उत्तराखंड की विस्तृत खबर (13 अक्टूबर) - Live Aaryaavart (लाईव आर्यावर्त)

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सोमवार, 13 अक्टूबर 2014

उत्तराखंड की विस्तृत खबर (13 अक्टूबर)

महिलायें पहाड़ की रीढ़,विकास में महिलाओं का विशेषयोगदान:मुख्यमंत्री 

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देहरादून 13 अक्टूबर,(निस)। महिलाऐं पहाड़ की रीढ है। पहाड़ के विकास में महिलाओं की अहम भूमिका है। उन्होंने कहा कि एकसार खेती को बढ़ावा दिया जाना चाािहए। पहाड़ में उत्पादित मंडवे के उत्पादन को बढ़ावा देने पर बल देते हुए कहा कि इसकी पिसाई के लिए मशीनांे की खरीद के लिए प्रयास किया जा रहा है तथा दुनिया के बाजार में इसे पहुंचाने के लिए सरकार प्रयासरत है। महिला मंगल दलों को सशक्त बनाने के लिए सांसद तथा विधायक निधि से 2 से 3 लाख तक के कार्य महिला मंगलदलों को देने का प्रावधान किया जा रहा है। आपदा ग्रस्त क्षेत्रों के पंजीकृत महिला मंगल दलों के लिए प्रति महिला मंगल दल 75 हजार रूपये विकास कार्य हेतु देने का निर्णय भी सरकार द्वारा लिया जा रहा है। यह बात प्रदेश के मुख्यमंत्री हरीश रावत ने सोमवार को पर्यटन औद्योगिक विकास मेला पोखरी(चमोली) के उद्घाटन अवसर पर कही। मुख्यमंत्री ने लोनिवि पोखरी के डिवीजन को यथावत रखे जाने, राजीव गांधी अभिनव आवासीय विद्यालय, पोखरी की तीन सड़को के हाटमिक्सींग किए जाने, कार्तिक स्वामी मंदिर को पर्यटन के लिए विकसित करने तथा नगर पंचायत पोखरी के विकास के लिए आर्थिक सहायता दिए जाने की भी घोषणा की। उन्होनें कहा कि जहां विकास होता है वहां कुछ कमियां भी रह जाती है। जिन्हें समय रहते दूर करना सभी का दायित्व है। इस मौके पर उन्होंने आपदा ग्रस्त 5 जनपदों में अध्यापकों के 5 सौ पद और सृजित करने का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि 1 जनवरी से सभी आंगनवाड़ी केंद्रों में 60 वर्ष से उपर की महिलाओं को भी भोजन मिलेगा यह सरकार की मंशा है। शिक्षा के क्षेत्र में प्रगति के लिए प्राथमिक स्तर से इंटर स्तर तक सुदृढ बनाने के लिए अध्यापकों की कमी नहीं होने दी जाएगी। तथा जिस भी अध्यापक की तैनाती की जाएगी उसे एक निश्चित अवधि तक अनिवार्य रूप से तैनाती स्थल पर अपनी सेवाऐं देनी होगी। पानी के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए चाल खालों को बढ़ावा दिए जाने पर जोर दिया। किसान पेंशन के सरकार द्वारा प्रारम्भ की गई है।  अपनी जमीन पर फलदार एवं चारे पत्ती वाले पोधों के रोपण पर भी बल दिया। साथ ही बंजर खेतों पर फलदार तथा चारेपत्ती के पौधों के रोपण पर प्रति पौध तीन वर्ष में 3 सौ रूपये बोनस के रूप दिए जाने की बात भी कही। इस अवसर पर काबिना मंत्री दुग्ध विकास मत्री हरीश चंद्र दुर्गा पाल ने मातृ शक्ति के सम्मान की बात करते हुए कहा कि उन्हे पहाड़ के विकास के  लिए आगे आना होगा। उन्होेने लघु उद्योग तथा दुग्ध उत्पादन को बढ़ावा देकर स्वरोजगार से जोड़ने की बात कही। इस मौके पर विधायक केदारनाथ शैलारानी रावत, विधायक बद्रीनाथ राजेंद्र सिंह भंडारी, पूर्व एमएलसी पृथ्वी पाल सिंह चैहान, जिला पंचायत अध्यक्ष मुन्नी शाह, उपाध्यक्ष लखपत सिंह बुटोला, जिला पचायत सदस्य रजनी भंडारी सहित कई जिला पंचायत सदस्य, ब्लाक प्रमुख, क्षेत्र पंचायत सदस्य, जिलाधिकारी चमोली एसए मुरूगेशन, पुलिस अधीक्षक सुनील कुमार मीणा तथा विभागीय अधिकारी एवं जनता उपस्थित थी। 

