भारत के सुपर ग्रैंडमास्टर विश्वनाथन आनन्द ने विश्व चैम्पियनशिप में मिली हार के झटके से उबरते हुए ब्रिटेन के ग्रैंडमास्टर माइकल एडम्स को हराकर पहली बार लंदन क्लासिक शतरंज खिताब जीत लिया। पांच बार के विश्व चैम्पियन रह चुके आनन्द ने छह खिलाडियों के इस राउंड रोबिन टूर्नामेंट में पहली चार बाजियां ड्रा खेलीं थी। उन्हें खिताब जीतने के लिए एडम्स के खिलाफ जीत की जरूरत थी। और उन्होंने ब्रिटिश ग्रैंडमास्टर को शिकस्त देकर लंदन क्लासिक जीतने का अपना सपना पूरा कर लिया।
फुटबाल जैसी स्केरिंग वाले इस टूर्नामेंट में आनन्द ने कुल सात अंक हासिल किए। टूर्नामेंट में बाजी जीतने पर तीन अंक और ड्रा पर एक अंक मिलता था। आनन्द के रूस के ब्लादिमीर क्रै मनिक और अनीश गिरी के बराबर समान अंक रहे लेकिन बेहतर टाई.ब्रेक के आधार पर आनन्द खिताब ले उडे।

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