बिहार का अगला मुख्यमंत्री कोई दलित ही बनेगा: जीतन राम मांझी
नरकटियागंज(अवधेश कुमार शर्मा) बिहार का मुख्यमंत्री मैं नहीं बनूंगा यह तय है लेकिन अगला मुख्यमंत्री कोई दलित ही बनेगा। बिहार के विकास के लिए सरकार के 57 हजार करोड़ रूपये के बजट को केन्द्र सरकार ने 50 हजार करोड़ पर समेट दिया। जिसके कारण बिहार के विकास की गति को धक्का लगा है। मुख्यमंत्री मांझी ने सभी समाज के दलितो समेत समाज के अनुसूचित जाति व जन जाति के लोगों से कहा कि वे दूर दृष्टि और पक्का इरादा रखे तो विकास सुनिश्चित है। श्री मांझी ने केन्द्र सरकार पर खूब निशाना साधा और कहा कि केन्द्र सरकार ने बिहार के विकास का सपना दिखा कर सत्ता तो हथिया लिया लेकिन बिहार और बिहारियों को हासिये पर धकेल दिया है।
थारू समाज के विकास के लिए थरूहट विकास प्राधिकरण को 100करोड़ की राशि का आवंटन किया गया हैं। उन्होंने मुख्य सचिव बिहार की ओर इशारा करते हुए कहा कि अमृत बाबू एक अधिकारी के स्थानान्तरण की फाइल बढाने में डेढ माह लगा यह उचित नहीं भीटीआर के सीएफओ का तबादला शीघ्र होना चाहिए। इतना ही नहीं वनवासियों पर दर्ज मुकदमा की सुनवाई शीघ्र कर उन्हे दोषमुक्त कर दिया जाए। थारूओ व आदिवासियों से उन्होंने कहा कि वे शराब पीना बन्द कर बच्चों को शिक्षा दे। बिमार होने पर आझा के चक्कर में नहीं पडें नजदीकी डाॅक्टर के पास जाए अन्यथा बाद में पछताना पड़ सकता हैं। केन्द्र सरकार पर दूबारा निशाना साधा मुख्यमंत्री ने और कहा कि विगत वर्ष के आवंटन में केंन्द्र सरकार ने 6 लाख इन्दिरा आवास की स्वीकृति दी थी जो घटाकर मोदी की सरकार ने दो लाख चालीस हजार कर दिया है। अब तो शौचालय बनाने तक की राशि भी केंन्द्र सरकार ने रोक दिया हैं।
जीतन राम मांझी ने आन्दोलन करने वाले सांख्यिकी स्वयंसेवको, आशा कार्यकर्ताओ, अमीन, पुलिस मित्रों को कहा कि वे आकर मिले, सबको सम्मान मिलेगा। उपर्युक्त बाते भारतीय थारू कल्याण महासंघ की 38 वें राष्ट्रीय अधिवेशन के उद्घाटन समारोह में बिहार के मुख्यमंत्री जीतनराम मांझी ने उपस्थित जनसैलाब को सम्बोधित करते हुए कहा। इसके पूर्व अपने निर्धारित समय से विलम्ब करते हुए करीब अपराह्न के दो बजकर 45 मिनट पर पहुंचे मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी का भव्य स्वागत थारू कल्याण महासंघ के द्वारा किया गया। हालाकि भारतीय थारू कल्याण महासंघ का तीन दिवसीय 38 वाँ अधिवेशन था लेकिन कई राजनीतिक कारणों से काफी चर्चा में रहा। मंच पर भारतीय जनता पार्टी की बहुलता दिखी और कई जद यू के नेताओं में क्षोभ दिखा। जद यू नेता और पूर्व विधायक सुबोध कुमार पासवान को बोलने का मौका तक नहीं दिया गया। हालाकि पार्टी के लोगों ने इसके लिए कमजोर संगठन को जिम्मेदार ठहराया और दोषारोपण पूर्व सांसद बैद्यनाथ प्रसाद महतो के माथे किया। मुख्यमंत्री के साथ कला संस्कृति मंत्री बिनय बिहारी व शिक्षा मंत्री वृषिण पटेल मौजूद रहे तथा क्षेत्रीय विधायक भागीरथीदेवी, राजेश सिंह, प्रभात रंजन सिंह, पूर्व सांसद बैद्यनाथ प्रसाद महतो रहे। उद्घाटन समारोह की अध्यक्षता पूर्व विधान पार्षद प्रेमनारायण गढवाल ने किया। भारतीय थारू कल्याण महासंघ ने 15 सूत्री मांग पत्र मुख्यमंत्री को सौंपा।
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