धर्मान्तरण को लेकर आये सियासी उबाल के बीच उत्तर प्रदेश के राज्यपाल राम नाईक ने आज धर्म परिवर्तन को जायज ठहराते हुये तर्क दिया है कि संविधान में किसी भी व्यक्ति विशेष को अपना धर्म चुनने का हक है। यहां पंडित मदन मोहन मालवीय के पैतृक निवास के र्दशन करने के बाद श्री नाईक ने कहा कि विचारों के आधार पर धर्म परिवर्तन गलत नही है। किसी भी व्यक्ति को अपना धर्म चुनने और उसके पालन का हक है। राज्यपाल ने कहा कि भारतीय संविधान के निर्माता बाबा साहब डा. भीमराव अंबेडकर ने भी अपना धर्म बदला था। नेताों को ऐसे मसलों पर राजनीति करने से बाज आना चाहिये।
इससे पहले राज्यपाल ने चौक स्थित भारती भवन पुस्तकालय के 125 वर्ष पूरे करने के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में शिरकत क रते हुये कहा कि पुस्तकों से कल्पना शक्ति को बढावा मिलता है। किताबों में रूचि रखने वाला व्यक्ति समाज और राष्ट्र के विकास में अहम योगदान कर सकता है। उन्होंने कहा कि पुस्तकालयों में जीर्णशीर्ण अवस्था में पड़ी दुर्लभ पुस्तकों को माइक्रो फिल्मिंग के माध्यम ठीक कराया जायेगा। इसके लिये केन्द्र और राज्य सरकार से समन्वय बनाकर उचित व्यवस्था की जायेगी। गौरतलब है कि हाल ही में श्री नाईक ने अयोध्या में राम मंदिर के जल्द निर्माण की वकालत की थी।

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