थिति गंभीर है।’ उन्होंने केंद्र से इस चक्रवात को ‘राष्ट्रीय आपदा’ घोषित करने का अनुरोध किया। एक आधिकारिक बयान में कहा गया है कि सेना की चार टुकड़ियों के अलावा राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) के कर्मियों की 24 टीमें और छह हेलीकॉप्टर राहत एवं बचाव कार्य के लिए लगाए गए हैं।
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