जम्मू.कश्मीर में मुख्यमंत्री के सवाल पर भाजपा का नरम रूख - Live Aaryaavart (लाईव आर्यावर्त)

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शनिवार, 3 जनवरी 2015

जम्मू.कश्मीर में मुख्यमंत्री के सवाल पर भाजपा का नरम रूख

mehbooba mufti
भारतीय जनता पार्टी द्वारा मुख्यमंत्री के सवाल पर नरम रूख से जम्मू..कश्मीर में सरकार गठन की संभावना बढ गई है। सरकार गठन में मात्र दो सप्ताह का समय रह गया है। ऐसे में अगर सरकार नहीं बन पाती है तो राज्यपाल शासन लग सकता है। पीडीपी के प्रवक्ता नईम अख्तर ने कहा कि 23 दिसंबर को आए चुनावी परिणाम के बाद सरकार गठन की प्रक्रिया में कोई सकारात्मक पहल नहीं हो सकी है। 87 सदस्यीय विधानसभा में किसी भी दल को बहुमत का आंकडा 44 नहीं मिला है। पीडीपी 28 सीटों के साथ सबसे बडी पार्टी है. जिसमें ज्यादातर सीटें उसे कश्मीर से मिली है। वहीं भाजपा को 25 सीटें मिलीं जिसमें सभी सीटें उसे जम्मू से मिली है। भाजपा कश्मीर तथा लद्दाख में अपना खाता नहीं खोल पाई है। नेशनल कांफ्रेंस को श्रीनगर में मात्र दो सीटों से ही संतोष करना पडा और उन्हें कुल 15 सीटें मिली। कांग्रेस को 12 सीटें मिली जबकि सज्जाद लो की पीपुल्स कांफ्रेंस को 2 सीटें मिली। माकपा तथा पीपुल्स डेमोक्रेटिक फ्रंट को एक..एक सीटें मिलीं तथा तीन निर्दलीय चुनाव जीतकर आए। चुनाव परिणाम आने के बाद भाजपा ने कहा था कि गठबंधन के लिए सभी रास्ते खुले हैं। भाजपा का मानना था कि चूंकि पार्टी को सबसे अधिक 32 प्रतिशत वोट मिले हैं इसलिए मुख्यमंत्री हमारा होना चाहिए। 

भाजपा को सज्जाद लोन के दो विधायकों का र्समथन पहले से हैं क्योंकि भाजपा ने उनके खिलाफ कोई उम्मीदवार नहीं उतारा था। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने एलान किया था कि पार्टी राज्य में पीडीपी तथा नेशनल कांफ्रेंस दोनों के संपर्क में है । उनके बयान से घाटी में एक नयी बहस शुरू हो गयी थी कि बाप.बेटे की सरकार तथा बाप.बेटी  की सरकार कह कर कोसने वाली भाजपा से दोनों पार्टियों की अंदरूनी मिली भगत है । नेशनल कांफ्रेंस.एनसी. पहले भी अटल बिहारी वाजपेयी सरकार का हिस्सा रह चुकी है जिसमें उमर अब्दुल्ला मंत्री रह चुके हैं  श्री अख्तर ने कहा कि अमित शाह का यह एलान कोई अजूबा नहीं है कि वह एनसी के पहले भी 2008 के विधानसभा परिणाम के कुछ घंटों के बाद ही उमर अब्दुल्ला दिल्ली चले गये थे और कांगे्रस के साथ गठबंधन का एलान कर दिया था। उमर ने तो राज्य के लोगों के सभी मुद्दों को भुलाकर छह साल के लिये मुख्यमंती का पद ले लिया

श्री अख्तर ने कहा कि पीडीपी अन्य दलों की तरह नहीं है । हमने चुनाव में जो घोषणा की है उसके अनुसार ही नाम करेंगे 1उन्होंने कहा कि 23 दिसम्बर को परिणाम आने के बाद हम लोगों में किसी भी तरह की जल्दबाजी नहीं दिखाई 1 उन्होंने माना कि पार्टी के नेताों की भाजपा से जो बात हुई . वह अनौपचारिक थे 1 सरकार गठन को लेकर हमारी न तो भाजपा से न ही कांगे्रस से औपचारिक बात हुई है ।तीन.तीन साल के मुख्यमंत्री बनने के सवाल पर श्री अख्तर ने कहा कि जब किसी दल से सरकार गठन को लेकर औपचारिक बात होगी तब कुछ कहा जा सकता है । पीडीपी. कांगे्रस तथा नेशनल कांफ्रेंस के महागठबंधन के सवाल को पीडीपी के मुख्य प्रवक्ता श्री अख्तर ने सिरे से खारिज कर दिया माकपा तथा निर्दलीय विधायक अब्दुल राशिद के बिना शर्त र्समथन पर उन्होंने कहा .. हमलोग एक स्थायी सरकार बनाना चाहते हैं ताकि हर मोचर्े पर काम किया जा सके पार्टी जल्दबाजी में कोई निर्णय नहीं लेगी 1 हमलोग राज्य की जनता के हित को ध्यान में रखकर ही निर्णय लेंगे।

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