एप्पल और फेसबुक अब तक कर्मचारियों को मुफ्त लंच, ड्राय क्लीनिंग और मसाज जैसी सुविधाएं दे रहे थे, लेकिन अब यह महिला कर्मचारियों को फ्रोजन एग्स की भी सुविधा दे रहे हैं। यानी कि इन दिग्गज कंपनियों ने महिला कर्मचारियों के सामने मां बनने का सपना टालने का प्रस्ताव राख है जिसके बदले में कंपनी इन कर्मचारियों को अपने अंडाणु फ्रीज करवाने के लिए लाखों दे रही है।
एप्पल और फेसबुक कर्मचारियों को इंफर्टिलिटी ट्रीटमेंट्स, स्पर्म डोनर्स और एग्स फ्रीज करने के लिए 20000 डॉलर यानी कि करीब 12 लाख रूपए दे रही हैं। कंपनियों का मानना है कि ऎसा करने से महिलाएं करियर पर फोकस कर सकेंगी और वक्त बीत जाने के बाद भी आसानी से मां बन सकेंगी।
सोश्योलॉजी प्रोफेसर और स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी में क्लेमैन इंस्टीट्यूट फॉर जेंडर रिसर्च के निदेशक शैली कोरेल का कहना है, "यह हमेशा से ही चर्चा का विषय रहा है कि महिलाओं के करियर में बायोलॉजिकल क्लॉक और क्लॉक वर्क में हमेशा ही कॉनफ्लिक्ट रहा है। जिस वक्त महिलाएं अपने करियर में पीक की तरफ बढ़ रही होती हैं, उसी दौरान उन पर मां बनने का भी दबाव होता है क्योंकि इसमें देरी करने पर उम्र बढ़ने के साथ मां बनना मुश्किल हो जाता है। कंपनियों का यह कदम महिलाओं की यह समस्या सुलझा देगा।"
फेसबुक ने महिला कर्मचारियों को इस ऑफर के तहत भुगतान करना शुरू कर दिया है, जबकि एप्पल वर्ष अगले साल भुगतान करना शुरू करेगा। गौरतलब है कि एग फ्रीजिंग में महिलाओं के अंडाणु सबजीरो टेम्प्रेचर्स पर प्रिजर्व किए जाते हैं, ताकि उन्हें भविष्य में इस्तेमाल किया जा सके। इस प्रोसीजर में करीब 10000 डॉलर का खर्च आता है इसके बाद स्टोरेज के लिए सालाना कुछ डॉलर चुकाने होते हैं। बाद में इन अंडाणुओं को फर्टिलाइज कर इन्हें गर्भाश्य में इम्प्लांट पर अलग से खर्च करना पड़ता है।

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