विद्यार्थी जागृति शिविर की तैयारियों में जुटा संघ

देहरादून, 13 अक्टूबर,(निस)। विद्यार्थियों में संस्कार व देश भक्ति का भाव भरने के लिए संघ हरिद्वार में विद्यार्थी जागृति शिविर नवंबर माह में आयोजित कर रहा है। इस शिविर में संघ के प्रमुख मोहन भागवत उपस्थित रहेंगे। भागवत की उपस्थिति को देखते हुए संघ अभी से विद्यार्थियों को शिविर में ले जाने के लिए तैयार कर रहा है। शिविर में जाने को लेकर छात्रों में भी काफी उत्साह देखने को मिल रहा है। इसी मुहिम के तहत देहरादून महानगर की संघ टीम अभी से शिविर की तैयारियों में जुट गया है। इस अभियान के तहत आज महानगर के अलग - अलग स्थानों पर विद्यार्थियों को एकत्र कर शिविर के बारे में जानकारी दी गई। इस शिविर में संघचालक मोहन भागवत के आलावा बाबा रामदेव भी उपस्थित रहेंगे। छात्रों को योग सहित संघ में नियमित होने वाले तमाम कार्यक्रम के बारे में बताया गया। देहरादून से लगभग हजार छात्रों को शिविर में ले जाने का लक्ष्य रखा गया है। आज के एकत्रीकरण में लगभग बीस स्थानों पर छह सौ छात्र भाग लिये। छात्रों को शिविर के बारे में जानकारी देने के लिए संघ के तेजतरार युवा प्रचारक महेन्द्र व राजपुष्प व महानगर कार्यवाह अनिल नंदा को विशेष जिम्मेदारी सौंपी गई जिनकी छात्रों में गहरी पैठ है। यह शिविर नवंबर माह में 28,29.30 को हरिद्वार के पतंजलि फेज टू में लगेगा। शिविर में संघचालक मोहन भागवत, बाबा रामेदव छात्रों को देश भक्ति का पाठ पढ़ाएंगे। शिविर में वहीं छात्र भाग ले सकते है जो डिग्री काॅलेज में है या प्रतियोगी तैयारी कर रहे है। 

‘‘वन अग्नि शमन एवं प्रबंधन पर प्रशिक्षण कार्यक्रम’’

