नरकटियागंज (बिहार) की खबर (12 अक्टूबर) - Live Aaryaavart (लाईव आर्यावर्त)

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रविवार, 12 अक्टूबर 2014

नरकटियागंज (बिहार) की खबर (12 अक्टूबर)

गंदगी से मच्छर का प्रकोप बढा, लोग पेरशान , सफेद हाथी बना फौगिंग मशीन

narkatiaganj news
नरकटियागंज(पच) शहर में मच्छरों के बढते प्रकोप के कारण प्रधानमंत्री की पहल पर चलाया जा रहा पूर्ण स्वच्छता अभियान पर ग्रहण लगता दिख रहा है। उल्लेखनीय है कि मच्छरों की बढ़ती आबादी से स्पष्ट है कि शहर में गंदगी शबाब पर है। नगर परिषद् में फौगिंग मशीन है लेकिन वह सफेद हाथी साबित हो रहा है। शहर की करीब 50 से 55 हजार की आबादी प्रतिदिन मच्छरों से रूबरू हो रही है। नरकटियागंज के मच्छर छोटे नहीं बल्कि औसत से बड़े आकार के होते हैं। अंधेरे घरों में तो दिन में बैठना भी मुश्किल है, जबकि खुले घरों में शाम होते ही आम लोग मच्छर अगरबत्ती जलाने को विवश हो जाते है। गरीबों के लिए धुँआ करने की विवशता होती है, जिसके लिए पड़ोसियों से आये दिन झगड़े होते रहते है। तत्कालीन जद यू के सांसद बैद्यनाथ प्रसाद महतो के क्षेत्रीय विकास निधि से खरीदा गया फौगिंग मशीन यू ही बेकार पड़ा है, लेकिन दवा के आभाव में मच्छररोधी दवा का छिड़काव नहीं किया जा रहा है। जिससे शहर में मलेरिया जैसे रोग का प्रकोप बढता जा रहा है। नरकटियागंज सरकारी अस्पताल के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डाॅ चन्द्रभूषण बताते है कि शहर में बुखार के आने वाले मरीजों में मलेरिया ग्रस्त लोगों की संख्या अधिकाधिक होती हैं।

नगर परिषद् मस्त नगरवासी पस्त, घर से उँची नाली और सड़के बनी पहचान

नरकटियागंज(पच) नगर परिषद नरकटियागंज के कार्यकलाप से शहरवासी उब से गये है। शिकारपुर के वर्चस्व को समाप्त कर जब सुनिल कुमार के नेतृत्व में शहर में एक नयी व्यवस्था प्रारम्भ हुई तों लोगों को ऐसा लगा मानों शहर का कायाकल्प हो जाएगा। किन्तु देखते-देखते शहर के लोगों को इस बात का एहसास हो गया कि उन्हें अपने लोगों ने गैरों की अपेक्षा ज्यादा ठग लिया है। नगर परिषद के सभापति व उप सभापति ने पूर्वाग्रह से ग्रस्त होकर विकास कार्यों को अंजाम देना प्रारम्भ  किया, जिससे नगर परिषद मानों नरक परिषद में तब्दिल हो गया। सभापति सुनिल कुमार ने शहर के मुख्य नालों की सफाई कराया और लोगांे की वाह-वाही लूटी, उस दौरान मुख्य नाला कई जगह क्षतिग्रस्त हो गया, यथा गौशाला के पास, डाॅ.लक्ष्मी प्रसाद के सामने, थाना के सामने स्थित समाचारपत्र  के कार्यालय के सामने नाला टूट गया। उसके बाद पूर्वाग्रह से ग्रस्त जनप्रतिनिधियों ने क्षतिग्रस्त नाले की मरम्मत तक नहीं कराया। निर्वाचित जन प्रतिनिधि, तत्कालीन क्षेत्रीय विधायक सतीशचन्द्र दूबे, तत्कालीन क्षेत्रीय सांसद बैद्यनाथ प्रसाद महतो मानों जन समस्याओं की तरफ से कुछ नहीं बोलने व करने की कसम खा रखी है। नगर परिषद को मिली राशि का जितना दुरूपयोग विŸाीय वर्ष 2013-2014 में हुआ, सम्भवतः इसके पूर्व नहीं हुआ होगा। तत्कालीन नगर पंचायत की अध्यक्षा रश्मि वर्मा के समय में भगवती सिनेमा रोड (महात्मा गाँधी मार्ग) के उँचीकरण के विरोध में शहर के प्रबुद्धजनों ने न्यायालय का दरवाजा खटखटाया था। अलबŸाा स्वयं उन्हे जब काम करने का मौका मिला तो एक सड़क कौन कहे पूरे शहर की सड़को को दो से तीन फीट उँचा उठा दिया गया और किसी ने चूँ-चपड़ तक नहीं किया। वर्तमान विधायक रश्मि वर्मा ने शहर के टूटे नाले की मरम्मत कराने के लिए पहल करने की बात कही है। विकास कार्य में लगी एजेन्सी वैभव कन्सट्रक्शन ने एक-दो अपवाद छोड़ मानो पूरे शहर को खरीद लिया है और मनमाने ढंग से काम किया, नियमानुसार पुराने सड़क को उखाड़ कर वहाँ नया निर्माण करना चाहिए, लेकिन यहाँ पुराने सड़क के उपर पीसीसी कर दिया गया। वैभव कन्सट्रक्शन के कार्याें की जाँच के लिए किसी नगर पार्षद, विधान पार्षद, विधायक या सांसद तथा राजनीतिक दल से जुडे़ किसी ने कहीं कोई आवाज नहीं उठाया, मानों सबको साँप सूँघ गया हो। नगर परिषद के नन्दपुर, दिउलिया और खोंड़ी में गरीबों का घर सड़क से तीन फीट नीचे हो गया है। सामान्यतया वर्षा होने पर सभी पानी उनके घर में घुस जाता है।

