जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने मंगलवार को इस बात से इनकार किया कि राज्य में आतंकवादी संगठन आईएसआईएस की उपस्थिति है। घाटी में विरोध प्रदर्शन के दौरान आईएसआईएस के झंडों की उपस्थिति के बारे में उन्होंने कहा कि झंडे लहराने वाले मूर्ख युवकों के खिलाफ कार्रवाई की गई है। उमर ने यहां केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह से मुलाकात के बाद कहा, 'जम्मू-कश्मीर में आईएसआईएस समूह की कोई उपस्थिति नहीं है। कुछ मूर्ख युवकों ने झंडों का उपयोग किया था लेकिन मामला बस इतना ही था।'
उमर ने कहा, 'दुर्भाग्यवश कुछ चैनलों ने इस मुद्दे को अनावश्यक रूप से उछाला, लेकिन हमने पहले ही दोषियों के खिलाफ कार्रवाई कर दी है।' उमर ने बताया कि मामले में कुछ गिरफ्तारियों के अलावा जिस दर्जी ने झंडे बनाए थे, उसकी पहचान कर ली गई है और उसके खिलाफ कार्रवाई शुरू की जा रही है।
उन्होंने कहा, 'हम हर आवश्यक कदम उठा रहे हैं, लेकिन मीडिया अभी भी दोषियों को दंडित न करने का हम पर आरोप लगा रहा है।' श्रीनगर में आईएसआईएस के पोस्टर और झंडों की उपस्थिति के बाद भारतीय सेना ने जुलाई में कहा था कि जम्मू-कश्मीर में अफगानिस्तान से आतंकवाद का संभावित फैलाव एक वास्तविक चिंता है।

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