पद से हटाए जाने की अटकलों के बीच बिहार के सीएम जीतन जीतनराम मांझी ने पटना में दलित और आदिवासी अधिकारियों के साथ बैठक की. बिहार सरकार के मुताबिक ये बैठक अनुसूचित जाति और जनजाति कर्मचारी यूनियन के कहने पर बुलाई गई थी. इस बैठक में दलित और आदिवासी आईएएस और आईपीएस अफसर शामिल हुए.
आरोप लग रहे हैं कि मांझी मुख्यमंत्री पद छिनने से पहले दलितों को अपने पक्ष में लामबंद करने की कोशिश कर रहे हैं. जनता परिवार की एकता पर भी सस्पेंस बरकरार है. बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने माना है कि अभी विलय प्रक्रिया में देरी हो सकती है. नीतीश ने बिहार में 17 जनवरी से शुरू होने वाली संपर्क यात्रा को टाल दिया है. पहले ख़बर थी कि नीतीश बिहार के हर जिले में यात्रा करेंगे.
जनता दल (युनाइटेड) के वरिष्ठ नेता, बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने एक बयान में कहा कि जीतनराम मांझी बिहार मुख्यमंत्री बने रहेंगे. पिछले कुछ दिनों से ऐसी अटकलें थीं कि विवादास्पद बयानों की वजह से मांझी को पद से हटाया जा सकता है. बीते दिनों नीतीश कुमार ने संवाददाताओं से कहा, "मांझी बिहार के मुख्यमंत्री बने रहेंगे. उनको पद से हटाने संबंधी सभी अटकलें गलत हैं." उन्होंने बताया कि वह पार्टी अध्यक्ष शरद यादव, राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) अध्यक्ष लालू प्रसाद और समाजवादी पार्टी (एसपी) के प्रमुख मुलायम सिंह यादव से मिलने दिल्ली गए थे. वहां उन्होंने जनता परिवार के विलय के संबंध में चर्चा की. उन्होंने कहा, "वह जनता परिवार के विलय के संबंध में चर्चा के लिए दिल्ली गए थे. इस दौरे में मांझी को पद से हटाने संबंधी कोई बातचीत नहीं हुई."
उल्लेखनीय है कि पिछले कुछ समय से इस तरह की अटकलें जोरों पर हैं कि मांझी को पद से हटाया जा सकता है. बिहार के चार मंत्रियों ने हालांकि नेतृत्व परिवर्तन की अटकलों को खारिज किया था.
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