- इसके अलावा 8 बधुआ मजदूर भी हुए मुक्त, कई सालों से बांडेड बनाकर लिया जा रहा था काम
- मजदूरी मांगने कालीन कारखाना मालिक द्वारा की जाती पिटाई
- कोतवाली भदोही में दो कारखाना मालिकों के खिलाफ रपट दर्ज, आरोपी फरार
- सभी बच्चों को रखा गया स्थाई बाल सुधार गृह सीतामढ़ी में
उत्तर प्रदेश के डालरनगरी भदोही में बाल बंधुआ मजदूरी थमने का नाम नहीं ले रहा। हालांकि नोबेल पुरस्कार विजेता कैलाश सत्यार्थी द्वारा दो दशक पूर्व शुरु किए अभियान से लोगों में जागरुकता जरुर आई और काफी हद तक लगाम भी कसा, लेकिन बालश्रम का खात्मा नहीं हो सका है। बुधवार को स्वयंसेवी संगठनों की निशानदेही पर पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारियों की संयुक्त छापेमारी में दो कालीन कारखानों से 25 बाल बधुआ बच्चों व 8 बंधुआ मजदूरों को मुक्त कराया। इस मामले में कोतवाली भदोही में कारखाना मालिक के खिलाफ बाल बधुआ मजदूरी अधिनियम के तहत रपट दर्ज की गयी। सभी बच्चे बिहार के अरररिया जिले के रहने वाले है। छापामारी के बाद श्रम विभाग सहित कालीन उद्योग से सम्बंधित जिम्मेदार लोगों में हड़कंप मचा हुआ है।
जिलाधिकारी ने बताया कि दोपहर में एक स्वयंसेवी संगठन ने सूचना दी कि भदोही के दो कारखानों में बड़ी संख्या में बच्चों व मजदूरों को बंधक बनाकर कालीन बुनाई कराई जा रही है। सूचना मिलने के बाद एसडीएम भदोही व पुलिस उपाधीक्षक भदोही की देखरेख में पुलिस ने पीरखानपुर मुहल्ला स्थित एखलाक अंसारी पुत्र रसीद अंसारी व जमुंद मुहल्ला स्थित सोहिब खान व मोइद खान के कालीन कारखाना में छापा मारा। छापामारी के दौरान कारखाना मालिक काफी संख्या में बधुआ बच्चो व मजदूरों को भगा दिया और खुद भी भाग लिया। लेकिन दोनों कारखानों से 25 बांडेड बच्चे व 8 मजदूरों को मुक्त कराकर कोतवाली लाया गया। इसके बाद श्रम अधिकारी की तहरीर पर दोनों कालीन कारखाना मालिकों के खिलाफ बांडेड लेबर अधिनियम के तहत रपट दर्ज की गयी। इसके बाद मुक्त कराए गए बच्चों को बाल कल्याण समिति किशोर बोर्ड के अधिकारी लोलारख सिंह व प्रेम चंद्र पांडेय के निर्देशन में अस्थायी बाल गृह सीतामढ़ी में दो दिन के लिए भेज दिया गया। इसके बाद इन बच्चों को बोर्ड के समक्ष प्रस्तुत किया जायेगा। 1-मो साजिद पुत्र कासिम 13 वर्ष निवासी मटिहारी-जोगिहार, 2- आदिल पुत्र साहिद 13 वर्ष निवासी मेंटन ताराबाई, 3- फिरोज पुत्र शहनवाज 10 वर्ष निवासी डेहरी पलाड़ी, 4- वजीदुल्लाह पुत्र मुर्षीद 12 वर्ष निवासी कदवा, 5- शहनवाज आलम पुत्र साहिद 11 वर्ष निवासी महिबाकोट, 6- मुर्शीद पुत्र नसीम 11 वर्ष निवासी कंदवा, 7- अब्दुल्ला पुत्र बकरीदुल 13 वर्ष निवासी गोहियाकोट, 8- शाहिद पुत्र अमीन 13 वर्ष निवासी मेंटन ताराबाई, 9- ऐश अहमद पुत्र इमाम अहमद 12 वर्ष निवासी झउवा ताराबारी, 10- जुगुनू पुत्र जुबैर अली 13 निवासी मइसाकोल, 11- अकूहा पुत्र अफरोज 13 वर्ष निवासी झउवा ताराबारी, 12- अब्दुल्ला पुत्र इस्लाम 13 वर्ष निवासी बडेही, 13- मुस्तकीन पुत्र इमामुद्दीन 13 वर्ष निवासी कलामखुर्द, 14- मुस्तकीन पुत्र इस्लाम 12 वर्ष डेहरी, 15- शाहिद पुत्र हलीम 10 वर्ष निवासी कदवा, 16- सुल्तान पुत्र मुस्ताक 10 वर्ष निवासी मोतीहारी, 17- फैजान अली पुत्र मोहर्रम 11 वर्ष निवासी झउवा ताराबारी, 18- दिलशाद अली पुत्र शमशाद 12 वर्ष निवासी भटौली, 19- मो रासिद पुत्र मो आसिफ 10 वर्ष निवासी मटिहारी, 20- सद्दाम पुत्र मुर्शीद 11 वर्ष मइसाखुर्द ताराबारी, 21- अब्दुल पुत्र अजीज 10 वर्ष निवासी हरउपुर भटौली, 22- जन्तरगाफी पुत्र मो साहिद 12 वर्ष निवासी जहीरपुर, 23- अब्दुल तालिक पुत्र सोहिब 13 वर्ष जहीरपुर, 24- मोबुलबसर पुत्र कबीलुद्दीन 13 वर्ष मइसाखुर्द, अलीम पुत्र कलीम 13 वर्ष निवासी भटौली शामिल है। सभी बच्चे बिहार के अररिया जिला निवासी है।

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