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देहरादून, 13 अक्टूबर,(निस) । वन क्षेत्रों के समीप शहरी आबादी का विस्तार वन अग्नि को उत्पन्न कर सकता है, जो आग के मौसम के दौरान लोगों के जीवन और सम्पत्ति को क्षति पहुँचा सकता है।  इस प्रशिक्षण का आधारभूत उद्देश्य वन क्षेत्रों में वनाग्नि द्वारा उत्पन्न क्षति की सीमा के बारे में वन विभाग के अधिकारियों को जागरूक बनाना है। राष्ट्रीय आपदा प्रबंध संस्थान, नई दिल्ली और वन अनुसंधान संस्थान, देहरादून सोमवार से 17 अक्टूबर, तक वन अनुसंधान संस्थान, देहरादून में वन विभाग के अधिकारियों के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम आयाेिजत किया जा रहा है। जिसका विषय  ‘‘वन अग्नि शमन एवं प्रबंधन’’ है। प्रशिक्षण में वनाग्नि की घटनाओं के कारण तथा उन कदमों को उठाए जाने की जानकारी दी जाएगी, तथा विभिन्न सुदूर संवेदी एवं भौगोलिक सूचना प्रणाली साधनों का उपयोग करके और अन्य सरकारी विभागों एवं संयुक्त वन प्रबंधन समितियों के बीच एक सशक्त नेटवर्क विकसित करके आग के कारण क्षतियों को रोकने अथवा न्यूनतम करने के लिए उठाया जा सकता है, ताकि व्यापक वनाग्नि आपदाओं को नियंत्रित किया जा सके,  जैसा पिछले कुछ वर्षों में आॅस्ट्रेलिया एवं यूएसए में पहले भी हो चुका है। इस विषय पर सहभागियों को जानकारी उपलब्ध कराने के लिए उत्तराखण्ड वन विभाग, भारतीय सुदूर संवेदी संस्थान, भारतीय वन सर्वेक्षण, राष्ट्रीय आपदा प्रबंध संस्थान, नई दिल्ली, दून विश्वविद्यालय और वन अनुसंधान संस्थान जैसी संस्थाओं से संकायों के व्याख्यान आयोजित किए गए है।  इस प्रशिक्षण में सम्पूर्ण भारत के विभिन्न राज्यों से सहभागी भाग ले रहे हैं। प्रशिक्षण का उद्घाटन डा. आर.के.आइमा, कार्यकारी निदेशक, वन अनुसंधान संस्थान, देहरादून द्वारा किया गया। उन्होंने प्रतिभागियों को इस प्रशिक्षण कार्यक्रम से वन अग्नियों की रोकथाम और नियंत्रण के लिए विभिन्न संस्थाओं द्वारा विकसित नई विधियों और प्रौद्योगिकियों की जानकारी लेने की सलाह दी।  प्रशिक्षण के पाठ्यक्रम निदेशक कुणाल सत्यार्थी, प्रमुख, वन संवर्धन प्रभाग ने विशेषकर हिमालयी क्षेत्रों में वनाग्नियों के शमन के लिए अग्रिम तैयारी करने पर जोर दिया। आर.के. आचार्या, सहायक वन संवर्धनिक (सा0) और श्री वी.के. धवन, अनुसंधान अधिकारी, वन अनुसंधान संस्थान ने प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया।  डा. ए.डी. कौशिक, सीनियर फैकल्टी, राष्ट्रीय आपदा प्रबंध संस्थान, नई दिल्ली प्रशिक्षण कार्यक्रम का समन्वयन कर रहे हैं।    

शहीद मनोज राणा की बहन को मिली सरकारी नौकरी

देहरादून, 13 अक्टूबर,(निस)। एक साल की जद्दोजहद के बाद आज आखिरकार जुलाई 2013 में जम्मू कश्मीर में दुश्मनों से लोहा लेते हुए शहीद हुए सेना के सिपाही शहीद मनोज राणा की बहन को सरकारी नौकरी मिल गई।  क्षेत्रीय सेवायोजन अधिकारी अजय सिंह को कु. पिंकी राणा के शैक्षिक प्रमाणपत्र अन्य पिछड़ा वर्ग का जाति प्रमाणपत्र व उपनल द्वारा दिया गया पत्र सौपा जिनका परीक्षण करने के पश्चात् विभागीय कार्यवाही के बाद पिंकी राणा को कार्यालय मे कनिष्ठ लिपिक के पद पर नियुक्त करने का आदेश दे दिया गया। विदित हो कि जुलाई 2013 को सेना में कार्यरत मनोज राणा जम्मू कश्मीर में दुश्मनों से लोहा लेते हुए शहीद हो गया था। तत्कालीन मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा शहीद मनोज राणा के ढ़ाकपट्टी राजपुर चन्द्रलोक बस्ती में गये थे जहां मुख्यमंत्री ने शहीद की बहन को सरकारी नौकरी तथा शहीद के नाम पर चन्द्रलोक बस्ती में द्वार बनाने की घोषणा की थी किन्तु एक साल से ऊपर बीत जाने के बाद भी जब किसी ने शहीद परिवार की सुध नहीं ली। शहीद के परिजन वर्तमान मुख्यमंत्री हरीश रावत से मिले। मुख्यमंत्री ने जिलाधिकारी देहरादून को शहीद की बहन का प्रमाणपत्र नियमानुसार तत्काल बनाने का आदेश दिया जिस पर त्वरित कार्यवाही करते हुए जिलाधिकारी देहरादून ने पिंकी राणा को अन्य पिछड़ा वर्ग का प्रमाणपत्र निर्गत करवाया। इस सारी कार्यवाही के बाद आज अन्तोगत्वा कु0 पिंकी राणा को क्षेत्रीय सेवायोजन कार्यालय में कनिष्ठ लिपिक के पद पर नियुक्ति मिल गई।

