अर्चना गुड्डू सिंह ने संभाला नगर पालिका का कामकाज
- शहर को स्मार्ट सिटी बनाना पहली प्राथमिकता: अर्चना गुड्डू सिंह
छतरपुर। प्रदेष की सभी नगर पालिकाओं में सर्वाधिक 17 हजार मतों से ऐतिहासिक जीत दर्ज करने वाली नगर पालिका अध्यक्ष अर्चना गुड्डू सिंह ने शुक्रवार को क्षेत्रीय सांसद डाॅ. वीरेन्द्र कुमार, भाजपा के संगठन मंत्री दिनेष शर्मा, विधायक ललिता यादव की विषेष उपस्थिति में नगर पालिका का काम-काज संभाला। अर्चना सिंह भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष ग्याप्रसाद सिंह की बहू एवं भाजपा महामंत्री पुष्पेन्द्र प्रताप सिंह गुड्डू की धर्म पत्नि है वे लगातार दूसरी बार नगर पालिका अध्यक्ष चुनी गई हैं। मृदूभाषी, मिलनसार एवं सामाजिक गतिविधियों में हमेषा बढ़-चढ़ कर हिस्सा लेने वाली अर्चना सिंह लाॅयन्स क्लब की अध्यक्ष भी रह चुकी हैं। पदभार ग्रहण करने के बाद उन्होंने उपस्थित लोगोें के समक्ष अपने संक्षिप्त उद्गार व्यक्त करते हुए कहा कि जनता ने उन्हें विषाल मतों से ऐतिहासिक जीत दिलाकर मेरे ऊपर बड़ी जिम्मेदारी सौंपी हैं। मैं अपनी जिम्मेदारी को पूरी ईमानदारी और निष्ठा के साथ पूरा करूगीं, उन्होंने कहा कि शहर विकाष के जो काम पिछले कार्यकाल में अधूरे रह गए थे उन्हें पूरा किया जाएगा तथा शहर को स्मार्ट सिटी बनाना उनकी पहली प्राथमिकता होगी।
कमला खरे निर्विरोध बनी उपाध्यक्ष
नगर पालिका के प्रथम सम्मेलन में सबसे पहले एसडीएम डीपी द्विवेदी की देख रेख मंे उपाध्यक्ष एवं अपील समिति के सदस्यों के चयन की कार्यवाही हुई। एक मात्र कमला खरे ने उपाध्यक्ष पद के लिए निर्धारित समयावधि मेें अपना नामांकन पत्र दाखिल किया अपील समिति के लिए कांग्रेस पार्षद श्रीमती कीर्ति विष्वकर्मा एवं षिखा शर्मा ने अपने-अपने नामांकन पत्र दाखिल किए समयावधि गुजरने तक अन्य नामांकन न आने के कारण चुनाव अधिकारी एसडीएम डीपी द्विवेदी ने उपाध्यक्ष पद पर कमला खरे को एवं अपील समिति के सदस्य पद पर कीर्ति विष्वसकर्मा एवं षिखा शर्मा को निर्विरोध निर्वाचित होने की घोषणा की। परिणाम घोषित होने के बाद विधायक ललिता यादव एवं नगर पालिका अध्यक्ष अर्चना गुड्डू सिंह के साथ नवनिर्वाचित उपाध्यक्ष कमला खरे एवं सभी पार्षदों ने मोटे के महावीर मंदिर जाकर मत्था टेका तथा पूजा अर्चना की बाद में सभी ने नगर पालिका आकर अपना-अपना पदभार ग्रहण किया।
डकैती के मामल में 6 को 10 साल की कठोर कैद, 2.76 लाख जुर्माना
- एएसपी नीरज पाण्डे, एडीपीओ केके गौतम ने मामले में की मानीटरिंग
बिजावर। अपर सत्र न्यायाधीश जेपी सिंह की अदालत ने सर्राफा व्यापारी के साथ कट्टे की नोंक पर डकैती करने के मामले में 5 डकैतों सहित 1 अन्य युवक को डकैती की माल खरीदने के अपराध में 10-10 साल की कठोर कैद के साथ 2 लाख 76 हजार की सुना सुनाई। एडवोकेट लखन राजपूत ने बताया कि दिनांक 16 जुलाई 2010 को घुवारा निवासी सर्राफा व्यापारी संतोष सोनी शाम साढ़े 7 बजे दुकान बंद करके अपने घर जा रहा था। सर्रांफा व्यापारी साईकिल में सोने-चांदी से भरा बैग लिए हुए था। जैसे ही संतोष सोनी मूलु कड़ेरा