- पुलिस की गिरफत में आया नक्सली शंभूनाथ देहरी से पूछताछ होगी।
- घटनास्थल से पुलिस ने बरामद किया भारी मात्रा में विस्फोटक सामग्री।
- साथ में नक्सली साहित्य सहित वर्दी, बर्तन व दवाईयाँ।
विधानसभा चुनाव-2014 में किसी बड़ी घटना को अंजाम देने के मकसद से उप राजधानी दुमका के शिकारीपाड़ा प्रखण्ड के सीतासाल गाँव में गोेपनीय तरीके से चल रहे नक्सलियों के एक बड़े कैंप को ( 21 नवम्बर की सुबह 8 से 10 बजे के बीच) पुलिस ने जहाँ एक ओर ध्वस्त कर दिया, वहीं दूसरी ओर पुलिस व नक्सलियों के बीच तकरीबन दौ सौ राउण्ड गोलियाँ चली। पुलिस के मारक हमले से नक्सली के पैर उखड़ गए तथा वे भागने में सफल हो गए। इस दौरान 30-35 वर्षीय हार्डकोर नक्सली शंभूनाथ देहरी पुलिस की गिरफत में आ गया। दुमका एस0पी0 अनूप टी0 मैथ्यू ने जानकारी देते हुए कहा हार्डकोर नक्सली शंभूनाथ देहरी का इस चुनावी माहौल में पकड़ा जाना दुमका पुलिस के लिये एक बड़ी सफलता है। पुलिस की गिरफत में आ चुके हार्डकोर नक्सली शंभूनाथ देहरी से पूछताछ जारी है। शिकारीपाड़ा में लगातार कैम्प कर रहे आला अधिकारियों के बीच जिले के एस0पी0 अनूप टी0 मैथ्यू ने घटना की विस्तृत जानकारी देते हुए कहा, प्रखण्ड मुख्यालय से 25-30 कि0मी0 की दूरी पर बाॅंसपहाड़ी पंचायत के ग्राम सीतासाल में 30-35 की संख्या में नक्सलियों द्वारा नामालूम समय से एक बड़े कैम्प को संचालित किया जा रहा था। यह कैम्प किसी बड़ी घटना को अंजाम तक पहुँचाने की तैयारी में था। एस0पी0 के अनुसार एस0 एस0 बी0, आई0 आर0 बी, झारखण्ड जगुआर व जिला पुलिस के संयुक्त तत्वावधान में अभियान चला कर नक्सलियों का सामना किया गया तथा उनके कैम्प घ्वस्त कर दिये गए।
पुलिस कप्तान के अनुसार नक्सलियों ने तकरीबन एक सौ राउण्ड गोलियाँ चलाई जबकि पुलिस की ओर से भी जबावी कार्रवाई के तहत लगभग इतीे ही राउण्ड गोलियाँ चलाई गई। नक्सलियो के कैम्प सेे भारी मात्रा में विस्फोटक पदार्थ सहित पुलिस वर्दी, नक्सली साहित्य, बर्तन तथा दवाईयाँ बरामद की गई। विदित हो झारखण्ड विधानसभा चुनाव-2014 कुल 5 चरणों में सम्पन्न होना है। पाँचवें व अंतिम चरण में संताल परगना प्रमण्डल के तमाम छः जिलों- दुमका, गोड्डा, देवघर, पाकुड़, साहेबगंज व जामताड़ा में चुनाव 20 दिसम्बर को होने तय हैं। 24 अप्रैल को संपन्न लोकसभा चुनाव-2014 में नक्सलियों ने इसी प्रखण्ड के पलासी-सरसाजोल के बीच एक बड़ी घटना को अंजाम दिया था। नक्सलियों ने मतदान कार्य सम्पन्न करवाकर लौट रहे पोलिंग व पुलिस पार्टी पर जबर्दस्त फायरिंग करते हुए कुल 8 लोगों की हत्या कर डाली जिसमें पाँच पुलिसकर्मी सहित तीन पोलिंग पार्टी के सदस्य थे। नक्सलियों के विरुद्ध लगातार सघन अभियान व एलआरपी के परिणामस्वरुप एक बड़े हार्डकोर नक्सली नेता प्रवील दा उर्फ प्रवीर दा की गिरफतारी संभव हुई थी।
दुमका, पाकुड़ व गिरिडीह में पुलिसकर्मियों की हत्या, आग्नेयशास्त्रों की लूट, उँची लेवी वसूली व सड़क निर्माण कम्पनियों की गाडि़यों को आग के हवाले कर देने जैसे तकरीबन 30 बड़ी-बड़ी घटनाओं व पाकुड़ एस0पी0 अमरजीत बलिहार की 02 जूलाई 2013 को हुई हत्या का मुख्य अभियुक्त हार्डकोर नक्सली व स्पेशल एरिया कमिटी सदस्य प्रवील दा को उप राजधानी दुमका के रामगढ़ प्रखण्ड के हरवाडंगाल से 26-27 सितम्बर 2014 की रात्रि धर-दबोच लिया गया था। पूर्वोत्तर बिहार-पूर्वोत्तर झारखण्ड के स्पेशल एरिया कमिटी सदस्य प्रवील दा उर्फ प्रवीर दा, उर्फ सनोत दा उर्फ हिरेन्द्र दा उर्फ अमृत उर्फ मारंग दा को एसएसबी व आईआरबी के सहयोग से दुमका पुलिस की टाक्स फोर्स ने धर-दबोचा था। बिहार के जमुई से लेकर भागलपुर व झारखण्ड के संताल परगना प्रमण्डल के विभिन्न जिलों में दहशत व आतंक का पर्याय रहा तथा दुमका व पाकुड़ के इलाकों में वर्ष 2008 से उसके पकड़े जाने तक लगातार नक्सली घटनाओं को अंजाम तक पहुँचाता रहा नक्सली नेता प्रवील दा की गिरफतारी से वर्षों से अशांत संताल परगना क्षेत्र में शांति बहाली की फिजां लौट आई। नक्सली नेता प्रवील दा की गिरफतारी से दस्ते के अन्य सदस्यों का मनोबल काफी गिर गया।
नक्सलियों के खौफ से आम जनता को काफी राहत महसूस हुई। डीआईजी (संताल परगना प्रक्षेत्र) प्रिया दूबे के कार्यकाल में पाकुड़ के एस0पी0 अमरजीत बलिहार की हत्या स्पेशल एरिया कमिटी सदस्य प्रवील दा ने ही की थी। हार्डकोर माओवादी प्रवील दा उर्फ प्रवीर दा की गिरफतारी से पुलिस ने भी राहत की सांस ली। एस0पी0 दफतर में 28 सितम्बर 2014 को पत्रकारों से बात करते हुए डीआईजी (संताल परगना प्रक्षेत्र) दुमका प्रिया दूबे ने कहा गुप्त सूचना के आधार पर एस0पी0 दुमका अनूप टी मैथ्यू के कुशल नेतृत्व व निर्देशन में एसएसबी-आईआरबी के सहयोग से डीएसपी (मु0) पीताम्बर खैरवार, थाना प्रभारी काठीकुण्ड नयन सुख डाडेल, थाना प्रभारी दुमका (नगर) देवव्रत पोद्दार, अवर निरीक्षक सचिन दास, रामदेव बानरा, स0अ0नि0 जीतू तिग्गा, तकनीकी शाखा के संतोष कुमार सिंह, महिला पुलिसकर्मी पूजा कुमारी, नगर थाना, दुमका जिला एस0ए0टी0 सशस्त्र बल आईआरबी रामगढ़, एसएसबी (45 वीं बटालियन) व अन्य के सहयोग से उप राजधानी दुमका के रामगढ़ प्रखण्ड के हड़वाडंगाल गाँव से हार्डकोर नक्सली नेता प्रवील दा को गिरफतार किया गया। एस0पी0 अनूप टी0 मैथ्यू ने कहा पूर्वोत्तर बिहार-पूर्वोत्तर झारखण्ड के स्पेशल एरिया कमिटी सदस्य प्रवील दा वर्ष 1992 में अशोक जी (रिजन सदस्य) के नेतृत्व में भाकपा माओवादी में शामिल हुआ था। वर्ष 2001-02 में गिरफतार नक्सली नेता सबजोन का सदस्य बना था।
वर्ष 2003 के नवम्बर-दिसम्बर से कंचन यादव, रमेश, बद्री राय, मनोज देहरी, फिलमन किस्कु, मनोहर गृहि के साथ हार्डकोर नक्सली नेता प्रवील दा ने पार्टी का विस्तार किया था। वर्ष 2006 में बसकियाँ पहाड़ में प्रयाग दा, अनल दा, विजय दा की उपस्थिति में 06-08 लोगों को शामिल कर एक हथियार बंद दस्ता बनाया था। तब से आज तक दुमका जिला में धटित विभिन्न घटनाओं को वह अंजाम देता रहा। एस0पी0 अनूप टी0 मैथ्यू ने कहा वर्ष 1993 में धनबाद के टुण्डी थानान्तर्गत समलाल मुर्मू की हत्या के आरोप में पहली मर्तबा प्रवील दा 10 माह तक जेल में रहा था। पुलिस अधीक्षक दुमका अनूप टी0 मैथ्यू के नेतृत्व में काठीकुण्ड थानान्तर्गत लकड़ाफैला जंगल से एक इन्साॅस रायफल की मैगजीन, एक .303 रायफल व मैगजीन (पुलिसकर्मियों की हत्या के बाद उनसे लूटा गया हथियार) बरामद किया गया। एस0पी0 अनूप टी0 मैथ्यू ने जानकारी देते हुए कहा दुमका जिला के विभिन्न प्रखण्डों में तकरीबन 22 अलग-अलग बड़ी वारदातों सहित पाकुड़ जिला में 05 वारदातों व गिरिडीह में कई नक्सली घटनाओं का अभियुक्त रहा है प्रवील दा। विदित हो पिछले 02 जूलाई 2013 को दुमका-पाकुड़ मार्ग पर दुमका से तकरीबन 25 कि0मी0 की दूरी पर जमुनी-शिवतल्ला में दुमका से पाकुड़ जाने के क्रम में पाकुड़ एस0पी0 अमरजीत बलिहार की हत्या कर दी गई थी। इस कांड का माॅनिटरिंग नक्सली नेता प्रवील दा खुद कर रहा था। इसके अलावा वर्ष 2008 में दो-दो थानेदारों सहित अन्य पुलिसकर्मियों की हत्या का मुख्य आरोपी भी प्रवील दा रहा है।
डीआईजी (संताल परगना प्रक्षेत्र) प्रिया दूबे के अनुसार आसन्न विधानसभा चुनाव में किसी बड़ी वारदात को अंजाम देने की रणनीति भी प्रवील दा द्वारा बनाई जा रही थी। प्रवील दा की गिरफतारी से एक बड़ी वारदात को रोक पाने में पुलिस कामयाब रही। पुलिस के समक्ष अपने स्वीकारोक्ति बयान में प्रवील दा ने कबूल किया कि वर्ष 2008 में शिकारीपाड़ा के पोखरिया में पुलिस के साथ मुठभेड़ के दौरान तत्कालीन थानेदार शमशाद अंसारी व अन्य पुलिसकर्मियों की हत्या में वह शामिल था। वर्ष 2009 के विधान सभा चुनाव में पुलिस पार्टी पर हमला कर जहाँ एक ओर एक चैकीदार की हत्या में यह शामिल था वहीं पुलिस पार्टी से एक इन्सास रायफल भी लूटी गई थी। वर्ष 2010 में काठीकुण्ड थानान्तर्गत तालपहाड़ी जंगल में पुलिस के साथ मुठभेड़ में थाना प्रभारी जामा सतानन्द सिंह की हत्या में यह मुख्य अभियुक्त था। वर्ष 2013 में पुलिस अधीक्षक पाकुड़ के काफिले पर हमला तथा एस0पी0 अमरजीत बलिहार सहित 05 पुलिसकर्मियो की हत्या कर प्रवील दा ने हथियार लूट लिये थे। 