दुर्गावती हत्याकाण्ड पुलिस की छापेमारी जारी अभियुक्त घर छोड़कर फरार

नरकटियागंज(पच) अनुमण्डल के मुरली-भरहवा गाँव में छठू राम की बहू की शादी के मात्र 5 माह में ही जलाकर मारने की हृदयविदारक घटना के उपरान्त पुलिस की उपलब्धि शुन्य है। उल्लेखनीय है कि महेशपुर गाँव शिकारपुर थाना निवासी स्व.मथुरा राम की भतीजी और गोखुल राम की पुत्री दुर्गावती विगत मइ्र्र 2014 को छठू राम के पुत्र अनिल कुमार उर्फ अनील राम के साथ ब्याहकर गौनाहा थाना के मुरली भरहवा गाँव लायी गयी। हमारे सूत्र बताते है कि दुर्गावती को उसके पिता ने राजमिस्त्री का काम करने वाले दामाद के लिए अपने शक्ति अनुरूप एक लाख चालीस हजार रूपये दहेज तय कर शादी सम्पन्न कराया। शादी के पूर्व एक लाख तीस हजार रूपये भुगतान कर दिया। उसके बाद गोखुल राम गोरखपुर रिक्शा चलाने चला गया। उधर उसकी पुत्री दुर्गावती कुमारी उर्फ दुर्गावती देवी को महज दस हजार रूपये के लिए लगातार प्रताड़ना मिलता रहा। मृतका के परिजनों के अनुसार दुर्गावती ने अपने ससुराल वालों के मोबाईल से सात अक्टूबर 2014 को अपनी माँ से बात किया और कहा कि माँ 10000 दस हजार रूपये भेज दो अन्यथा ये लोग रहने नहीं देंगे। उसकी माँ ने कहा कि अभी तुम्हारे बाबूजी नहीं है और रूपये भी नहीं है जब रूपये हो जाएँगे तो समय पर भेजवा देंगे। लेकिन उसकी माँ को क्या पता कि बेटी से ये आखिरी बातचीत है। 09 अक्टूबर 2014 को उसे घर में बन्द कर आग के हवाले कर दिया गया। बुरी तरह जली अवस्था में गौनाहा पुलिस को अपने बयान में दुर्गावती ने बताया उसके ससुर छठू राम, पति अनिल, सास सुशिला देवी और देवर ब्रजेश ने उसे मिट्टी का तेल छिड़क कर आग लगाया। उधर मामले की जाँच प्रतिवेदन के बाद थानाध्यक्ष गौनाहा ने बताया कि घटना स्थल के निरीक्षण के दौरान सभी नामजद फरार बताये गये, आग से जलने की पुष्टि भी उन्होने की। गौनाहा थानाध्यक्ष चन्द्रभूषण शुक्ला ने बताया कि इस संबंध में काण्ड संख्या 111/14 दर्ज कर लिया गया है। अभियुक्तों की गिरफ्तारी के लिए छापामारी जारी है, जबकि दुर्गावती के शव का पोस्टमार्टम हो गया है और उसके प्रतिवेदन की प्रतीक्षा है। हालाकि बयान देने के समय मरनासन्न दुर्गावती 70 प्रतिशत से ज्यादा जल चुकी थी। इधर प्रशासन से जुड़े अधिकारियों का कहना है कि दहेज और अनुजाति, जनजाति उत्पीड़न के मामले ज्यादातर गलत होते हैं। अब देखना यह है कि गौनाहा पुलिस दहेज हत्या के इस मामलें को सच ठहराती है या झुठ यह तो आनेवाला वक्त बताएगा।

