सीधी (मध्यप्रदेश) की खबर (14 अक्टूबर) - Live Aaryaavart (लाईव आर्यावर्त)

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मंगलवार, 14 अक्टूबर 2014

सीधी (मध्यप्रदेश) की खबर (14 अक्टूबर)

  जैविक खाद से बढ़ेगा फसलों का उत्पादन:- आराधना
  • 0 कृषि क्रांति रथ के दौरान किसानों को जैविक खाद वितरित 
  • 0 प्रदेश के बाहर भ्रमण में जायेगें सीधी के किसान

sidhi news
सीधी - जैविक प्रमाणीकरण कार्यक्रम के तहत किसान कल्याण एवं कृषि विकास द्वारा जिले में पांच सौ हेक्टेयर भूमि में किसानों को जैविक खेती कराने के लिए हर संभव मदद करेगा। जैविक खेती से जहां फसल का उत्पादन बढ़ेगा तो वही किसानों को कम लागत पर अधिक मुनाफा होगा। जैविक खेती को बढ़ावा देने के लिए कृषि एवं उद्यानिकी विभाग किसानों को अनुदान पर वर्मी कम्पोस्ट, नाडेप, कचुआ खात के लिए राशि उपलब्ध कराती है ताकि किसान भाई जैविक खाद की ओर अपनी रूचि बढ़ा सकें। उक्त आशय कि जानकारी देते हुये श्रीमती आराधना पाण्डेय अध्यक्ष, कृषि स्थाई समिति, जिला पंचायत सीधी ने बताया राष्टृीय कृषि विकास योजना के अन्तर्गत दलहन एवं गेहूं की खेती के लिए किसानों को पचास प्रतिसत अनुदान पर जैविक खाद एवं दवाईयों का वितरण विकास खण्डों में वरिष्ठ कृषि विकास कार्यालय से किया जायेगा। उन्होेंनें बताया कि हमारे क्षेत्र के किसानों द्वारा जैविक खेती की जा रही है जिन्हें अच्छा फायदा मिल रहा है।मै लगातार पांच वर्षो से किसानों को जैविक खेती के लिए प्रोत्साहित करती रही हूं और सतप्रतिसत अनुदान पर जैविक दवाईयों का वितरण करती रही हूं।

कृषि महोत्सव में जैविक दवाईयों का वितरण
श्रीमती आराधना पाण्डेय ने कृषि महोत्सव के दौरान ग्राम भरतपुर,अमिलई, भैसरहा, रैदुअरियां आदि ग्रामों के किसानों को सल्फर, जींक, नीम आयल, टृाइकोडर्मा आदि जैविक दवाईयों का वितरण किया। और किसानों को जैविक खेती के संबंध में विस्तार से जानकारी दी ताकि किसान भाइयों को वेहतर लाभ मिल सकें। मालूम हो कि श्रीमती आराधना पाण्डेय कृषि एवं उद्यानिकी से जुड़ी योजनाओं एवं सतप्रतिसत अनुदान की समाग्री एवं इनपुट अपने क्षेत्र के किसानों को उपलब्ध कराने में हमेशा से प्रयास रत रही है जिसका सीधा लाभ किसानों को मिल रहा है।

अन्य प्रदेशों के भ्रमण में जायेगें किसान
कृषि महोत्सव के दौरान किसान कल्याण एवं कृषि विभाग जिले के किसानों को प्रदेश के बाहर भ्रमण में ले जायेगें जहां किसान नई तकनीक की खेती का अध्ययन पर उस पद्वति को अपने जिले में लागू करेंगें। मुख्यमंत्री खेत तीर्थ योजना के तहत 49 किसान झांझी, लखनउ, नैनी प्रदेश के बाहर पांच द्विवसीय यात्रा पर एवं 60 किसान प्रदेश के अन्दर पांच द्विवशीय भ्रमण में जायेगें। प्रदेश सरकार ने मुख्यमंत्री तीर्थ योजना लागू कर प्रदेश भर के किसानों को दूसरे प्रदेशों की खेती देखने व वहां के किसानों से मुलाखात कर उन्नत किस्म के खेती के गुर सिखने का जो अवसर प्रदान किया है उससे किसानों को वेहतर लाभ मिल सकेंगा।

  जनपद सदस्य ने हड़पी, श्रमिको की मजदूरी
  • 0 मामला मनरेगा योजना ग्राम पंचायत नैकिन का  
  • 0 सड़क निर्माण का हो गया फर्जी मूल्यांकन

सीधी - जनपद पंचायत रामपुर नैकिन अन्तर्गत ग्राम पंचायत नैकिन में मनरेगा योजनान्तर्गत वर्ष 2014-15 में मेन रोड से भरसिंहानटोला नैकिन तक 6 लाख की लागत से स्वीकृत मिट्टी  एवं मुरमीकरण के कार्य का फर्जी मूल्यांकन करा कर, कूटचरित तरीके से श्रमिको का मस्टर रोल तैयार कर जनपद सदस्य द्वारा राशि हड़पने का मामला प्रकाश में आया है। मालूम हो कि मनरेगा योजना से स्वीकृत मेन रोड से भरसिंहानटोला तक पहुच मार्ग में मिट्टी मुरूमीकरण का जब कार्य किया जा रहा था तब ग्रामीण जनों ने मुख्यकार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत से शिकायत की गई थी और समाचार पत्रों में भी अनियमिमतता की खबरों का प्रकाशन हुआ था इन सबके बाद भी स्थानीय जनपद सदस्य ने न केवल उक्त कार्य का उपयंत्री अखिलेश सोनी से मिलकर फर्जी मूल्यांकन कराया वल्कि ग्राम पंचायत के सचिव मनोज शुक्ला से गांव के ही श्रमिको का फर्जी मस्टर रोल तैयार कर जनपद पंचायत के अधिकारियों से मिल कर राशि सेवा सहकारी समिति मर्यादित रामपुर नैकिन से निकाल ली गई।

उपयंत्री ने किया फर्जी मुल्यांकन
ग्रामीण यांत्रिकी विभाग चुरहट में संविदा उपयंत्री अखिलेश सोनी द्वारा फर्जी मनरेगा के कार्यो का मूल्याकंन किये जाने की लगातार शिकायतें जिला प्रशासन से की जाती रही है। किन्तु आज दिनांक तक उनके खिलाफ कोई कार्यवाही नही हो पाई, ग्रामीण जनों  द्वारा की गई शिकायत को जिला पंचायत सीधी से स्थानीय जिला पंचायत सदस्य के इसारे पर दबा दी जाती थी। जिसके कारण उपयंत्री का हौशला बुलंद होेता गया और ग्राम पंचायत नैकिन में 6 लाख की लागत से स्वीकृत मिट्टी एवं मुरूमीकरण के कार्य का फर्जी मुल्याकंन कर दिया जबकि उक्त मार्ग में मात्र 20 टैक्टर टृाली मुरूम बस डाली गई है। जिसका 6 लाख का मूल्याकंन हो गया।

बैक में भेजी राशि, पहुच गई समिति में
ग्राम पंचायत नैकिन में 6 लाख की लागत से स्वीकृत मिट्टी एवं मुरूमीकरण के कार्य के श्रमिको की मजदूरी को राशि जनपद पंचायत द्वारा एफटीओं जिला केन्द्रीय सहकारी मर्यादित बैंक शाखा रामपुर नैकिन में की गई थी। जहां कि श्रमिको के खाते खोले गये थें। किन्तु स्थानीय जनपद सदस्य ने उक्त राशि को सीसीबी बैंक से सीयन तैयार कर उक्त राशि सेवा सहकारी समिति मर्यादित रामपुर नैकिन को ले जाकर, समिति प्रबंधक से सीधे राशि स्वयं ले लेते है।जबकि उक्त राशि श्रमिकों को मिलनी चाहियें। किन्तु मस्टर रोल में दर्ज श्रमिक स्वयं नही जानते कि उनका नाम मस्टर रोल में दर्ज है और उनके नाम से बैंक के खाते में राशि आई और निकल भी गई।
जनपद पंचायत,सीसीबी बैंक,सेवा सहकारी समिति के समिति प्रबंधक आपस में मिलकर मनरेगा की राशि का खुलेआम दुरूपयोग कर रहें है और श्रमिको की मजदूरी से मालामाल हो रहें है।

क्या कहते है अधिकारी
जिला केन्द्रीय सहकारी बैंक की शाखा रामुपर नैकिन में जनपद पंचायत द्वारा श्रमिकों की मजदूरी का भुगतान का एफटीओं किया जाता है उक्त राशि सेवा सहकारी समिति मर्यादित रामपुर नैकिन से कैसे निकल गई और श्रमिको को मजदूरी का भुगतान नही हो पाया मै एक कमेटी गठित कर श्रमिको का बयान दर्ज कर दोषी व्यक्तियों के खिलार्फ पुलिस प्रकरण दर्ज करूगां।

मुख्यकार्य पालन अधिकारी,जनपद पंचायत रामपुर नैकिन
मनरेगा में कार्य करने वाले श्रमिकों के खातों में सीधे राशि भेजना का दायित्व जनपदों के सीईओं को है किन्तु सेवा सहकारी समितियों में मनरेगा की राशि नही भेजी जाती सिर्फ जिला केन्द्रीय सहकारी मर्यादित बैंक की शाखाओं में राशि भेजने के शासन से निर्देश है।मनरेगा की राशि का भुगतान सिर्फ श्रमिकों को दिये जाने का प्रावधान है अगर ऐसा हुआ है तो दोषी व्यक्तियों के विरूद्व कार्यवाही की जायेगी।

पूरे मामले की जांच कड़ाई से कराई जायेगी एवं मनरेगा के कार्यो का फर्जी मुल्यांकन करने वाले उपसंत्री की संविदा समाप्त करने की कार्यवाही की जायेगी तथा श्रमिको का भुगतान किसी अन्य व्यक्ति को किये जाने पर समिति प्रबंधक, सचिव, एवं दोषी व्यक्ति के विरूद्व पुलिस प्रकरण दर्ज करा दिया जायेगा। उक्त मामले में दोषी किसी भी अधिकारी एवं कर्मचारियों को वक्सा नही जायेगा।

खाद्यन्न पाने के लिए दर-दर भटक रहा है हितग्राही
  • 0 ममला -सेवा सहकारी समिति, भरतपुर का
  • 0 सेल्स मैन नही मानते कलेक्टर के निर्देश

सीधी - जनपद पंचायत रामपुर नैकिन अन्तर्गत ग्राम पंचायत अमिलई के उचित मूल्य की दुकान से विगत दो वर्षो से रामाश्रय अग्निहोत्री को खाद्यन्न नही मिल रहा है। सेवा सहकारी समिति भरतपुर के अघ्यक्ष का अनियमितता की शिकायत करने का ख्यामियजा आज तक हितग्राही भुगत रहा है कमिश्नर रीवा, कलेक्टर, सीधी, खाद्य अधिकारी, उपपंजीयक सहकारिता, मुख्यकार्यपालन अधिकारी, जिला केन्द्रीय सहकारी बैंक सीधी, समिति प्रबंधक भरतपुर के निर्देश के उपरांत भी आज दिनांक तक उचित मूल्य की दुकान से रामाश्रय अग्निहोत्री को खाद्यन्न नही मिल पाया। यही नही अन्न उत्सव के दौरान नोडल अधिकारी ने भी सेल्स मैन को निर्देश दिया किन्तु उनके द्वारा खाद्यन्न नही दिया गया। सेल्स मैन ने स्पष्ट रूप से अधिकारियों को बताया कि विगत दो वर्षो से हितग्राही रामाश्रय अग्निहोत्री को खाद्यन्न नही दिया गया है किन्तु अगर हम उनको खाद्यन्न दे देगें तो समिति अध्यक्ष हमको सेल्स मैन पद से पृथक कर देगें। मालूम हो कि सेवा सहकारी समिति भरतपुर में शासन के नियम कानून नही चलते समिति के अध्यक्ष जो चहते है वही करते है। इस संबंध में रामाश्रय अग्निहोत्री ग्राम अमिलई ने बताया कि अक्टूवर 2012 से हमें उचित मूल्य की दुकान अमिलई से खाद्यन्न नही दिया गया जबकि इसकी शिकायत कलेक्टर जनसुनवाई 4070 दिनांक 30.10.12 एवं 5.2.13, कमिश्नर जनसुनवाई  एन147 दिनांक 4.3.14, एवं 17.6.14 को किये जाने के बाद भी खाद्यन्न नही मिल पाया।