24 अप्रैल 2014 को शिकारीपाड़ा प्रखण्ड के पलासी-सरसाजोल के बीच लैण्ड माइन्स विस्फोट कर प्रवील दा के दस्ते ने 3 मतदान कर्मियों सहित पुलिस पेट्रोलिंग पार्टी के 5 सदस्यों की हत्या कर दी थी तथा पुलिसकर्मियों के हथियार लूट लिये थे। एस0पी0 अनूप टी0 मैथ्यू के अनुसार पूर्वोत्त्र बिहार-पूर्वोत्तर झारखण्ड के स्पेशल एरिया कमिटी सदस्य प्रवील दा उर्फ प्रवीर दा, उर्फ सनोत दा उर्फ हिरेन्द्र दा उर्फ अमृत उर्फ मारंग दा गिरिडीह जिलान्तर्गत पीरटांड़ थाना क्षेत्र के बरवाडीह गाँव का रहने वाला है। 39 वर्षीय प्रवील दा 16-17 वर्ष की उम्र में ही नक्सली संगठन से जुड़ गया था। मात्र पाँचवीं पास स्पेशल एरिया कमिटी सदस्य प्रवील दा में संगठन को खड़ा करने, उसे प्रशिक्षित करने व उसके विस्तार में गजब की महारत हासिल है।
गुरिल्ला युद्ध में भी यह काफी दक्ष है। अमरापाड़ा में स्थित पेेनम कोल माइन्स क्षेत्र में विस्थापितों की आवाज रही सिस्टर बाॅलसा जाॅन एवं पैनम कोल माईन्स (अमरापाड़ा, पाकुड़) के कार्यकारी निदेशक पी0 के0 शरण की हत्या में भी प्रवील दा की महती भूमिका रही थी। सड़क निर्माण कम्पनी जेवीआर के कई महंगे डंफरों सहित अन्य वाहनों को आग के हवाले प्रवील दा के दस्ते ने ही किया था। एसपी अनूप टी0 मैथ्यू ने कहा प्रवील दा के दस्ते में 25 से 30 सदस्य शामिल हैं जिनके पास 3 ए0के0-47 तथा 8 इन्साॅस रायफल मौजूद है। एसपी अनूप टी0 मैथ्यू ने प्रवील दा को नक्सली मूवमेंट का इनसाॅयक्लोपेडिया कहा है। संताल परगना के चप्पे-चप्पे से वाकिफ है प्रवील दाः- संताल परगना प्रमण्डल सहित जमुई, गिरिडीह व भागलपुर में अपनी दहशत का पताका फहरा रहा स्पेशल एरिया कमिटी सदस्य प्रवील दा संताल परगना प्रमण्डल के तमाम जंगली-पहाड़ी क्षेत्रों का बड़ा जानकार रहा है। 26-27 की रात्रि दुमका पुलिस के हत्थे चढ़ा नक्सली नेता के विषय में पूरी तहकीकात के बाद पुलिस का उपरोक्त आशय की जानकारी प्राप्त हो पायी है। डीआईजी के साथ संयुक्त पत्रकार वार्ता में एसपी अनूप टी0 मैथ्यू ने कहा प्रवील दा को दुमका व संताल परगना प्रमण्डल के अन्य जिलों के पहाड़ व जंगली इलाकों का खासा ज्ञान है। घटनाओं को अंजाम देने, हथियारों की लूट व पुलिसकर्मियो की हत्या में पूरी सर्तकर्ता बरतती रही है प्रवील दा के दस्ते ने। पिछले कई वर्षों से पुलिस की आँखों में धूल झोकने रहने के बाद अंततः गिरफतार हुए स्पेशल एरिया कमिटी सदस्य प्रवील दा के उपर दबाब बनाने के बाद पुलिस को कई अन्य अनसुलझे प्रश्नों का हल प्राप्त हो सकता है।
अमरेन्द्र सुमन
दुमका, झारखण्ड

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