बिहार के मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी ने आज कहा कि राजधानी पटना में आवागमन को सुगम बनाने और जाम की समस्या से लोगों को निजात दिलाने में मेट्रो रेल परियोजना अहम साबित होगी। श्री मांझी ने पटना मेट्रो रेल परियोजना के लिए मेट्रो रेल ग्लोबल इन्वेस्टर मीट का उद्घाटन करने के बाद कहा कि पटना में आवागमन की सुविधा बढ़ाने एवं सड़कों पर जाम से उत्पन्न होने वाली समस्याओं से निदान के लिए पहले चरण में राजधानी पटना में मेट्रो रेल की व्यवस्था करेंगे। पटना में मैट्रो ट्रेन चलाने के लिए 12 हजार करोड़ रूपये का विस्तृत परियोजना रिपोर्ट बनी है।पटना में आवागमन की सुविधा सड़क आधारित है. जिस कारण सड़कों पर प्राय: जाम की स्थिति बनी रहती है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने मैट्रो रेल का सपना देखा था। श्री कुमार पटना में मैट्रो रेल प्रोजेक्ट लाना चाहते थे। 2013 से ही इसपर काम हो रहा है। उन्होंने कहा कि वह श्री कुमार के सपने को आगे बढ़ाने के लिए .जो भी मदद करनी होगी करेंगे। पटना की आबादी 22 लाख पहुंच चुकी है। आबादी निरंतर बढ़ रही है। बिहार का जनसंख्या घनत्व बहुत है। राष्ट्रीय औसत की तुलना में यहां की जनसंख्या दुगनी है।
श्री मांझी ने कहा कि बिहार आगे बढेगा तभी देश बढ़ेगा। बिहार को आगे बढ़ाने के लिए वातावरण बना रहे हैं। राज्य के अन्य बड़े शहरों को भी मेट्रो परियोजना से जोड़ा जायेगा। उन्होंने कहा कि राज्य विकास के पथ पर तेजी से अग्रसर है । बिहार में पूंजी निवेश करने वालों को कोई दिक्क्त नहीं होगी क्योंकि राज्य सरकार उन्हें हर तरह का संरक्षण देने के लिये प्रतिबद्ध है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि निवेशकों की तमाम समस्याओं और बाधाओं का त्वरित समाधान होगा। वहीं नगर विकास मंत्री सम्राट चौधरी ने ग्लोबल इन्वेशट मीट को संबोधित करते हुए कहा कि इस परियोजना पर 1200 करोड़ रूपये खर्च होंगे। दानापुर मीठापुर एवं पटना स्टेशन से आई0एस0बी0टी0 कॉरीडोर के अन्तर्गत 27.88 किलोमीटर लंबी रेल परियोजना होगी जिसमें 15.47 किलोमीटर लंबाई भूमिगत होगी जबकि 12.13 किमी की लम्बाई खुले में होगी। उन्होंने बताया कि ईस्टशवेस्ट कोरिडोर दानापुर से मीठापुर के बीच 13 मैट्रो रेल स्टेशन बनेंगे जबकि नार्थशसाउथ कोरिडोर पटना जंक्शनशनये अन्तर राज्य बस अड्डे के बीच में 12 मैट्रो रेल स्टेशन होंगे। श्री चौधरी ने बताया कि परियोजना का डी0पी0आर राईट्स द्वारा बनाया गया है। उन्होंने निवेशकों से सहयोग की अपील करते हुए कहा कि सरकार हर स्तर पर उनके साथ खड़ी है।वहीं नगर विकास सचिव डॉ0 बी0 राजेन्द्र ने परियोजना पर विस्तार से चर्चा की और कहा कि मेट्रो रेल से ट्रैफिक व्यवस्था नियंत्रित हो जाएगी और लोग सुगमता से अपनी यात्रा को कम समय में पूरी कर सकेंगे। राइटस के महाप्रबंधक पीयूष केशल ने भी समारोह को संबोधित किया और पटना मेट्रो रेल परियोजना के संबंध में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि करीब 1200 करोड़ रूपये की लागत वाली इस परियोजना को पूरा होने में पांचवर्षों का समय लगेगा।

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