भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी ने महाराष्ट्र और हरियाणा में भारतीय जनता पार्टी की विजय को सत्ता विरोधी लहर की जीत बताया है। पार्टी के वरिष्ठ नेता डी.राजा ने महाराष्ट्र तथा हरियाणा विधानसभा के चुनाव नतीजों पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि इन दोनों राज्यों में भाजपा या मोदी की लहर नहीं, बल्कि 'सत्ता विरोध' की लहर थी। क्योंकि दोनों राज्यों की जनता वहां कांग्रेस के भ्रष्टाचार से तंग आ चुकी थी।
उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र में लोग सिंचाई घोटाले तथा आदर्श घोटाले के कारण कांग्रेस के भ्रष्टाचार से परेशान हो गए थे। सभी तरह हरियाणा में भी लोग हुड्डा सरकार के भ्रष्टाचार से आजित आ गए थे। वहां हुड्डा सरकार ने दलितों पर भी काफी अत्याचार किए।
राजा ने कहा कि दोनों राज्यों में जनता के सामने कोई राष्ट्रीय विकास नहीं था। इसलिए लोगों ने भाजपा को ही वोट दिया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस को इन चुनावों के नतीजों से सीख लेनी होगी और उसे अपनी कार्यप्रणाली तथा राजनीतिक सोच को भी बदलना होगा। उन्होंने कहा कि धर्मनिरपेक्ष और प्रगतिशील ताकतों को जनता के पास जाना होगा तथा उसके बीच रहकर काम करना होगा तथा उसका विश्वास जीतना होगा। लेकिन इन नतीजों से निराश होने की कोई बात नहीं है। बल्कि आपस में और एकजुट होने की जरूरत है।

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