सफल बहू बनने के लिए बेटी में धैर्य, नम्रता जरूरी- साध्वी अनुभवदृष्टा श्रीजी
नीमच (केबीसी न्यूज) 14 अक्टूबर । आज इंसान अहम के अंधकार में जीवन व्यतीत कर रहा है। इससे जीवन का नाष हो रहा है। इसके विपरीत संतों को सदा धैर्य, नम्रता और सहनषीलता प्रिय होती है। सफल बहू बनने के लिए बेटी में भी ऐसे गुणों के संस्कार जरूरी हैं। ये विचार महावीर जिनालय विकासनगर में 14 अक्टूबर मंगलवार को प्रातः 9 बजे आयोजित धर्मसभा में साध्वी अनुभवदृष्टा श्रीजी म.सा. ने व्यक्त किए। उन्होंने कहिा कि इंसान को चाहिए कि वह साधु संतों का संग करे तथा जीवन में धैर्य नम्रता, सहनषीलता को धारण करे। ज्ञानभक्ति और नेक कार्यों से जीवन को संवारना चाहिए ताकि हमारे जीवन का कल्याण हो सके। जीवन की सार्थकता तभी है कि हम अपना यह लोक और परलोक संवार लें। साध्वी श्रीजी म.सा. ने कहा कि साधु साध्वी को भूख, प्यास, षीत, ताप, झूठे कलंक, मिथ्या भ्रम आदि समस्याओं का सामना करना पडता हैं साधु की लोकनिंदा होने पर भी खरा सोने की तरह कसौटी पर उतरना पडता हैं साधु साध्वियों को संयम रखकर सहनषीलता के साथ अनेक अपमान सहना पडता है। आत्मा और षरीर अलग अलग होते हैं तो केवल ज्ञान हो जाता है। श्रावक श्राविकाएं जीवन पर्यन्त धर्मषास्त्र आगम का उपाश्रय में बैठकर स्वाध्याय करना चाहिए। आत्महत्या मोक्ष में ले जाने में सक्षम नहीं है। आत्महत्या से जीव की आत्मा भटकती रहती है। संसार में बेटी विवाह के बाद पराये घर को ही अपना घर माने और मायके को भूल जाना है । यह षिक्षा हर मां अपनी बेटी को देती है। बेटी वहां से सुख के समाचार कभी कभी भेजना, बेटी मां के संस्कारों को दाग नहीं लगने देती है।
नगरीय निकाय चुनावों में आधी आबादी को भी मिले आरक्षण के आधार पर प्रतिनिधित्व - आषा सांभर
नीमच (केबीसी न्यूज) 14 अक्टूबर । नगरीय निकाय चुनावों में राष्ट्र की आधी आबादी महिलाओं को भी आरक्षण के आधार पर प्रत्याषी बनाकर प्रतिनिधित्व प्रदान किया जाए। नगरीय निकाय चुनावों में समाजसेवा एवं राजनीति में सक्रिय, सजग, षिक्षित, संस्कारवान महिलाओं को भी सम्मान मिलना चाहिए और यदि कोई घरेलू महिला भी योग्य है और वह निरंतर सक्रिय है तो उन्हें भी राजनैतिक पार्टियां उचित अवसर प्रदान कराएं। उक्त बात महिला कांग्रेस की जिलाध्यक्ष श्रीमती आषा सांभर ने म.प्र. अल्पसंख्यक कांग्रेस प्रकोष्ठ आयोग के अध्यक्ष सलीम मेव को प्रेषित मांग पत्र में व्यक्त किए। श्रीमती सांभर ने श्री मेव को प्रेषित पत्र में उल्लेख किया कि इस बार चुनावों में महिला षक्ति अपनी पूरी ताकत के साथ चुनावी समर में अपना भाग्य आजमाऐगी क्योंकि अब जनता ने भाजपा को उपचुनावों में नकार कर प्रत्यक्ष उदाहरण पूरे देष के सामने प्रस्तुत कर दिया है। पूरे देष की जनता अब कांग्रेस की तरफ आषा भरी निगाहों से देख रही है। क्योंकि भाजपा ने जिन झूठे वादों के सहारे चुनाव जीते उन सभी को अपने चुनावी एजेण्डे तक ही सीमित रखा। सत्ता हांसिल करने के बाद उन मुद्दों को भूला दिया।
दिवाकर महिला मण्डल की बैठक 16 को
नीमच। जैन दिवाकर महिला मण्डल की आवष्यक बैठक जैन काॅलोनी स्थित जैन स्थानक भवन में 16 अक्टूबर को दोप. 2 बजे रखी गई है। मण्डल की अध्यक्षा श्रीमती जतनदेवी घोटा, सचिव श्रीमती आषा सांभर ने बताया बैठक में दिवाकर जयंती के उपलक्ष्य में आयोजित धार्मिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों की रूपरेखा तय करने एवं संगठन के माध्यम से समाज विकास के विषयों पर विचार विमर्ष किया जायेगा।
सर्व ब्राम्हण समाज का निःषुल्क विषिष्ट परिचय सम्मेलन 30 को
नीमच (केबीसी न्यूज) 14 अक्टूबर । सर्व ब्राम्हण युवा संगठन इन्दौर द्वारा समाज के मांगलिक, विधवा, विधुर, परित्यक्त (तलाकषुदा) एवं निःषक्तजन (विकलांग) युवक युवतियों का परिचय सम्मेलन 30 अक्टूबर गुरूवार को संगीत कला अकादमी, योजना क्रमांक 78, इन्दौर पर आयोजित किया जा रहा है। उक्त जानकारी देते हुए अ.भा.सर्व ब्राम्हण समाज के पं. नाथूलाल पाराषर ने बताया कि निःषुल्क अ.भा. ब्राम्हण विषिष्ट परिचय सम्मेलन में प्रविष्टिी भेजने की अन्तिम तिथि 25 अक्टूबर है। 25 अक्टूबर तक प्राप्त होने वाली प्रविष्ठी ही परिचय पुस्तिका में प्रकाषित होगी। इस हेतु पंजीयन फार्म उपलब्ध हैं, इच्छुक व्यक्ति 3, सत्यपथ दानागली से फार्म ले सकते हैं। परिचय सम्मेलन में भोजन एवं जलपान व्यवस्था फूड जोन में न्यूनतम षुल्क पर रखी गई है। जन्म पत्रिका बनवाने, मिलाने, बायोडाटा बनवाने की सषुल्क व्यवस्था सम्मेलन स्थल पर ही विद्वान ब्राम्हणों द्वारा कम्प्यूटर से की जावेगी। समाजजन परिचय सम्मेलन में अधिकाधिक संख्या में पहुंचकर इसे सफल बनाएं।

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