कन्या संस्कार शिविर का आयोजित, बहनो! कभी स्वयं को कमजोर मत समझना - Live Aaryaavart (लाईव आर्यावर्त)

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सोमवार, 20 अक्टूबर 2014

कन्या संस्कार शिविर का आयोजित, बहनो! कभी स्वयं को कमजोर मत समझना

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उदयपुर 9 अक्टूबर। प्रख्यात कवि मुबंई से आये युगराज जैन ने कहा कि बहिनों अपनी आँखो मे वह अँगारे रखो की तुम्हारी चारित्रिक शक्ति के सामने वासना लेकर घुमने वाले भेडिये भी घबरा कर भाग उठे, इतनी हिम्मत अपने आप में रखना, कभी स्वयं को कमजोर मत समझना। 

वे उदयपुर में अखिल भारतवर्षीय श्वेताम्बर स्थानकवासी जैन काँफ्रेस महिला शाखा, राजस्थान द्वारा रविवार को श्रमण संघीय महामंत्री सौभाग्य मुनि महाराज के सानिध्य में पंचायती नोहरे में आयोजित बालिका संस्कार शिविर के मुख्य वक्ता के रूप में समारोह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि संस्कार उन्हें दिये जाते है जिनमें संस्कार ना हो परन्तु आप सभी संस्कारवान है इसलिए अपने अभिभावक, काँफ्रेस के आमंत्रण एवं स्वेच्छा से इस आयोजन में आये है।

युगराज जैन ने कहा कि नई पीढ़ी को जरूरत है काल्पनिक दुनिया के छलावे से बाहर आकर यथार्थ के धरातल पर अपने संस्कारों के प्रति जागरूक रह कर जीवन जीने की। उन्होंने बालिकाओं से आहवान किया कि प्रेम प्रसंग में फंसी किसी अपनी बहिन, सहेली या किसी भी युवती को बचाने का कार्य आज से ही शुरू करें, अपने प्रयासो से अगर किसी बहिन को घर से भागने से बचा लिया तो मंदिर या स्थानक का निर्माण करने से कहीं ज्यादा पुण्य प्राप्त होगा।
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आज की बालिकाओं को चाहिये की अपने माता-पिता , अध्यापक व समाज से संस्कारों की विधि का ज्ञान लें व किसी भी युवक द्वारा झूठी प्रशंसा, भेट एवं किसी भी प्रकार के काल्पनीक लालच से दूर रह कर ऐसे समाज कंटको का मँुहतोड़ जवाब दे। कुछ दिनों की दोस्ती के लिए जो युवक आपके माता-पिता से आपका वर्षो पुराना पवित्र रिश्ता तुड़वा सकता है वह आपके साथ जिन्दगी के कितने दिन रिश्ता निभायेगा इस बात पर चिन्तन करना जरूरी है। एक मिनट में जिन्दगी तो नहीं बदल सकती परन्तु एक मिनट सोच कर लिया गया फैसला जिन्दगी बदल सकता है इसलिए कुछ भी करने से पहले एक मिनट सोचे।

संस्कार शिविर मे सौभाग्य मुनि ने अपने प्रवचन में कहा कि कन्याएं एक घर नहीं वरन् दो घर की लाज होती है।  शिविर में महिला काँफ्रेस की संभागीय अध्यक्ष ममता रांका ने शिविर के उद्ेश्य पर प्रकाश डालते हुए बताया कि आज की भाग दौड़ भरी जिन्दगी में माता-पिता अपने घर-परिवार की जिम्मेदारियों, व्यवसाय आदि की व्यस्तता के कारण बच्चों की अभिरूचि उनकी संस्कृति पर विशेष ध्यान नही दे पाते जिस कारण बच्चें जेनत्व का महत्व नही समझ पाते और जब वह गलत राह पर चल पड़ते है, तब तक काफी देर हो जाती है इस समस्या को ध्यान मे रखते हुए सम्पूर्ण संभाग की कन्याओं को संस्कारवान बनाने के लिए इस शिविर का आयोजन किया गया। 
पुष्करवाणी ग्रुप ने बताया कि शिविर का शुभारंभ मंगलाचरण एवं अतिथियों को पुष्प गुच्छ भेंट कर किया गया। शिविर मे अखिल भारतीय जैन कॉन्फ्रेंस के प्रान्तीय अध्यक्ष वीरेन्द्र्र ड़ागी, महापौर रजनी ड़ागी, जिला प्रमुख मधु मेहता, संभागीय मंत्री पिंकी माण्डावत, तारा पगारिया, सुधा भण्डारी, इत्यादि श्राविकाऐं उपस्थित थी।

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