महाराष्ट्र में बीजेपी की जीत के संकेत मिलने के साथ ही कांग्रेस ने अपने पूर्व सहयोगी एनसीपी को इसके लिए जिम्मेदार ठहराते हुए कहा कि उसके खिलाफ लगे भ्रष्टाचार के आरोपों और सत्ता विरोधी लहर की वजह से राज्य में पार्टी का प्रदर्शन खराब हुआ है। पार्टी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर भी निशाना साधते हुए कहा कि उनके पक्ष में कोई 'लहर नहीं' है क्योंकि रुझान संकेत देते हैं कि बीजेपी बहुमत से पीछे रह जाएगी।
पार्टी प्रवक्ता अभिषेक सिंघवी ने कहा, 'मैं इस बात को मानता हूं कि भ्रष्टाचार को लेकर भी एक धारणा थी। यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है और इसके लिए पूरी तरह से हमारे गठबंधन सहयोगी जिम्मेदार है। इस कारण हम दबाव में आए और नकारात्मक अंक मिले। कुल मिलाकर असर नकारात्मक रहा।' उन्होंने कहा कि इसके चलते राज्य सरकार का अच्छा काम भ्रष्टाचार के मुद्दे तले दब गया।
सिंघवी ने कहा, 'यह बहुत गंभीर और दुखद है। अगर रुझान सच होता है तो बेहद निराशाजनक है। हमें सुधारात्मक कदम उठाने हैं, जो हम उठाएंगे।' मोदी लहर को छद्म बताते हुए उन्होंने कहा कि बीजेपी दावा तो बड़े-बड़े करती है, लेकिन 110-120 तक ही सीट मिलने का रुझान उसके दावों को झुठला रहा है।
उन्होंने कहा, 'जीतना एक हिस्सा है। 15 साल के बाद हम ज्यादा सीट जीतने के बारे में बहुत आशावादी नहीं हो सकते। सत्ता विरोधी लहर स्वाभाविक है, लेकिन मोदी लहर कहां है?' हरियाणा विधानसभा के नतीजों पर सिंघवी ने कहा कि महाराष्ट्र की तरह वहां सरकार ने अच्छा काम किया, लेकिन हार के बारे में पड़ताल की जाएगी।

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