के मकान के पास पहुंचा तभी पीछे से हीरो होण्डा मोटर साईकिल से दो डकैतों ने आकर संतोष के सीने में कट्टा अड़ा दिया। साईकिल में रखे सोने-चांदी के जेवरात से भरे बैग छुडक़ार ले गए। थाना भगवां में मामला दर्ज किया गया। थाना भगवां के तत्कालीन निरीक्षक उमराव सिंह एवं एसआई आरपी तिवारी ने विवेचना के दौरान उक्त डकैती को अंजाम देने वाले आरोपी अरविंद सिंह निवासी ककराड़ी जिला ललितपुर उप्र, जमुना सोनी निवासी तमरयाई मुहल्ला छतरपुर, कमल सोनी, रमेश निवासी बड़ामलहरा, छोटे उर्फ मुनमुन राजा निवासी नरहट जिला ललितपुर उप्र और डकैती के माल को खरीदने वाले देवीशरण सोनी निवासी बमीठा को गिरफ्तार करके मामला अदालत के सुपुर्द कर दिया। जिले के चिंहित जघन्य एवं सनसनीखेज मामलों के नोडल अधिकारी एएसपी नीरज पांडे एवं एडीपीओ केके गौतम द्वारा मामले में समीक्षा एवं मानीटरिंग की गयी एवं एजीपी धीरज तिवारी के द्वारा अभियोजन की ओर से मामले की पैरवी की गयी। अपर सत्र न्यायाधीश जेपी सिंह की अदालत ने मामले की अंतिम सुनवाई करते हुए उक्त डकैती की बारदात को अंजाम देने वाले आरोपी अरविंद सिंह, जमुना सोनी, कमल सोनी, रमेश, मुनमुन राजा को दोषी करार देकर आईपीसी की धारा 395 में 10-10 साल की कठोर कैद के साथ 50-50 हजार के जुर्माना की सजा सुनाई साथ ही डकैती का माल खरीदने वाले आरोपी देवीशरण सोनी को धारा 412 में 10 साल की कठोर कैद के साथ 25 हजार के जुर्माना और आरोपी अरविंद को बिना लाईसेंस का कट्टा उपयोग करने के अपराध में एक साल की कठोर केद के साथ 1 हजार के जुर्माने की सजा सुनाई।
डकैती के मामल में 6 को 10 साल की कठोर कैद, 2.76 लाख जुर्माना
बिजावर। अपर सत्र न्यायाधीश जेपी सिंह की अदालत ने सर्राफा व्यापारी के साथ कट्टे की नोंक पर डकैती करने के मामले में 5 डकैतों सहित 1 अन्य युवक को डकैती की माल खरीदने के अपराध में 10-10 साल की कठोर कैद के साथ 2 लाख 76 हजार की सुना सुनाई। एडवोकेट लखन राजपूत ने बताया कि दिनांक 16 जुलाई 2010 को घुवारा निवासी सर्राफा व्यापारी संतोष सोनी शाम साढ़े 7 बजे दुकान बंद करके अपने घर जा रहा था। सर्रांफा व्यापारी साईकिल में सोने-चांदी से भरा बैग लिए हुए था। जैसे ही संतोष सोनी मूलु कड़ेरा के मकान के पास पहुंचा तभी पीछे से हीरो होण्डा मोटर साईकिल से दो डकैतों ने आकर संतोष के सीने में कट्टा अड़ा दिया। साईकिल में रखे सोने-चांदी के जेवरात से भरे बैग छुडक़ार ले गए। थाना भगवां में मामला दर्ज किया गया। थाना भगवां के तत्कालीन निरीक्षक उमराव सिंह एवं एसआई आरपी तिवारी ने विवेचना के दौरान उक्त डकैती को अंजाम देने वाले आरोपी अरविंद सिंह निवासी ककराड़ी जिला ललितपुर उप्र, जमुना सोनी निवासी तमरयाई मुहल्ला छतरपुर, कमल सोनी, रमेश निवासी बड़ामलहरा, छोटे उर्फ मुनमुन राजा निवासी नरहट जिला ललितपुर उप्र और डकैती के माल को खरीदने वाले देवीशरण सोनी निवासी बमीठा को गिरफ्तार करके मामला अदालत के सुपुर्द कर दिया। जिले के चिंहित जघन्य एवं सनसनीखेज मामलों के नोडल अधिकारी एएसपी नीरज पांडे एवं एडीपीओ केके गौतम द्वारा मामले में समीक्षा