मेजर वरदराजन, नायक नीरज सिंह को अशोक चक्र - Live Aaryaavart (लाईव आर्यावर्त)

Breaking

प्रबिसि नगर कीजै सब काजा । हृदय राखि कौशलपुर राजा।। -- मंगल भवन अमंगल हारी। द्रवहु सुदसरथ अजिर बिहारी ।। -- सब नर करहिं परस्पर प्रीति । चलहिं स्वधर्म निरत श्रुतिनीति ।। -- तेहि अवसर सुनि शिव धनु भंगा । आयउ भृगुकुल कमल पतंगा।। -- राजिव नयन धरैधनु सायक । भगत विपत्ति भंजनु सुखदायक।। -- अनुचित बहुत कहेउं अग्याता । छमहु क्षमा मंदिर दोउ भ्राता।। -- हरि अनन्त हरि कथा अनन्ता। कहहि सुनहि बहुविधि सब संता। -- साधक नाम जपहिं लय लाएं। होहिं सिद्ध अनिमादिक पाएं।। -- अतिथि पूज्य प्रियतम पुरारि के । कामद धन दारिद्र दवारिके।।

सोमवार, 26 जनवरी 2015

मेजर वरदराजन, नायक नीरज सिंह को अशोक चक्र


कश्मीर घाटी में आतंकवादियों का मुकाबला करते हुए अपने प्राण न्योछावर करने वाले मेजर मुकुंद वरदराजन और नायक नीरज कुमार सिंह को गणतंत्र दिवस पर मरणोपरांत अशोक चक्र प्रदान किया गया.

राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने मेजर वरदराजन और नायक नीरज सिंह के परिजनों को यह सर्वोच्च सैन्य सम्मान प्रदान किया. देश के 66वें गणतंत्र दिवस समारोह में दोनों शहीदों की पत्नियों ने सम्मान ग्रहण किया. इस मौके पर अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा बतौर मुख्य अतिथि मौजूद थे.

राजपूत रेजीमेंट के अधिकारी मेजर वरदराजन ने पिछले साल अप्रैल में जम्मू-कश्मीर के शोपियां जिले में तीन आतंकवादियों को ढेर कर दिया था. आतंकियों के साथ इसी मुठभेड़ में वह शहीद हो गए थे. दूसरी ओर नायक नीरज सिंह 24 अगस्त 2014 को जम्मू-कश्मीर के कुपवाड़ा जिले में शहीद हो गए थे. नीरज सिंह को आतंकियों की गोली लगी थी, लेकिन उन्होंने बेहोश होने तक वहां से जाने से इनकार कर दिया था.

कोई टिप्पणी नहीं: