अंतर्राष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में कमी के बाद तेल विपणन कंपनियों ने डीजल और पेट्रोल की कीमतों में दो-दो रूपये प्रति लीटर कमी कर दी है। नई कीमतें आज मध्यरात्रि से लागू हो जाएंगी। अग्रणी तेल विपणन कंपनी इंडियन ॉयल की तरफ से आज जारी बयान के अनुसार दिल्ली में पेट्रोल और डीजल के दाम में दो-दो प्रति लीटर(कर मिलाकर) कमी की गई है। अन्य राज्यों में वहां के करों के अनुसार से यह कमी होगी। नरेंद्र मोदी सरकार ने सत्ता में आने के बाद 18 अक्टूबर को डीजल को सरकारी नियंत्रण से मुक्त कर दिया था जिसके बाद से डीजल के दाम चौथी बार कम किये गए हैं। दिल्ली में अब एक लीटर डीजल 50 रूपये 51 पैसे का मिलेगा। पेट्रोल के दाम जून 2012 में ही नियंत्रणमुक्त कर दिये गए थे। इस वर्ष अगस्त के बाद से पेट्रोल की कीमत में यह आठवीं बार कमी होगी और दिल्ली में पेट्रोल अब 61 रूपये 33 पैसे प्रति लीटर मिलेगा। इससे पहले कंपनियों ने एक दिसंबर को डीजल और पेट्रोल की कीमतों में क्रमश: 9। और 84 पैसे प्रति लीटर की कमी की थी।
इंडियन ॉयल के कार्यकारी निदेशक .कॉर्पोरेट कम्युनिकेशंस. ने कहा कि पिछली बार दाम घटाने के बाद से अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर तेल की कीमतों में लगातार गिरावट के रूख और डॉलर के मुकाबले रूपये के मजबूत होने से भी घरेलू स्तर पर पेट्रोल और डीजल के दाम में कमी की गई है। उन्होंने कहा कि वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की कीमत और डॉलर की तुलना में रूपये की स्थिति की निगरानी की जा रही है। इन कारकों के मद्देनजर ही अगली बार पेट्रोल और डीजल की कीमतें तय होंगी। डीजल को नियंत्रणमुक्त किये जाने के बाद से दिल्ली में इसकी कीमतें पांच रूपये 10 पैसे प्रति लीटर कम हो चुकी हैं। इस साल 18 अक्टूबर को जब डीजल को नियंत्रणमुक्त किया गया था उस समय इसकी कीमत 58 रूपये 97 पैसे से घटाकर 55 रूपये 60 पैसे प्रति लीटर की गई थी। इस वर्ष अगस्त से दामों की तुलना की जाए तो डीजल आठ रूपये 46 पैसे प्रति लीटर घट चुका है।
इस वर्ष अगस्त से डीजल के दाम में 11 रूपये 18 पैसे प्रति लीटर की कमी हो चुकी है। पिछले एक माह के दौरान सरकार ने डीजल और पेट्रोल पर उत्पाद शुल्क में भी बढोतरी की है जिससे अंतर्राष्ट्रीय बाजार की गिरावट की तुलना में दोनों ईंधनों के दाम नहीं घटे हैं। सरकार ने 02 दिसंबर को पेट्रोल पर 2.25 रूपये और डीजल पर एक रूपये प्रति लीटर का उत्पाद शुल्क बढा दिया था। इससे पहले 12 नवंबर को डीजल और पेट्रोल पर उत्पाद शुल्क में डेढ..डेढ रूपये प्रति लीटर की बढोतरी की गई थी। हालांकि उत्पाद शुल्क में इस बढोतरी का उपभोक्ताों पर असर नहीं पडा था क्यों कि अंतर्राष्ट्रीय बाजार में दाम कम हुए थे। शुल्क बढाने की वजह से वैश्विक स्तर पर मूल्यों में आयी गिरावट का लाभ उपभोक्ताों को नहीं मिल पाया था।

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