शीतलहर के चपेट में नरकटियागंज, अलाव की व्यवस्था नदारद
नरकटियागंज(पच) पूरे क्षेत्र की जनता दिनों शीतलहर की चपेट में है, बावजूद किसी जनप्रतिनिधि ने जनहित में अलाव जलाने की मांग अनुमण्डल प्रशासन से नहीं किया है। शीतलहर के कारण क्षेत्र का जनजीवन अस्त व्यस्त हो गया हैं। सुबह लोग सात बजे तक घर से निकल रहे हैं, विभिन्न दफ्तरों के हालात् भी कमोबेश उसी तरह है। सरकारी कार्यालयों में अधिकारी व कर्मचारी सर्द मौसम की कड़ाके की सर्दी में समय पर नहीं पहुँच रहे है। जिला प्रशासन ने हालाकि स्कूलों को 14 जनवरी 2015 तक बन्द करने का निर्देश जारी कर दिया है, लेकिन आंगनबाड़ी केन्द्र का संचालन जारी है। वह भी सिर्फ पोषाहार के लिए, जबकि 03 से 06 वर्ष के बच्चे शीतलहर में भोजन के लिए केन्द्र पर जाएँगे, है न विस्मित करने वाली बात! सुबह कोहरे की चादर ओढे आ रही है तो शाम पछिया हवा की चादर लहराती हुई पहँुच जा रही है। चैक चैराहों पर लोग दुकान से निकले कचरों को जलाकर हाथ गर्म करते दिख जाएंगे, जिसमें पाॅलिबैग की तादाद ज्यादा होती है और उससे पर्यावरण को सर्वाधिक नुकसान हो रहा हैं। सरकारी अस्पताल में मरीज व उनके परिजनों को अलाव के लिए जिला स्वास्थ्य समिति ने राशि आवंटित किया भी तो अलाव के नाम पर एक दिन कुछ लकडि़याँ जला कर खानापूरी कर ली गयी। उसके बाद से अस्पताल परिसर में मरीज व उनके परिजनों को सर्द से बचने के लिए कम्बल लपेटना पड़ रहा है अन्यथा सड़क के किनारे पुआल व कचरा जला कर आग का सहारा लेना पड़ रहा हैं।

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