कृषक महोत्सव की तैयारी को कृषि मंत्री ने ली बैठक 

देहरादून, 13 अक्टूबर,(निस) । प्रदेश के कृषि, कृषि विपणन, कृषि शिक्षा मंत्री उत्तराखण्ड सरकार डाॅ0 हरक सिंह रावत ने सोमवार को विधानसभा स्थित कार्यालय कक्ष में उत्तराखण्ड कृषक महोत्सव (रबी 2014) को मनाये जाने के विषय की अध्यक्षता करते हुए कृषि से जुड़े अधिकारियों से कहा कि हर व्यक्ति अपनी जिम्मेदारियों एवं कत्र्तव्यों का निर्वहन बखूबी तरीके से करते हुए प्रदेश के किसानों के सर्वांगीण विकास के लिये कार्य करें। बैठक में उन्होंने कहा कि कृषि महोत्सव रबी 2014 का आयोजन दिनांक 28 अक्टूबर 2014 से 7 नवम्बर 2014 तक होगा। जिसमें प्रदेश के 95 विकासखण्डों की 670 न्याय पंचायतों में 75 रथ भ्रमण करेंगे तथा किसानों को न्याय पंचायतों पर कृषक महोत्सव आयोजन के दौरान कृषि से सम्बन्धित विभिन्न विषयों जैसे-कृषि, कीट रोग, पशुपालन, जड़ी-बूटी, मत्स्य पालन, डेयरी, उद्यान और फ्लोरी कल्चर आदि से सम्बन्धित वैज्ञानिकों की उपस्थिति में कृषकों को उन्नत जानकारी देकर लाभान्वित करेंगे। बैठक में उन्होंने कहा कि केन्द्रीय विश्वविद्यालय के वैज्ञानिक अपने क्षेत्रों के अन्तर्गत न्याय पंचायत स्तर पर महोत्सव के दौरान उपस्थित रहकर कृषकों को लाभान्वित करेंगे। उन्होंने कहा कि कृषि विश्वविद्यालय एवं संस्थान द्वारा प्रत्येक न्याय पंचायत पर विभिन्न विषयों से सम्बन्धित वैज्ञानिकों की तैनाती सुनिश्चित की जायें इसके लिये विश्व विद्यालय एवं के.वी.के कृषक महोत्सव रुट चार्ट उपलब्ध कराया जाये तथा तैनात किये जा रहे वैज्ञानिकों की सूची सम्बन्धित जिले के मुख्य कृषि अधिकारी को उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिये बैठक में उन्होंने कहा कि प्रत्येक विभाग के अधिकारी यह सुनिश्चित कर लें कि कृषक महोत्सव के दौरान न्याय पंचायत पर उनके विभाग का सक्षम तकनीकी अधिकारी मौजूद रहे। आयोजन से पूर्व न्याय पंचायत वार तैनात अधिकारियों की सूची जारी की जायें। बैठक में उन्होंने कहा कि किसान महोत्सव में माननीय सांसदों विधायकों एवं जिला पंचायत अध्यक्षों एवं जनप्रतिनिधियों को भी आमनत्रित  किया जाये इसके लिए उन्हें निमंत्रण पत्र कृषि निदेशक के द्वारा दिया जाय। सरकार किसान के द्वार कृषक महोत्सव की शुरूआत पूरे प्रदेश में दिनांक 28 अक्टूबर 2014 को एक साथ होगी देहरादून के विकासखण्ड डोईवाला के रानीपोखरी में इसकी शुरूआत प्रदेश के मुखिया द्वारा प्रस्तावित की गयी है। उन्होंने कहा कि इस कृषक महोत्सव में कृषि विभाग से जुड़े सभी विभागों की सहभागिता सुनिश्चित हो।  उन्होंने यह भी कहा कि बहुत ज्यादा कार्यक्रम नकर अच्छे कार्यक्रमों की प्रस्तुति दी जाय जिससे प्रदेश के किसान लाभान्वित हो सके। उन्होंने अधिकारियों को यह भी निर्देश दिये कि सभी विभागों को आपसी सामंजस्य करते हुए अधिक से अधिक कृषकों की भागीदारी सम्बन्धित न्याय पंचायतों में आयोजित कृषक महोत्सव में करायी जाय। बैठक मंे उन्होंने कहा कि कृषक महोत्सव के आयोजन हेतु जनपदों को धनराशि उपलब्ध कराने हेतु अग्रिम धनराशि की भी आवश्यकता है। वर्तमान में उपलबध धनराशि के सापेक्ष 55 लाख रू0 के अग्रिम आहरण का प्रस्ताव शासन को कृषि निदेशक स्तर से प्रेषित कर दिया गया हे। बैठक में उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय कृषि योजना के तहत भारत सरकार से 95 करोड़ रू0 स्वीकृत हो चुके है। जिसमें से अभी 45 करोड़ रू0 भारत सरकार द्वारा राष्ट्रीय कृषि योजना के तहत अवमुक्त कर दिये गये हैं। उन्होंने सभी कृषि से सम्बन्धित विभागों को धन अवमुक्त करने के निर्देश उनके द्वारा दिये गये है। उन्होंने कहा कि कृषकों के उत्थान के लिये सरकार दृढ़  संकल्पित है। अभी 150 करोड़ रू0 की धनराशि राष्ट्रीय कृषि योजनाओं के लिये भारत सरकार से लिया जायेगा। बैठक में उन्होंने कहा कि बाई पास लाडपुर विकासखण्ड रायपुर में प्रदेश के किसानों के लिये किसान भवन तैयार किया जा रहा है जिसमें किसानों के सेमिनार, गोष्ठीयों एवं प्रशिक्षण के कार्यक्रम आयोजित करवाये जायेंगे जिससे सभी कृषि से सम्बन्धित कार्यक्रम एवं कार्य हो सकेंगे। यह किसान भवन मल्टी परपज(बहुउद्देशीय) होगा। इस किसान भवन में महिला कृषकों एवं पुरुष  कृषकों के लिए अलग-अलग डोर मेट्री भी बनाई गयी है। जो बनकर तैयार हो चुकी है। जिसे शीघ्र ही कृषकों को समर्पित किया जायेगा। बैठक में कृषि निदेशक सी.एस.मेहरा, कुलपति यू.यू.एच.एफ. भरसार मैथ्यू प्रसाद, प्रबन्ध निदेशक उत्तराखण्ड मंडी धीराज सिंह गब्र्याल, अपर सचिव सहकारिता प्रदीप सिंह रावत, बागवानी मिशन उद्यान डा. रतन कुमार , सयुक्त निदेशक मत्स्य विभाग डा.एस.आर. चन्याल, निदेशक पशुपालन डा. कमल मेहरोत्रा, सहायक निदेशक डेरी विकास अनुराग मिश्रा आदि मौजूद थे। 

