नेपाल में नये संविधान पर गतिरोध जारी.संविधान सभा में हंगामा - Live Aaryaavart (लाईव आर्यावर्त)

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गुरुवार, 22 जनवरी 2015

नेपाल में नये संविधान पर गतिरोध जारी.संविधान सभा में हंगामा

nepal-constitution
नेपाल में नये संविधान को लेकर राजनीतिक पार्टियों के बीच अब तक आम सहमति नहीं  बन पायी है और इसे पारित करने की आज अंतिम तारीख होने के बावजूद संविधान सभा कोई फैसला नहीं कर सकी है। देश की दूसरी संविधान सभा की बैठक में आज सत्तारूढ सीएपीएन.यूएमएल. और विरोधी. यूसीपीएन. माओवादी. के बीच तनातनी बरकरार रही 1 विरोधी दलों के हंगामे को देखते हुए सीएपीएन.यूएमएल. के अध्यक्ष के पी शर्मा ओली सदन से बाहर चले गये। श्री ओली ने कहा कि  यूसीपीएन.माओवादी. पार्टी की वजह से देश संकट के गर्त में डूबेगा।श्री ओली से जब पूछा गया कि क्या सत्तारूढ गठबंधन  यूसीपीएन.माओवादी. पार्टी से बातचीत करेगा तो उन्होंने कहा कि विरोधी पार्टियों के हंगामे ने बातचीत का माहौल खराब कर दिया है। यूसीपीएन.माओवादी.. पार्टी की अुगवाई में संविधान सभा की बैठक को बाधित करने में जुटी 19 पार्टियों के गठबंधन ने नये संविधान के मुद्दे पर होने वाली वोटिंग की पूरी प्रक्रिया के विरोध में नारे लगाये।    यूसीपीएन.माओवादी आम सहमति की बात पर अडिग है जबकि सत्तारूढ गठबंधन संविधान पारित कराने के लिए वोटिंग कराने पर जोर दे रहा है।

सीएपीएन.यूएमएल के वरिष्ठ नेता झाला नाथ खनल ने कहा कि भले ही आज संविधान पारित नहीं हो पा रहा है लेकिन संविधान सभा नये संविधान के बारे में लोगों के सामने  आज ही कुछ नया और सकारात्मक पेश करेगी। उन्होंने कहा कि संविधान का मसौदा तैयार करने वाले अगले कुछ सप्ताह में नया संविधान ले आयेंगे।उन्होंने कहा कि पूरी दुनिया के लोकतांत्रिक देशों की यही प्रक्रिया है  कि जब संविधान पर आम सहमति नहीं बन पाती तो उसे वोटिंग करके अपना लिया जाता है। उधर चार बडी राजनीतिक पार्टियों के मुख्य सचेतकों ने आज संविधान सभा के अध्यक्ष सुभाष नेमांग को सलाह दी कि वे उनकी पार्टी के शीर्षा नेता से मुलाकात करने का समय दें। सुभाष नेमांग आज ही इन पार्टियों के नेताों से मुलाकात करेंगे। 

संविधान सभा चल रही इस तनातनी के बीच सभा सचिवालय के प्रवक्ता मुकुंद शर्मा ने बताया कि आज सुबह सुरक्षा जांच के दौरान सुरक्षार्कमियों ने  बैठक कक्ष से मिर्च पाउडर के दस पैकेट बरामद किये। संविधान पारित करने की आज अंतिम तिथि होने के कारण संविधान सभा के अंदर और बाहर सुरक्षा व्यवस्था काफी चौकस कर दी गयी है। यूसीपीएन.माओवादी तथा अन्य विपक्षी पार्टियों ने गत मंगलवार को इसी मुद्दे पर संसद में जमकर हंगामा मचाया था। उस दिन संसद में ही जूते चप्पल चलने लगे थे जिसमें तीन मार्शल घायल हो गये थे। सत्तारूढ गठबंधन का कहना है कि अगर विपक्ष विवादग्रस्त मुद्दों पर सहमत नहीं होता और अपना विरोध जारी रखता है तब भी वह इसे संसद में पारित करायेगी।

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