पाकिस्तान के पश्चिमोत्तर सीमांत प्रांत खैबर पख्तूनख्वा की राजधानी पेशावर के एक आर्मी स्कूल में हुए हमले के बाद छात्रों को बचाने के लिए पाकिस्तानी सेना का अभियान तालिबानी आतंकवादियों के साथ नौ घंटे के संघर्ष के बाद समाप्त हो गया है।इस हमले में 128 स्कूली बच्चों समेत 132 लोग मारे गये है और 245 अन्य घायल हुए है।हमले में सभी नौ आतंकवादी भी मारे गये है। सैन्य सूत्रों ने बताया कि सेना का अभियान पूरा हो गया है और सभी नौ आतंकवादी मारे गये है।अभियान के दौरान दो अधिकारियों समेत सेना के नौ र्कमी भी घायल हुए है। पाकिस्तान के इतिहास में अब तक के इस सबसे बडे आतंकवादी हमले से समूचा विश्व हतप्रभ रह गया है। पाकिस्तान सरकार ने इस घटना पर तीन दिन का राष्ट्रीय शोक घोषित किया है। प्रधानमंत्री नवाज शरीफ ने इसे राष्ट्रीय त्रासदी करार दिया है।
पुलिस ने बताया कि उन्हें स्कूल के भीतर से तीन जोरदार धमाकों की आवाजें भी सुनायीं दी हैं। इसके बाद से स्कूल के बाहर मौजूद छात्रों के परिजन पुलिस की घेराबंदी तोडकर भीतर जाने का प्रयास कर रहे हैं जिन्हें रोकने के लिये पुलिस को खासी मशक्कत करनी पड रही है। आतंकवादी संगठन तहरीक ए तालिबान पाकिस्तान ने इस घटना की जिम्मेदारी लेते हुये दावा किया है कि उसने आत्मघाती जैकेट पहने हुये छह हमलावर स्कूल में भेजे थे। स्थानीय लोगों के अनुसार सुबह करीब 11 बजे स्कूल से भारी गोलाबारी की आवाज सुनाई दी और फिर हेलीकाप्टर मंडराने लगे तथा एम्बुलेंस बच्चों को ले जाने लगीं। मौके पर मौजूद सैन्य अधिकारियों के अनुसार छह आतंकवादी इस स्कूल में दाखिल हुए थे और स्कूल में करीब 500 बच्चे और शिक्षक मौजूद थे। बताया जा रहा है कि आतंकवादी स्कूल के पीछे स्थित कब्रस्तिान के रास्ते दीवार फांदकर भीतर घुसे थे।
अमेरिका के राष्ट्रपति बराक ओबामा ने पाकिस्तान में पेशावर के आर्मी पब्लिक स्कूल पर तालिबानी आतंकवादियों के हमले में 128 बच्चों सहित 132 लोगों के मारे जाने की कठोर निंदा की है। अमेरिकी राष्ट्रपति मुख्यालय व्हाइट हाउस द्वारा जारी एक बयान के अनुसार श्री ओबामा ने कहा कि अमेरिका पाकिस्तान के पेशावर में आर्मी पब्लिक स्कूल पर हुए इस भयावह हमले की कठोरतम शब्दों में निंदा करता है। उन्होंने कहा .. हमारी समवेदनाएं पीडितों. उनके परिजनों एवं बन्धु बांधवों से हैं। इस घृणित हमले में टीचरों एवं बच्चों को निशाना बना कर आतंकवादियों ने एक बार पुन. अपनी नीचता का परिचय दिया है। श्री ओबामा ने कहा ..हम पाकिस्तान की जनता के साथ है और आतंकवाद एवं चरमपंथ से निपटने तथा क्षेत्र में शांति एवं स्थिरता कायम करने के पाकिस्तान सरकार के प्रयासों को अमेरिका के र्समथन का संकल्प दोहराते हैं।
इस घटना को वैश्विक आतंकवाद की जघन्यतम घटनाों में से एक माना जा रहा है ।अमेरिका फ्रांस.र्जमनी.चीन .भारत .जापान आदि विश्व के अधिकतर देशों ने इस हमले की कडी निंदा की है। राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस घटना की कडी निंदा की है।श्री मुखर्जी ने इस हमले की कडी निंदा करते हुये विश्व के देशों से इस समस्या के खिलाफ एकजुट होने की होने की अपील की है। श्री मुखर्जी ने कहा कि इस तरह की जघन्य घटनाएं मानवता के सिद्धांत के खिलाफ हैं। यह कुछ और नहीं. बल्कि आतंकवादियों की मनोदशा को र्दशाता है कि वे किस हद तक जा सकते हैं। श्री मोदी ने अपने शोक संदेश में कहा है.. मैं पेशावर के स्कूल में आतंकवादियों के कायरतापूर्ण हमले की कड़ी निंदा करता हूं।. यह एक ऐसी क्रूरतापूर्ण वहशी कार्रवाई है जिसका बयान नहीं किया जा सकता है ।इस हमले ने अधिकतर मासूम लोगों तथा स्कूलों में बच्चों की जानें ले ली हैं। आज हमले में जिन लोगों ने अपने प्रिय बच्चों की जानें गंवाई हैं. मैं उन्हें अपनी हार्दिक समवेदना प्रकट करता हूं। हम दुख की घड़ी में उनके साथ हैं और अपनी भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित करते हैं।