शिक्षक नियुक्ति में फँसा शिक्षा विभाग, आरक्षण रोस्टर घोटाला उजागर

नरकटियागंज (अवधेश कुमार शर्मा) नरकटियागंज के शांतिनगर मूल की बेतिया निवासी गायत्री कुमारी ने उच्चतम न्यायालय के निर्देश पर होने वाली बहाली में बिहार सरकार व उसके अधिकारियों की मिली भगत से करीब ढाई हजार बेरोजगारों के हितों की अनदेखी का मामला उजागर किया है। बिहार में विगत वर्ष सर्वोच्च न्यायालय के निर्देश पर हुई शिक्षक नियुक्ति में आरक्षण नियमों की अनदेखी का मामला उजागर हुआ है। बिहार सरकार 34540 शिक्षकों की बहाली सरकारी नियमानुसार कोटिवार करके नियुक्ति के उपरान्त बचे हुए 2276 सीटों पर पिछड़े वर्ग के अभ्यर्थियों की नियुक्ति की जानी थी। लेकिन सरकार ने ऐसा नहीं किया और पिछड़ा वर्ग के अभ्यर्थियों की हकमारी करते हुए, शिक्षा मंत्री पी.के.शाही ने सामान्य कोटि के उम्मीद्वारों को लाभ पहुँचाने के लिए उन सभी सीटों पर सामान्य कोटि के अभ्यर्थी की नियुक्ति करा ली। बेतिया की अभ्यर्थी गायत्री कुमारी ने इस आशय से संबंधीत पत्र नीतीश कुमार मुख्यमंत्री बिहार 24 दिसम्बर 2013 को प्रेषित किया। उक्त पत्र के साथ बहाली की आरक्षण नियमावली, कन्टेम्ट पीटीसन 297/2007, राज्य पिछड़ा आयोग के पत्रांक 01/2012/13 दिनांक 18 जनवरी 2012, बिहार विद्यालय परीक्षा समिति के पत्रांक 1639 दिनांक 18 जुलाई 2013, निदेशक प्राथमिक शिक्षा के पत्रांक 841 दिनांक 11 दिसम्बर 2012 संलग्न करते हुए श्रीमती कुमारी ने न्याय की गुहार लगायी, लेकिन करीब 10 माह बीत जाने के बावजूद आशा की कोई किरण नहीं दिख रही है। गौरतलब है कि बिहार सरकार के संकल्प संख्या 11/आ0 04अनि 105/90 का0 49 दिनांक 12 04 1991 में स्पष्ट कर दिया है कि अत्यन्त पिछड़े वर्ग की रिक्तियों को पिछड़े के उम्मीद्वारों से एवं पिछड़े वर्ग को अत्यन्त पिछड़े वर्ग के उम्मीद्वारों से भरे जाने का स्पष्ट प्रावधान किया गया है। लेकिन सरकार के उपर्युक्त संकल्प संख्या के नियमों का उलंघन कर मानव संसाधन विकास मंत्रालय ने एक तबके के उम्मीद्वारों के साथ नाइंसाफी किया है।

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