राज्य स्थापना दिवस आयोजित होगा खेल मेलाः अग्रवाल

देहरादून, 13 अक्टूबर,(निस) । प्रदेश के वन एवं वन्य जीव, खेल, विधि एवं न्याय विभाग मंत्री उत्तराखण्ड सरकार दिनेश अग्रवाल ने सांय मुख्यमंत्री अध्यक्षता में उत्तराखण्ड में विभिन्न खेलों को बढ़ावा देने एवं उत्कृष्ट खिलाडि़यों को पुरस्कृत करने के दृष्टिकोण से खेल विभाग की समीक्षा बैठक की जिसमें एशियाड खेलों में भारत की महिला हाॅकी टीम के सदस्य के रूप में सुश्री वन्दना कटारिया द्वारा कांस्य पदक जीता है। सुश्री कटारिया को मुख्यमंत्री विवेकाधीन कोष से रू. 10.00 लाख की धनराशि स्वीकृत की गयी। कटारिया को खेल विभाग के अन्तर्गत क्रीड़ाधिकारी के पद पर नियुक्ति प्रदान की जायेगी। अन्तर्राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में उत्तराखण्ड राज्य के खिलाडि़यों को प्रतिभाग करने पर भी पुरस्कार स्वरूप धनराशि प्रदान की जायेगी। स्पोटर्स काॅलेज में राज्य स्थापना दिवस के अवसर पर खेल मेला आयोजित किया जायेगा तथा इसमें उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले खिलाडि़यों को स्टाईफण्ड भी दिया जायेगा। पायलेट प्रोजेक्ट के रूप में जनपद देहरादून में सभी सरकारी इंटर काॅलेजों के खिलाडि़यों की प्रतियोगिता आयोजित की जायेगी। खेल विभाग द्वारा पूरे वर्ष में आयोजित की जाने वाली प्रतियोगिताओं का कलैण्डर तैयार कर जारी किया जायेगा। ब्लाॅक एवं जनपद स्तर पर माॅडल स्पोटर्स काॅलेजों का चयन किया जायेगा तथा इनमें प्रतिभावान खिलाडि़यों को चिन्हित कर उन्हें खेल विभाग के छात्रावासों एवं स्पोट्र्स काॅलेज में भर्ती किया जायेगा।

कुमांऊ विश्वविद्यालय कुलपति को पंतनगर विश्वविद्यालय का दायित्व सौंपा  

देहरादून, 13 अक्टूबर,(निस) । राज्यपाल डा. अज़ीज़ कुरैशी, कुलाधिपति गोविन्द बल्लभ पंत कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय पंतनगर द्वारा कुमाऊँ विश्वविद्यालय नैनीताल के कुलपति प्रो. एच.एस. धामी को अपने वर्तमान पद के कार्य दायित्वों के अतिरिक्त कुलपति गोविंद बल्लभ पंत कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, पंतनगर के पद के दायित्वों का निर्वहन करने के भी आदेश दिये हैं। इस सम्बन्ध में जारी आदेश में कहा गया है कि कुमाऊँ विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो.एच.एस.धामी दिनांक 15 अक्टूबर, 2014 से तत्काल प्रभाव से छः माह की अवधि अथवा नियमित कुलपति की नियुक्ति, जो भी पहले हो तक के लिए गोविन्द बल्लभ पंत कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय पंतनगर के कुलपति के भी दायित्वों का निर्वहन करेंगे। प्रो.एच.एस.धामी को सप्ताह में तीन दिन गोविन्द बल्लभ पंत कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय पंतनगर में रहने के भी निर्देश इस संबंध में जारी आदेश में दिये गये हैं। प्रो. धामी से पूर्व यह दायित्व, औद्यानिकी एवं वानिकी वि.वि. भरसार पौड़ी गढ़वाल के कुलपति प्रो. मैथ्यू प्रसाद के पास था।

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