विद्युत एवं कोयला मंत्री पीयूष गोयल ने आज कोल इंडिया के श्रमिकों की आाशंकाों को दूर करते हुए साफ किया कि कोल इंडिया का निजीकरण नहीं कया जाएगा. श्री गोयल नें इन खबरों को भी निर्मूल बताया कि कोयला मजदूरों की इस दो दिन की हडताल के कारण अनेक ताप बिजलीघरों में कोयले का भंडार चिंताजनक स्तर तक कम हो गया है और इससे बिजली उत्पादन प्रभावित हो सकता है । उल्लेखनीय है कि पांच यूनियनों ने कोल इंडिया के निजीकरण का विरोध करते हुए पांच दिन की हडताल का आह्वान किया था लेकिन ऊर्जा मंत्री के प्रयासों के चलते इसे दो दिन में ही वापस ले लिया गया 1 श्री गोयल ने आज यहां एक संवाददाता सम्मेलन में स्पष्ट किया कि बिजली की दरों में फिलहाल कोई वृद्धि नहीं होने जा रही है । श्री गोयल ने इस अवसर पर अपने मंत्रालय के 200 दिनों के काम काज पर ई बुक एवं पाकिट बुक भी जारी की 1उन्होंने कहा कि सरकार इस बात के प्रयास कर रही है कि बिजली की कीमतें घटें साथ ही ऐसे नियम भी बनाए जा रहे हैं जिनके तहत बिजली की दरों में इजाफा होने की संभावना कम हो जायेगी.
श्री गोयल ने आश्वासन दिया कि कोल इंडिया का निजीकरण नहीं किया जाएगा इसलिए र्कमचारियों को डरने की जरूरत नहीं है। उनका कहना था कि कोयला खदाने सरकार की देखरेख में चलती रहेंगी और हर स्थिति में र्कमचारियों के हितों की हिफाजत की जाएगी 1 उन्होंने कहा कि नयी खदाने खुलने से कोयला क्षेत्र में रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे। श्री गोयल ने कहा कि कोयला र्कमचारी यूनियन के नेताों के साथ कल हुए समझौते के अनुरूप संयुक्त सचिव स्तर के अधिकारी की अध्यक्षता में एक समिति बनाने का निर्णय लिया गया है। समिति में मंत्रालय के अधिकारियों के अलावा पांचों श्रमिक संगठनों के प्रतिनिधि भी शामिल होंगे। यह समिति श्रमिक संगठनों के प्रतिनिधियों के माध्यम से मजदूरों की समस्या को सरकार के समक्ष रखेगी और फिर उसकी सिफारिशों पर विचार किया जाएगा। उन्होंने कहा कि श्रमिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने उन्हें कल आश्वासन दिया है कि देश में कोयला का उत्पादन बढाया जाएगा और इसमें कमी नहीं आने दी जाएगी। उनका कहना था कि देश में अगले पांच साल 1.6 अरब टन कोयले का उत्पादन किया जाएगा और दस साल में इसे बढाकर तीन अरब टन कर दिया जाएगा। कोयला मजदूर संगठनों को तोडने के आरोप से संबंधित एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि यह आरोप गलत है। सभी संगठनों के प्रतिनिधि बातचीत से संतुष्ट थे और बातचीत बेहद सौहार्दपूर्ण माहौल में हुयी 1 उन्होंने कहा कि सरकार पारर्दशी तरीके से काम कर रही है और मजदूर संगठनों के प्रतिनिधियों के साथ जो बातचीत हुई है उसे जल्द ही वेब साइट पर डाल दिया जाएगा।

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