बचत बैंक है अध्यक्ष के गिरवी
सेवा सहकारी समिति भरतपुर का बचत बैंक समिति अध्यक्ष के गिरबी हो गया है समिति अध्यक्ष जिस व्यक्ति को चाहते है उसी का किसान के्रडिट कार्ड बनाया जाता है। समिति प्रबंधक चाह कर भी कुछ नही कर पा रहे है। क्योंकि अगर समिति प्रबंधक बिना अध्यक्ष के अनुमति से कुछ कराना चाहते है तो उनको फसा देने की धमकी देकर शांत करा दिया जाता है। जिसके चलते बचत बैंक से किसान अपना खाता बंद करा रहे है। बचत बैंक भरतपुर में ग्राम रैदुअरियां एवं कपुरी कोठार के आदिवासियों के बच्चों के जमा चेको का आज दिनांक तक भुगतान नही किया गया। सौकड़ों किसानों के किसान के्रडिट कार्ड के लिए डृावल फार्म में हस्ताक्षर करा लिये गये है किन्तु उनको भुगतान नही दिया गया है।

नही हुई बचत बैंक की आडिट
रामाश्रय अग्निहोत्री ग्राम अमिलई ने बताया कि विगत चार वर्षो से सेवा सहकारी समिति भरतपुर के बचत बैंक की आडिट नही हो पाई है। जिसका प्रमुख्यकारण बचत बैंक का रिकार्ड दुरूस्त न हो पाना है। बचत बैंक भरतपुर में किराना की दुकान की तरह लेन देन होता था, चेक एवं पैसा किसी का जमा होता था भुगतान किसी और को कर दिया जाता था इस कारण अगर बचत बैंक की आडिट कराई जाये तो करोड़ों का घोटाला सामने आ जायेगा। उक्त बचत बैंक से आम, जमुन आदि पेड़ पौधों के नाम भी किसान के्रडिट कार्ड बन गये है। और लाखों की राशि का अहरण भी हो चुका है।

बिना हस्ताक्षर के निकल जाते है पैसे
राजेन्द्र मिश्रा ग्राम अमिलई ने बताया कि मै मध्यान्ह भोजन का समूह चलाता था मेरे समूह का पैसा बचत बैंक भतरपुर में आता था। मैने पैसा नही निकाला तब भी मेरे खाते से पैसा कैसियर द्वारा निकाल कर मेरे पास बुक में काट पीट कर दी गई। जिसकी शिकायत मैने समिति प्रबंधक से की तो उन्होनें अपन हाथ खड़े कर लिये और कहा कि कैसियर समिति अध्यक्ष द्वारा रखा गया है इस कारण मै उसको कुछ नही कह सकता। बचत बैंक भरतपुर में बिना डृावल व्हाउचर में हस्ताक्षर किये ही पैसा निकल जाता है मेरे तरीके से सौकड़ों ऐसे व्यक्ति है जिन्होनें अपना पैसा बचत बैंक में जमा किया था और अब भुगतान लेने के लिए दर-दर भटकना पड़ रहा है।

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