एवं मानीटरिंग की गयी एवं एजीपी धीरज तिवारी के द्वारा अभियोजन की ओर से मामले की पैरवी की गयी। अपर सत्र न्यायाधीश जेपी सिंह की अदालत ने मामले की अंतिम सुनवाई करते हुए उक्त डकैती की बारदात को अंजाम देने वाले आरोपी अरविंद सिंह, जमुना सोनी, कमल सोनी, रमेश, मुनमुन राजा को दोषी करार देकर आईपीसी की धारा 395 में 10-10 साल की कठोर कैद के साथ 50-50 हजार के जुर्माना की सजा सुनाई साथ ही डकैती का माल खरीदने वाले आरोपी देवीशरण सोनी को धारा 412 में 10 साल की कठोर कैद के साथ 25 हजार के जुर्माना और आरोपी अरविंद को बिना लाईसेंस का कट्टा उपयोग करने के अपराध में एक साल की कठोर केद के साथ 1 हजार के जुर्माने की सजा सुनाई।
डकैती के मामल में 6 को 10 साल की कठोर कैद, 2.76 लाख जुर्माना
- एएसपी नीरज पाण्डे, एडीपीओ केके गौतम ने मामले में की मानीटरिंग
बिजावर। अपर सत्र न्यायाधीश जेपी सिंह की अदालत ने सर्राफा व्यापारी के साथ कट्टे की नोंक पर डकैती करने के मामले में 5 डकैतों सहित 1 अन्य युवक को डकैती की माल खरीदने के अपराध में 10-10 साल की कठोर कैद के साथ 2 लाख 76 हजार की सुना सुनाई। एडवोकेट लखन राजपूत ने बताया कि दिनांक 16 जुलाई 2010 को घुवारा निवासी सर्राफा व्यापारी संतोष सोनी शाम साढ़े 7 बजे दुकान बंद करके अपने घर जा रहा था। सर्रांफा व्यापारी साईकिल में सोने-चांदी से भरा बैग लिए हुए था। जैसे ही संतोष सोनी मूलु कड़ेरा के मकान के पास पहुंचा तभी पीछे से हीरो होण्डा मोटर साईकिल से दो डकैतों ने आकर संतोष के सीने में कट्टा अड़ा दिया। साईकिल में रखे सोने-चांदी के जेवरात से भरे बैग छुडक़ार ले गए। थाना भगवां में मामला दर्ज किया गया। थाना भगवां के तत्कालीन निरीक्षक उमराव सिंह एवं एसआई आरपी तिवारी ने विवेचना के दौरान उक्त डकैती को अंजाम देने वाले आरोपी अरविंद सिंह निवासी ककराड़ी जिला ललितपुर उप्र, जमुना सोनी निवासी तमरयाई मुहल्ला छतरपुर, कमल सोनी, रमेश निवासी बड़ामलहरा, छोटे उर्फ मुनमुन राजा निवासी नरहट जिला ललितपुर उप्र और डकैती के माल को खरीदने वाले देवीशरण सोनी निवासी बमीठा को गिरफ्तार करके मामला अदालत के सुपुर्द कर दिया। जिले के चिंहित जघन्य एवं सनसनीखेज मामलों के नोडल अधिकारी एएसपी नीरज पांडे एवं एडीपीओ केके गौतम द्वारा मामले में समीक्षा एवं मानीटरिंग की गयी एवं एजीपी धीरज तिवारी के द्वारा अभियोजन की ओर से मामले की पैरवी की गयी। अपर सत्र न्यायाधीश जेपी सिंह की अदालत ने मामले की अंतिम सुनवाई करते हुए उक्त डकैती की बारदात को अंजाम देने वाले आरोपी अरविंद सिंह, जमुना सोनी, कमल सोनी, रमेश, मुनमुन राजा को दोषी करार देकर आईपीसी की धारा 395 में 10-10 साल की कठोर कैद के साथ 50-50 हजार के जुर्माना की सजा सुनाई साथ ही डकैती का माल खरीदने वाले आरोपी देवीशरण सोनी को धारा 412 में 10 साल की कठोर कैद के साथ 25 हजार के जुर्माना और आरोपी अरविंद को बिना लाईसेंस का कट्टा उपयोग करने के अपराध में एक साल की कठोर केद के साथ 1 हजार के जुर्माने की सजा सुनाई।

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