भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी .भाकपा. ने मधुबनी गोलीकांड की जांच के लिए गठित न्यायिक जांच आयोग की रिपोर्ट पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए आज कहा कि इस रिपोर्ट मेंघटना के जुड़े तथ्यों को जहां नजरअंदाज किया गया हैं वहीं दोषी प्रशासन एवं पुलिस का बचाव किया गया है। भाकपा के राज्य सचिव राजेन्द्र प्रसाद सिंह ने यहां कहा कि रिपोर्ट मेंघटना के जुड़े तथ्यों को नजरअंदाज करके न्याय मांगने वालों को न्याय नहीं दिया गया है। साथ ही घटना में अनुचित रूप से फंसाये गये लोगों को न्याय नहीं दिया गया है । उन्होंने कहा कि आयोग ने स्वयं यह स्वीकार किया है कि मृत युवक की सिरकटी लाश का दावा करने वाले क्षेमा देवी को लाश नहीं साैंपना प्रशासन की गलती थी। इस सच्चाई को स्वीकार करने और प्रशासन को दोषी मानते हुए भी आयोग ने प्रशासन को दंडित करने की बात नहीं की है ।
श्री सिंह ने कहा कि सरकटी लाश के लिए दावा करने वाले परिजनों को प्रशासन ने शव नहीं सौंपा जिसके कारण जनआक्र ोश फूट पड़ा।अत: यह स्वत:स्फूर्त जनआक्रोश था जो किसी राजनीतिक दल द्वारा संगठित नहीं था। न्यायिक आयोग ने अपनी रिपोर्ट में इस तथ्य को नजरअंदाज कर दिया है और राजनीतिक दलों की संलिप्ता इस आंदोलन में करार दी है जो पूरी तरह गलत है। उन्होंने पूरे रिपोर्ट को तथ्यों से परे करार दिया और राज्य सरकार से इसकी पुन: समीक्षा करने की मांग की। सतीश राम 19।0 वार्ता
श्री सिंह ने कहा है कि अगर उस युवक की लाश को प्रशासन उसके दावेदार को नहीं देने की भूल नहीं की होती तो लोगों में गुस्सा नहीं फूटता और पुलिस को गोली चलाने की नौबत ही नहीं आती 1 उन्होंने सरकार से मांग की कि न्यायिक जांच आयोग की रिपोर्ट तथ्यों से परे है .सरकार इस आयोग की रिपोर्ट की पुन: समीक्षा करें.

कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें