देश की राजधानी दिल्ली एक साल से बिना सरकार के है। अब वह समय आ गया जिसका दिल्ली को बेसब्री से इंतजार था। दिल्ली में दोबारा से 7 फरवरी को विधानसभा चुनाव है। राष्ट्रीय पार्टियों के साथ- साथ क्षेत्रीय दलों ने इस चुनाव के लिए अपनी कमर कस रखी है। सभी दल अपने-अपने मुद्दे लेकर मैदान में उतर गए हैं । इस बार का चुनाव विकास के मुद्दे पर ही लड़ा जा रहा है। दिल्ली के विधानसभा क्षेत्रों में विकास के लिए पटपड़गंज अपना परचम लहरा रहा था। लेकिन अपने पिछले कार्यकाल के दौरान चौ. अनिल कुमार ने जो विकास की गंगा बहाई थी वह पूरी तरह से ठप हो गई। इसका कारण 2013 के विधानसभा चुनाव में इनका इस क्षेत्र से हार जाना था। क्षेत्र की जनता ने आम आदमी पार्टी के नेता मनीष सिसोदिया को पटपड़गंज का विकास करने का मौका दिया। लेकिन पटपड़गंज के हालात दिनोंदिन ख़राब होते गए। पटपड़गंज में जो विकास की गाड़ी चौ. अनिल कुमार ने दौड़ाई थी वह पटरी से उतर गई।
2008 में पटपड़गंज की जनता ने उन्हें जिस भरोसे के साथ अपना प्रतिनिधि चुना था, उस पर पूरी तरह से चौं. अनिल कुमार ख़रे उतरे। क्षेत्रवासियों की समस्याओं को अच्छे से समझते हुए पटपड़गंज को विकास की ओर ले जाने में दिन-रात कड़ी मेहनत की। चौ. अनिल कुमार जब विधायक चुनकर आए थे, पटपड़गंज अपने विकास के लिए रो रहा था। हर तरह की समस्याओं से जूझ रहे पटपड़गंज के लोगों में एक आशा की किरण अनिल कुमार में दिखाई दी। शिक्षा, बिजली-पानी, सीवर पाइपलाइन, के साथ-साथ सड़क परिवहन को लेकर स्थानीय निवासी काफी परेशान थे।
क्षेत्र के प्रति अपनी जिम्मेदारी को समझते हुए अनिल कुमार ने बच्चों की शिक्षा पर पूरा ध्यान दिया। कई स्कूलों को खुलवाने के साथ-साथ उसे दो पॉली में भी चलवाया। पूर्व विधायक अनिल कुमार का मानना है कि शिक्षित समाज से क्षेत्र और देश का विकास आसानी से किया जा सकता है। सही भी है बिना ज्ञान के सब अधूरा है। इन्होंने शिक्षा के अलावा खेलकूद पर भी काफी जोर दिया। खेलकूद के लिए स्पोर्टस् कॉम्पलेक्स का निर्माण कराया। जो कि क्षेत्र के बच्चों के लिए काफी महत्वपूर्ण था। बच्चें यहां अपने मन पसंदीदा खेल को खेलते हैं। पटपड़गंज में गंदगी और पानी भर जाने की बहुत समस्या थी। इससे वहां के लोग काफी परेशान हो गए थे। बारिश होने के बाद घर के बाहर निकलने में लोग हिचकिचाते थे।
कीचड़ और गंदगी ने लोगों का हाल बेहाल कर दिया था। सीवर पाइपलाइन की व्यवस्था करा कर उनके प्रतिनिधि ने इस समस्या से निजात दिलाया। बिजली-पानी की सुविधा को मुहैया कराकर पटपड़गंज के विकास में नई जान डाल दी। चौ. अनिल कुमार के नेतृत्व में पटपड़गंज के विकास के कदम रूके नही। यातायात की परेशानियों को हल करने के लिए लो फ्लोर की डीटीसी बसों को नए रूटों पर चलवाने का काम किया। जिससे दिल्ली के अंदर वहां की जनता को सफ़र करना आसान हो गया। दिल्ली में दौड़ रही मेट्रो पर चौ. अनिल कुमार की काफी दिनों से निगाहें थी। दिल्ली के अधिकतर इलाकों में मेट्रो दौड़ रही है लेकिन पटपड़गंज क्षेत्र में मेट्रो की सुविधा नहीं थी। लेकिन चौ. अनिल कुमार की मेहनत रंग लाई और पटपड़गंज क्षेत्र को जल्द ही मेट्रो सुविधा मिलने जा रही है। मेट्रो रेल को मयूर विहार फेस-2 से विनोद नगर तक जोड़ने की योजना को पास करा कर क्षेत्रवासियों को एक नया तोहफा दिया। साथ ही मोनोरेल की योजना को पास कराकर लोगों को एक और सौगात दी। इससे पता चलता है कि चौ अनिल कुमार पटपड़गंज के विकास के लिए कितने फ्रिकमंद हैं। इस बात को मद्देनज़र रखते हुए कांग्रेस ने 2013 के विधान सभा चुनाव में पटपड़गंज से टिकट दिया।
लेकिन आप की सरकार जनता की उम्मीदों पर खरा नहीं उतर सकी और केवल 49 दिन तक ही चल सकी। उसके बाद से दिल्ली 1 साल से बिना सरकार का दंश झेल रही थी। लेकिन में फिर से चुनाव होने जा रहे हैं। पटपड़गंज के लोगों के पास ये आखिरी मौका है जब वो फिर से चौ. अनिल कुमार को चुनकर पटरी से उतर गई विकास की गाड़ी को रफ्तार दे सकें।
--रवि श्रीवास्तव--


कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें