- जगह-जगह प्रशासनिक अधिकारियों का पुतला फंूकने के साथ ही चला ईट-पत्थर व फेंके गए पेट्रोल बम
- घंटेभर बाद पहुंची पुलिस ने बीड़ला छात्रावास से की छात्रों की गिरफतारी
वाराणसी। शुक्रवार को दुसरे दिन भी बनारस हिन्दू विश्व विद्यालय परिसर अशांत रहा। अफरातफरी माहौल के बीच पुलिस छापा मारकर 45 से अधिक छात्रों को गिरफतार करने का दावा किया है। पुलिस के मुताबिक हिरासत में लिए गए सभी छात्र उपद्रवी है। इस गिरफतारी के विरोध में छात्र नेताओं ने कई स्थानों पर प्रशासनिक अधिकारियों का न सिर्फ पुतला फंूका बल्कि पुलिस व छात्रों के बीच हवाई फायरिंग के साथ ही दोनों ओर से जमकर पथराव हुआ, पेट्रोल बम फेंके गए और आमने-सामने लाठियों से भी एक-दूसरे पर जोरआजमाइस किया गया। इस सबके चलते 100 से अधिक छात्रों घायल होने की खबर है। इधर, बुद्धजीवियों ने कहा है कि अराजकता के बल छात्रसंघ की बदहाली नहीं जानी चाहिए। प्रशासन को चाहिए कि वह उपद्रवियों से सख्ती से पेश आएं।
गुरुवार की घटना से आक्रोशित छात्रों की टोली आज सुबह से सड़कों पर लाठी-डंडे के साथ प्रशासनिक
अधिकारियों के पुतले हाथ में लेकर नारेबाजी करते हुए दिखने लगी थी। इन छात्रों का जहां मौका मिला पुतले को आग के हवाले कर दिया। छात्रों के इस हरकत को देख पुलिस भी मुस्तैद हो गयी और जब इन छात्रों को रोकने की कोशिश किया तो भिड़ंत हो गयी। फिर दोनों तरफ से ईट-पत्थर चलने लगे। लाठियां भी बरसाई गयी। इसी दौरान परिसर में छात्रों का दो गुट इस बात को लेकर भिड़ गया कि छात्रसंघ की बहाली हो या न हो। बिड़ला-सी और ब्रोचा हॉस्टलों के छात्रों में जबरदस्त मारपीट की गयी। मौके पर आगजनी भी की। इस दौरान छात्रों द्वारा पेट्रोल बम फेंके जाने और पुलिस के गोली चलाने की भी सूचना है। इसके बाद प्रशासनिक अधिकारियों का इशारा मिलते ही परिसर में मौजूद पुलिस ने पूरी मुस्तैदी व चैकसी के बीच बिड़ला छात्रावास में छापा मारकर 45 से अधिक छात्रों को हिरासत में ले लिया। कहा जा सकता है कि छात्रसंघ की बहाली को लेकर छात्रों का दो गुट हो गया है। पढाकू गुट इस उपद्रव के खिलाफ है। मतलब दो छात्रावासों के बीच का संघर्ष कक्षाओं और संकायों तक फैल रहा है। परिसर का माहौल तनावपूर्ण है। प्रशासन परिसर में कार्रवाई के लिए अतिरिक्त फोर्स का इंतजाम किया है। छात्रों के भारी विरोध को देखते हुए विश्व विद्यालय प्रशासन ने पहले ही छात्रसंघ का चुनाव स्थगित करने की घोषणा कर चुकी है। खबर है कि बीएचयू छात्र संघ बहाली को लेकर फैली आग अब दूसरे कॉलेजों तक भी पहुंचने लगी है। हरिशचंद्र डिग्री कॉलेज के छात्र पुलिस लाठीचार्ज और हमले के खिलाफ लामबंद हो रहे हैं। छात्र नेताओं ने बीएचयू वीसी राजीव संगल का मैदागिन चैराहे के पास पुतला फूंका। गोदौलिया में शिवसेना के लोगों ने केंद्रीय मानव संसाधन और विकास मंत्री स्मृति ईरानी का पुतला जलाया। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि बीएचयू प्रशासन राजनीति के तहत छात्रों को आपस में लड़ा रही है। कैंपस में रबर की गोलियां दागे गए। बीएचयू के एक प्रोफेसर ने गोली भी चलाई। इससे एक छात्र घायल हो गया। उन्होंने वीसी को तत्काल प्रभाव से हटाने की मांग की, वरना आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
(सुरेश गांधी)


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