इराक एवं सीरिया में सक्रिय संगठन इस्लामिक स्टेट (आईएसआईएस) को भारत में प्रतिबंधित करके आतंकवादी संगठन घोषित कर दिया गया है और सरकार सोशल मीडिया सहित साइबर जगत में इसके र्समथन में होने वाली गतिविधियों पर निगरानी के एक कमेटी बनाने जा रही है। गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने आज यहां लोकसभा में प्रश्नकाल के दौरान यह जानकारी दी। श्री सिंह ने आईएसआईएस की गतिविधियों पर रोक लगाने संबंधी एक प्रश्न के उत्तर में कहा कि जैसे ही विश्व में आईएसआईएस की गतिविधियां शुरू हुई हैं वैसे ही सरकार ने उस पर पैनी नजर रखनी शुरू कर दी थी। उन्होंने बताया कि सरकार ने इस संगठन को 1962 के गैरकानूनी गतिविधि निरोधक (संशोधन) कानून के तहत प्रतिबिंधित कर दिया है। इस संगठन को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में र्दज 33 संगठनों के अनुरूप आतंकवादी संगठन घोषित कर दिया गया है। इस संगठन में भारतीय युवकों के जुड़े होने संबंधी एक प्रश्न पर श्री सिंह ने कहा कि यह संतोष की बात है कि भारत में मुस्लिम समाज के लोगों ने अपने बच्चों को इस संगठन से जुड़ने की प्रवृत्ति को हतोत्साहित किया है। उन्होंने कहा कि साईबर स्पेस में इस संगठन को लेकर चल रही गतिविधियां एक गंभीर चुनौती है। सरकार इसके लिये बहुत शीघ्र ही एक कमेटी का गठन करने वाली है।
इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग के ई. अहमद द्वारा सरकार को निर्दोष मुस्लिम युवकों को आईएसआईएस के नाम पर बलि का बकरा बनाये जाने की प्रवृत्ति के खिलाफ आगाह किये जाने पर श्री सिंह ने कहा कि वह सदन को आश्वस्त करते हैं कि किसी भी निर्दोष मुस्लिम को कहीं भी मामले में फंसाया नहीं जाएगा। उन्होंने श्री अहमद से कहा कि अगर अनजाने में ऐसी कोई बात होती है और उनकी नजर में आती है तो वह उन्हें बता सकते हैं और सरकार इस पर तुरंत आवश्यक कदम उठायेगी। श्री अहमद ने इससे पहले कहा कि उनकी पार्टी ने आईएसआईएस की गतिविधियों की निंदा की है और माना है कि यह इस्लाम के नाम पर इस्लाम की भावना के खिलाफ काम कर रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि उनकी पार्टी मुस्लिम युवकों को आईएसआईएस की विचारधारा से जुड़ने को लेकर कभी प्रोत्साहित नहीं करेगी। लेकिन सरकार को इतना ध्यान रखना होगा कि कोई निर्दोष मुस्लिम युवक कहीं खामख्वाह ना फंस जाये।

कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें