सरकार ने कहा है कि गंगा नदी में प्रदूषित जल के प्रवाह पर पूरी तरह से रोक लगायी जाएगी और सिर्फ जलशोधन संयंत्र से परिशोधित जल को ही इस नदी में छोडा जाएगा। केन्द्रीय जल संसाधन. नदी विकास एवं गंगा सरंक्षण मंत्री उमा भारती ने कल यहां केन्द्रीय सिंचाई एवं ऊर्जा बोर्ड के एक कार्यक्रम में समारोह को संबोधित करते हुए यह बात दोहरायी। सुश्री भारती ने इस बात पर अफसोस जताया कि नदियों को अंधाधुंध विकास गतिविधियों ने स्वच्छ जल एवं हमारी सांस्कृतिक विरासत के भंडार को कूडा कचरा बहाने का माध्यम बना डाला। उन्होंने कहा कि अगर इसे नहीं रोका गया तो एक दिन ऐसा आयेगा कि हमारे पास स्वच्छ जल बचेगा ही नहीं। उन्होंने कहा ..हम ऐसे कार्यक्रम तैयार कर रहे हैं जिससे यह सुनिश्चित हो सके कि गंगा में सिर्फ परिशोधित जल ही जाये ताकि उसकी पवित्रता एवं स्वच्छता प्रभावित नहीं हो।..उन्होंने कहा कि अगर यह कार्यक्रम सफल रहा तो अन्य नदियों में भी इसे लागू किया जाएगा ताकि वे भी प्रदूषण से मुक्त हो सकें।
सुश्री भारती ने नदियों के विकास को एक दुष्कर कार्य बताते हुए कहा कि इसके लिये सभी सरकारी एजेंसियों. नागरिक एवं सामाजिक संगठनों को आगे आना होगा। सरकार अपनी भूमिका निभायेगी. पर जनभागीदारी के बिना यह संभव नहीं हो सकता। समाज के हर वर्ग को सक्रिय सहभागिता से सुनिश्चित करना होगा कि नदियां प्रदूषित नहीं हों। उन्होंने इसके लिये देश भर में जागरूकता अभियान चलाने तथा स्कूलों में बच्चों को पाठ्यक्रम में ही यह जानकारी दिये जाने पर बल दिया। समारोह में जल संसाधन. नदी विकास एवं गंगा सरंक्षण राज्य मंत्री सांवर लाल जाट भी मौजूद थे। सुश्री भारती ने जल संरक्षण एवं नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान करने वाले 43 व्यक्तियों एवं संगठनों को सम्मानित किया।

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