प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज कहा कि गरीब परिवार के एक छोटे बच्चे को अपने हिस्से का दूध देने की एक घटना के बाद से उन्हें गरीबों की सेवा करने की प्रेरणा मिली है। श्री मोदी ने रेडियो पर आज प्रसारित ..मन की बात.. कार्यक्रम में कहा कि वह एक तरह से साधु का जीवन जी रहे थे और उन्हें उन दिनों लोगों के घर घर जाकर भोजन प्राप्त करना पड रहा था। इसी दौरान उनकी एक व्यकि्त से मुलाकात हुई। वह बहुत गरीब था और बार बार उन्हें अपने घर पर भोजन के लिए आमंत्रित करता था। उन्होंने कहा कि एक दिन उन्होंने उस व्यकि्त के आग्रह को स्वीकार कर लिया और उसके घर पर भोजने करने पहुंच गए। उन्होंने देखा कि वह परिवार बहुत गरीब था और झोंपडी में रहकर जीवन यापन कर रहा था लेकिन उनकी खिदमत में उस परिवार के सदस्यों ने एक तरह से अपनी पूरी ताकत झोंक दी थी। उन्होंने कहा ..परिवार ने मुझें भोजन के साथ दूध का गिलास दिया। इसी बीच मैने देखा कि एक बच्चा कोने पर बैठकर मेरे हिस्से के दूध के कटोरे को टकटकी भरी निगाह से ऐसे देख रहा था जैसे उसने पहले मां के दूध के अलावा दूध पिया ही नहीं हो। मैंने तुरंत अपना दूध का कटोरा उसे दिया तो वह चट उसे पी गया। उसके परिवार के सदस्यों ने उसे डांटनेा चाहा लेकिन मैंने उन्हें ऐसा नहीं करने को कहा। श्री मोदी ने कहा कि उस दिन उन्होंने संकल्प लिया कि वह गरीबों की सेवा करेंगे और उनके लिए जिएंगे।
श्री ओबामा और श्री मोदी दोनों ने ही युवाों से कहा कि वे कुछ बनने का सपना देखने के बजाय कुछ करने का सपना देखें 1 उन्होंने अपनी अपनी पृष्ठभूमि का हवाला देते हुए कहा कि उन्होंने कभी यह नहीं सोचा था कि अपने जीवन में वह इस मुकाम पर पहुंचेंगे। दोनों ही नेताों ने कहा कि इसके लिए ईश्वर ने उन्हें असाधारण अवसर दिये हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति ने एक सवाल के जवाब में कहा कि भारत और अमेरिका मोटापे. मधुमेह और इबोला तथा पोलियो जैसे संक्रामक रोगों से दुनिया भर में निपटने के लिए प्रतिबद्ध हैं। उन्होंने कहा कि दुनिया भर में स्वास्थ्य सुधार के क्षेत्र में ढांचागत सुविधाों को बढाये जाने की जरूरत है। श्री मोदी ने कहा कि इस क्षेत्र में भारत में उल्लेखनीय काम हो रहा है और हम दोनों ने मिलकर काम करने के बारे में बात की है। सरकार के बेटी बचाओ बेटी पढाओ मिशन के बारे में श्री मोदी ने कहा कि देश में लिंग अनुपात में लडकियों की संख्या कम होना चिंता का विषय है और इसे दूर करने के लिए हमें लडकियों के लालन पालन का नजरयिा बदलना होगा 1 बेटी के जन्म को गौरव से जोडना होगा क्योंकि बेटी बचाना . इन्हें पढाना और लिखाना हमारा सामाजिक . सांस्कृतिक और मानवीय र्कतव्य है जिसे हमें निभाना चाहिए। इस मिशन पर श्री ओबामा से मदद के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा .. राष्ट्रपति ओबामा का जीवन ही अपने आप में एक प्रेरणा है और जिस प्रकार वह अपनी दो बेटियों का लालन पालन कर रहे हैं और उन पर गर्व करते हैं. श्री ओबामा ने इस बात पर अफसोस जताया कि परीक्षा के कारण वह अपनी बेटियों को भारत नहीं ला सके लेकिन अगली बार मौका मिला तो वह अवश्य आना चाहेंगी 1 उन्होंने कहा कि वह बेटियों के लिए खरीददारी भी करेंगे। अमेरिकी राष्ट्रपति ने दोनों देशों के बीच संबंधों को प्रगाढ बनाने के लिए श्री मोदी के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि दोनों देश लाखों भारतीय अमेरिकियों से जुडे हुए हैं जो आज भी भारत की परंपराों को बढा रहे हैं। श्री मोदी ने कहा कि दोनों देशों की प्राचीन और मजबूत विरासत है जब हम महात्मा गांधी की चर्चा करते हैं तो हमें मार्टिन लूथर और श्री ओबामा जैसी हस्तियों से उनके बारे में सम्मान की बातें सुनने को मिलती हैं। ये बातें विश्व को जोडती हैं।

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