पाकिस्तान के राष्ट्रपति ममनून हुसैन ने हमले की भत्र्सना करते हुये कहा कि ऐसे कायराना हमलों से देश का मनोबल कमजोर नहीं होगा। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान आतंकवाद से लडाई को लेकर प्रतिबद्ध है और इस तरह के हमले उसे राह से हटा नहीं सकते। प्रधानमंत्री नवाज शरीफ ने आतंकवादी हमले की कडी निन्दा करते हुये इसे राष्ट्रीय त्रासदी करार दिया है । वह आतंकवादियों के खिलाफ अभियान की निगरानी के लिए पेशावर पहुंच गये हैं। उन्होंने हमले की घटना पर तीन दिन के राष्ट्रीय शोक की घोषणा की है। घटना के बाद पेशावर पहुंचे श्री शरीफ ने संवाददाताों से बातचीत में कहा .. इस घटना ने आतंकवाद के खिलाफ युद्ध की शुरूआत कर दी है।.. उन्होंने कहा कि उनकी सरकार देश से आतंकवाद को खत्म करने के लिए प्रतिबद्ध है और वह इस मुहिम में अफगानिस्तान से मिलकर काम करेंगे। श्री शरीफ ने गृह मंत्री चौधरी निसार अली खान को फोन करके इस संकट से उबरने में खैबर पख्तूनख्वा सरकार की हरसंभव मदद करने के निर्देश दिये। उन्होंने खैबर पख्तूनख्वा के राज्यपाल सरदार माहताब अब्बासी को राहत एवं बचाव कार्य में सुरक्षा बलों को सभी जरूरी सहायता उपलब्ध कराने के भी निर्देश दिये। पाकिस्तान तहरीक ए इंसाफ .पीटीआई. पार्टी के अध्यक्ष इमरान खान ने हमले की कडी निंदा करते हुये कहा कि निर्दोष बच्चों को निशाना बनाना बर्बरता का बदतर तरीका है। उन्होंने हमले के बाद 18 दिसंबर से पार्टी के राष्ट्रव्यापी प्रर्दशन को स्थगित कर दिया। खैबर पख्तूनख्वा प्रांत में पीटीआई की सरकार है।
पाकिस्तान में बालिका शिक्षा के लिए आवाज उठाने के कारण तालिबानी हमले की शिकार हुई नोबेल पुरस्कार विजेता मलाला यूसुफजई ने पेशावर के एक आर्मी स्कूल में आतंकवादियों द्वारा मासूम बच्चों की हत्या करने की घटना की निंदा की है। मलाला ने सोशल नेटवार्किंग साइट टिव्टर पर कहा .. पेशावर में आतंकवादियों द्वारा की गई इस नासमझी की घटना से मैं आहत हूं। स्कूल में मासूम बच्चों के लिए इस तरह के आतंक का कोई स्थान नहीं हैं मैं इस तरह की कायराना हरकत की निंदा करती हूं और मैं पाकिस्तान सरकार तथा सुरक्षा बलों के साथ हूं जिन्होंने इस भयावह घटना पर काबू पाने के लिए सराहनीय प्रयास किया। उन्होंने कहा .. मैं विश्व भर के लाखों लोगों के साथ इन बच्चों के लिए दुख व्यक्त करती हूं लेकिन हम कभी हार नहीं मानेंगे। पाकिस्तान के अखबार दि नेशन के अनुसार प्रान्त के मुख्यमंत्री परवेज खत्ताक ने संवाददाताों से बातचीत में मृतकों की इस संख्या की पुष्टि की है। मुख्यमंत्री सचिवालय के सूचना निदेशक बह्रमंद खान ने बताया कि मृतकों की संख्या बढने की आशंका है। उन्होंने बताया कि हमले में 100 से अधिक स्कूली बच्चे मारे गये हैं।
एक बस ड्राइवर जमशेद खान ने बताया कि वह स्कूल के बाहर खड़ा था। अचानक फायरिंग शुरू हो गयी तथा चारों तरफ अफरा.तफरी मच गई तथा बच्चों और शिक्षकों की चीख पुकार मच गई। एक टीचर के मुताबिक स्कूल में उस वक्त इम्तिहान चल रहे थे। करीब डेढ़ घंटे बाद सेना आयी और स्कूल को सील कर दिया। बाद में सेना ने एक.एक कर सभी कक्षाों से बच्चों एवं टीचरों को बाहर निकाला। तालिबान के प्रवक्ता मोहम्मद खुरासानी ने हमले की जिम्मेदारी ली है। उसने कहा है कि तालिबान के फिदायीनों ने स्कूल में प्रवेश किया है लेकिन उन्हें बच्चों को नुकसान नहीं पहुँचाने और सिर्फ सेना के लोगों को निशाना बनाने की हिदायत थी। तालिबान प्रवक्ता ने कहा कि यह हमला उत्तरी वजीरिस्तान में सेना की कार्रवाई का बदला लेने के लिए किया गया। आतंकवादियों के खिलाफ आपरेशन में टैंक और हेलिकाप्टर की भी मदद ली गई। दो हेलिकाप्टर स्कूल के ऊपर लगातार मंडराते हुए इस पर नजर रख रहे थे। सेना ने बंधक बने 1500 बच्चों में से 1000 बच्चों को बचा लिया है।

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