PIO, OCI विलय वाले अध्यादेश पर राष्ट्रपति ने दी मंजूरी - Live Aaryaavart (लाईव आर्यावर्त)

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बुधवार, 7 जनवरी 2015

PIO, OCI विलय वाले अध्यादेश पर राष्ट्रपति ने दी मंजूरी

प्रवासी भारतीय दिवस से ठीक पहले राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी ने पीआइओ (भारतीय मूल के व्यक्ति) व बाहर बसे भारतीयों (ओसीआइ) की नागरिकता का विलय करने के अध्यादेश पर हस्ताक्षर कर दिया है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने अमेरिका और आस्ट्रेलिया दौरे के दौरान इस आशय का वादा किया था. 

राष्ट्रपति द्वारा नागरिकता संबंधी अध्यादेश पर हस्ताक्षर करने की जानकारी उनके प्रेस सचिव वेणु राजामणि ने मीडिया को दी. उल्लेखनीय है कि इस आशय की खबरें पहले से ही मीडिया में आ रही थी कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी विदेश में बसे भारतीय मूल के लोगों की नागरिकता को आसान बनाने की पहल करेंगे. गृह मंत्रलय ने 1955 के भारतीय नागरिकता अधिनियम में संशोधन लाने के संबंध में यह अध्यादेश तैयार किया था. जिस पर  बुधवार से गांधीनगर में शुरू होने वाले प्रवासी भारतीय दिवस के पूर्व राष्ट्रपति ने हस्ताक्षर कर दिया. 

उल्लेखनीय है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सिडनी में 17 नवंबर को अपने संबोधन में वादा किया था कि पीआइओ और ओसीआइ कार्ड का दो महीने में विलय कर दिया जायेगा. इसके बाद गृह मंत्रलय ने लोकसभा में नागरिकता (संशोधन) विधेयक, 2014 संसद में पेश किया था. पर, संसद में हंगामे के कारण यह विधेयक पारित नहीं हो सका. अगर सरकार इस विधेयक को पारित कराने के लिए संसद के अगले सत्र का इंतजार करती तो वह इसे दो महीने में लागू करने के वादे को पूरा नहीं कर पाती. ऐसे में सरकार ने इस संबंध में अध्यादेश लाने का रास्ता अपनाया. नरेंद्र मोदी सरकार इस उपाय के जरिये भारतीय मूल के लोगों की देश के विकास में भागीदारी बढ़ाना चाहती है. 

इस अध्यादेश के बाद पीआइओ को नागरिकता के विभिन्न लाभ मिल सकेंगे. उन्हें भी जीवन र्पयत वीजा मिल सकेगा और भारत के हर दौरे पर आने के दौरान उन्हें स्थानीय थाने में पेश होने की झंझट से भी छुटकारा मिल जायेगा. उल्लेखनीय है कि प्रवासी भारतीय दिवस कार्यक्रम में राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी व प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी शामिल होने वाले हैं.

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