सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक कर्मचारियों ने 21 जनवरी से चार दिन की हड़ताल का फैसला किया है। वेतन बढ़ोतरी से जुड़े मुद्दों के समाधान में केंद्र सरकार के अडियल और बेरुखे रवैये के खिलाफ कर्मचारियों ने हड़ताल का फैसला किया है। यह बात एआईबीओसी के एक अधिकारी ने कही।
अखिल भारतीय बैंक अधिकारी परिसंघ (एआईबीओसी) के महासचिव दीपक कुमार शर्मा ने कहा कि इससे पहले सात जनवरी को एक दिन की हड़ताल करने का फैसला किया गया था जिसे भारतीय बैंक संघ (आईबीए) के आग्रह पर टाल दिया गया, ताकि सौहार्दपूर्ण तरीके से समाधान ढूंढा जा सके। यह फैसला यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियन्स के हड़ताल के आहवान के मददेनजर किया गया जिसके तहत बैंकिंग उद्योग के 10 लाख कर्मचारी और अधिकारी आते हैं। शर्मा ने कहा इस दौरान आईबीए ने वेतन वृद्धि के संबंध में कोई नया प्रस्ताव नहीं किया, इसलिए यूएफबीयू ने चार दिन की हड़ताल का फैसला किया। चार दिन की यह हड़ताल यदि होती है तो बैंकों में कामकाज छह दिन तक प्रभावित रहेगा क्योंकि 25 जनवरी को रविवार और 26 जनवरी को राष्ट्रीय अवकाश है। उन्होंने कहा कि बैंक कर्मचारियों के वेतनमानों की समीक्षा एक नवंबर 2012 से लंबित है।
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